भजन: मन तड़पत हरि दर्शन को आज (Mann Tarpat Hari Darshan Ko Aaj)


मन तड़पत हरि दर्शन को आज
मोरे तुम बिन बिगड़े सकल काज
विनती करत हूँ रखियो लाज
॥ मन तड़पत हरि...॥

तुम्हरे द्वार का मैं हूँ जोगी
हमरी ओर नज़र कब होगी
सुन मोरे व्याकुल मन का बात
॥ मन तड़पत हरि...॥

बिन गुरू ज्ञान कहाँ से पाऊँ
दीजो दान हरी गुन गाऊँ
सब गुनी जन पे तुम्हारा राज
॥ मन तड़पत हरि...॥

मुरली मनोहर आस न तोड़ो
दुख भंजन मोरा साथ न छोड़ो
मोहे दरसन भिक्षा दे दो आज, दे दो आज
॥ मन तड़पत हरि...॥

मन तड़पत हरि दर्शन को आज
मोरे तुम बिन बिगड़े सकल काज
विनती करत हूँ रखियो लाज

Mann Tarpat Hari Darshan Ko Aaj in English

Mann Tarpat Hari Darshan Ko Aaj More Tum Bin Bigde Sakal Kaaj Vinti Karat Hoon Rakhiyo Laaj
यह भी जानें

BhajanShri Ram BhajanShri Raghuvar BhajanRam Navmi BhajanSundarkand BhajanRamayan Path BhajanVijayadashami Bhajan BhajanMata Sita BhajanRam Sita Vivah Bhajan


अगर आपको यह लेख पसंद आया, तो कृपया शेयर, लाइक या कॉमेंट जरूर करें!

* यदि आपको इस पेज में सुधार की जरूरत महसूस हो रही है, तो कृपया अपने विचारों को हमें शेयर जरूर करें: यहाँ शेयर करें
** आप अपना हर तरह का फीडबैक हमें जरूर शेयर करें, तब चाहे वह सकारात्मक हो या नकारात्मक: यहाँ शेयर करें

भजन: सजा दो घर को गुलशन सा

सजा दो घर को गुलशन सा, अवध मे राम आए है, मेरे सरकार आए हैं..

रामजी भजन: मंदिर बनेगा धीरे धीरे

रामजी का मंदिर बनेगा धीरे धीरे, सरयू के तीरे, सरयू के तीरे

भजन: बांटो बांटो मिठाई मनाओ ख़ुशी

बांटो बांटो मिठाई मनाओ ख़ुशी, मुँह मीठा करवाओ अवध वासियो, आज वन से अवध आ रहे है प्रभु..

भजन: मेरो कान्हा गुलाब को फूल

मेरो कान्हा गुलाब को फूल, किशोरी मेरी कुसुम कली ॥ कान्हा मेरो नन्द जू को छौना..

भजन: मुझे तूने मालिक, बहुत कुछ दिया है।

मुझे तूने मालिक, बहुत कुछ दिया है। तेरा शुक्रिया है, तेरा शुक्रिया है।

भजन: मेरा हाथ पकड़ ले रे, कान्हा..

मेरा हाथ पकड़ ले रे, कान्हा दिल मेरा घबराये, काले काले बादल..

भजन: तेरा किसने किया श्रृंगार सांवरे

तेरा किसने किया श्रृंगार सांवरे, तू लगे दूल्हा सा दिलदार सांवरे । मस्तक पर मलियागिरी चन्दन..

🔝