Haanuman Bhajan
गूगल पर भक्ति भारत को अपना प्रीफ़र्ड सोर्स बनाएँ

ब्रज के भावनात्मक 12 ज्योतिर्लिंग (Braj Ke 12 Bhavanatmak Jyotirling)

Add To Favorites Change Font Size
1. ब्रजेश्र्वर महादेव: बरसाना: श्री राधा रानी के पिता भृषभानु जी भानोखर सरोवर मे स्नान करके नित्य ब्रजेश्वर महादेव की पूजा करते थे।
2. नंदीश्र्वर महादेव: नन्दगाँव: यहाँ पर महादेवजी पर्वत रूप मे विराजित है जिनके ऊपर नंदभवन बना हुआ है।

3. आसेश्र्वर महादेव: नन्दगाँव: यहाँ पर महादेवजी नंदलाला के(जन्म उत्सव के) दर्शन की आस लगाकर बैठे है।

4. कामेश्र्वर महादेव: काम्य वन(कामा): यहाँ पर महादेव जी ने पार्वती जी की राधा तत्व की महिमा जानने की कामना पूर्ण की।

5. रामेश्वर महादेव: काम्य वन(कामा)

6. केदारनाथ महादेव: बिलोंद-कामा से 10 km आगे, सफेद शिलाओं के पर्वत पर बना प्राकृतिक मन्दिर।

7. पशुपतीनाथ: पसोपा गांव कामा से 10 km दक्षिण मे है।
ब्रजवासीयों को लाला ने रामेश्वर, केदारनाथ व पशुपतीनाथ के दर्शन यही कराये थे तब से ये यही विराजमान है।

8. चक्रेश्र्वर महादेव: गोवर्धन: तीनों नेत्रों से लाला का दर्शन करके महादेवजी की प्यास नहीं मिटी तो ठाकुरजी ने चार मुख प्रधान किये। महादेवजी यहाँ पर पंच मुखी है अत: पांच शिवलिंग है।

9. भूतेश्र्वर महादेव: मथुरा: संसार में व्यक्ति के मर जानेपर उसके कर्म का लेखाजोखा यमराज करते है,
पर कहा जाता है की ब्रज में जो व्यक्ति मर जाता है उसका लेखाजोखा भूतेश्रवर महादेव करते है।

10. रंगेश्र्वर महादेव: मथुरा: श्री कृष्ण ने मथुरा की रक्षार्थ इनको स्थापित किया था।
उत्तर: गोकर्ण महादेव।
पूर्व: पीप्लेश्र्वर महादेव।
दक्षिण: रंगेश्र्वर महादेव।
पश्चिम: भूतेश्रवर महादेव।

11. चिंताहरण महादेव: मथुरा से 15 km दाऊजी के रास्ते में: यहाँ लीला आसेश्र्वर महादेवजी की तरह है।
श्रध्दा पूर्वक इनके दर्शन करने से सभी चिंताओं से मुक्ति हो जाती है।

12. गोपेश्र्वर महादेव: वृंदावन: महादेव जी ने गोपी बनकर महारास में प्रवेश किया।

Blogs Brajbhoomi BlogsBraj BlogsLord Krishna BlogsRadha Rani BlogsShiv BlogsMahadev BlogsJyotirling Blogs12 Jyotirling Blogs

अगर आपको यह ब्लॉग पसंद है, तो कृपया शेयर, लाइक या कॉमेंट जरूर करें!

Whatsapp Channelभक्ति-भारत वॉट्स्ऐप चैनल फॉलो करें »
इस ब्लॉग को भविष्य के लिए सुरक्षित / बुकमार्क करें Add To Favorites
* कृपया अपने किसी भी तरह के सुझावों अथवा विचारों को हमारे साथ अवश्य शेयर करें।

** आप अपना हर तरह का फीडबैक हमें जरूर साझा करें, तब चाहे वह सकारात्मक हो या नकारात्मक: यहाँ साझा करें

ब्लॉग ›

भगवान जगन्नाथ का नीलाद्रि बीजे अनुष्ठान क्या है?

नीलाद्रि बीजे, वार्षिक रथ यात्रा उत्सव के अंत और भगवान जगन्नाथ की गर्भगृह में वापसी को चिह्नित करता है या फिर आप भगवान जगन्नाथ और उनकी प्यारी पत्नी माँ महालक्ष्मी के बीच एक प्यारी सी कहानी बता सकते हैं।

देवघर के आस-पास घूमने की सबसे अच्छी जगह

अगर आप देवघर जाने की योजना बना रहे हैं तो बाबा बैद्यनाथ के मुख्य मंदिर के अलावा आप देवघर में और भी बहुत कुछ देख सकते हैं। शिवगंगा | त्रिकूट पर्वत | नंदन पहाड़ी | सत्संग आश्रम | नौलखा मंदिर | तपोवन | रिखियापीठ आश्रम | हरिला जोरिक | श्रीनिवास आंगन | देवसंगा मठ

समाधि क्या है? भू-समाधि और जल-समाधि में अंतर बताइए?

हिंदू धार्मिक परंपराओं में संत या गुरु के रूप में माने जाने वाले लोगों को सम्मानित करने के लिए समाधि स्थलों को अक्सर इस तरह से बनाया जाता है, जिसमें कहा जाता है कि ऐसी आत्माएं महा समाधि में चली गई थीं, या मृत्यु के समय पहले से ही समाधि में थीं।

भगवान जगन्नाथ के अलग-अलग बेश?

बेश एक संस्कृत शब्द है, जिसका अर्थ है पोशाक, पोशाक या पहनावा। 'मंगला अलाती' से 'रात्रि पहुड़' तक प्रतिदिन, पुरी के श्री जगन्नाथ मंदिर की 'रत्नवेदी' पर देवताओं को सूती और रेशमी कपड़ों, कीमती पत्थरों से जड़े सोने के आभूषणों, कई प्रकार के फूलों और अन्य पत्तियों और जड़ी-बूटियों से सजाया जाता है। जैसे तुलसी, दयान, मरुआ आदि। चंदन का लेप, कपूर और कभी-कभी कीमती कस्तूरी का उपयोग दैनिक और आवधिक अनुष्ठानों में किया जाता रहा है।

ISKCON एकादशी कैलेंडर 2026

यह एकादशी तिथियाँ केवल वैष्णव सम्प्रदाय इस्कॉन के अनुयायियों के लिए मान्य है | ISKCON एकादशी कैलेंडर 2026

भगवान अलारनाथ की कहानी: श्री जगन्नाथ कथा

अनासार के दौरान जब भगवान जगन्नाथ बीमार हो जाते हैं, तब अलारनाथ मंदिर परिसर मे भगवान को खीर का भोग लगाया जाता है तथा साथ ही साथ भक्तों को भी यही भोग भेंट किया जाता है।

क्यों महाप्रभु एक दिन में मौसी माँ के घर नहीं पहुँच पाते?

धार्मिक परंपरा, रीति-रिवाजों के महत्व और व्यावहारिक कारणों से पुरी जगन्नाथ रथ यात्रा आमतौर पर एक दिन में गुंडिचा मंदिर नहीं पहुँचती है।

Hanuman Chalisa - Hanuman Chalisa
Hanuman Chalisa - Hanuman Chalisa
Bhakti Bharat APP