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लता मंगेशकर जी - शत् शत् नमन (Rip Lata Mangeshkar - Shat Shat Naman)

लता मंगेशकर जी - शत् शत् नमन
भारत की कोकिला लता मंगेशकर जी के निधन पर उन्हें शत् शत् नमन। उनके द्वारा गाये हुए भजनों को सुनकर भक्त अक्सर भाव विभोर हो जाते हैं। आइये उनके द्वारा गाये हुए कुछ भजनों को सुनते हैं। यही उनकी सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
❀ यहाँ वहाँ जहाँ तहाँ - माँ संतोषी भजन
❀ छोटी-छोटी कन्याएं: भजन
❀ वंदना: ज्ञान का दान ही सबसे बड़ा हैं
❀ ठुमक चलत रामचंद्र, बाजत पैंजनियां: भजन
❀ करती हूँ तुम्हारा व्रत मैं - माँ संतोषी भजन
❀ भजन: बृन्दावन का कृष्ण कन्हैया
❀ वंदना: ज्ञान का दान ही सबसे बड़ा हैं
❀ श्री हनुमान जी आरती
❀ श्री बजरंग बाण पाठ
❀ श्री राम स्तुति: श्री रामचन्द्र कृपालु भजुमन
❀ प्रभू तेरो नाम
❀ वंदना: ज्ञान का दान ही सबसे बड़ा हैं

Rip Lata Mangeshkar - Shat Shat Naman in English

Tributes to the Nightingale of India Lata Mangeshkar ji on her death. Devotees often get emotional after listening to the hymns sung by him. Let us listen to some of the hymns sung by him. This will be his true tribute.
यह भी जानें

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भारत के टॉप टेन प्रसिद्ध भजन गायक

भजन एक प्रकार का गीत है जिसे भगवान के प्रति सम्मान और भक्ति दिखाने के लिए बजाया जाता है। भजन किसी भी भाषा में हो सकते हैं। कुछ मंत्रों का उच्चारण संगीत के रूप में किया जाता है। भारत में कई प्रसिद्ध हिंदी भजन गायक हैं, जैसे की:

पितृ पक्ष में किन भोजनों से परहेज किया जाता है?

हिंदुओं का मानना ​​है कि पितृ पक्ष मैं श्राद्ध करने से पूर्बजों को मुक्ति मिलती है और प्रसन्न होते हैं। श्राद्ध की रस्में हिंदू परंपराओं के अनुसार बहुत सारे प्रतिबंधों के तहत की जाती हैं। इस दौरान कुछ भोजनों से परहेज किया जाता है।

पितृ पक्ष में मौली क्यों नहीं बाँधी जाती?

पितृ पक्ष की पूजा के दौरान मौली (पूजा के दौरान कलाई पर बाँधा जाने वाला पवित्र लाल-पीला धागा) नहीं बाँधी जाती क्योंकि इस अवधि में किए जाने वाले अनुष्ठान केवल पितरों (पूर्वजों) के लिए होते हैं, न कि देवताओं के लिए।

हिंदू धर्म में विभिन्न धागों का महत्व

हिंदू धर्म में बुराइयों से छुटकारा पाने के कई उपाय हैं। हिन्दू धर्म में पवित्र सूत्रों का बड़ा महत्व होता है। लोग इन पवित्र धागों को अपने शरीर के विभिन्न अंगों में धारण करते हैं सकारात्मक परिणामके लिए। पवित्र धागों में लाल, नारंगी, सफेद, काला और पीला जैसे विभिन्न रंग मौजूद होते हैं। सभी धागों के अपने विशिष्ट कारण होते हैं।

गणेश विसर्जन कैसे करें

गणेश चतुर्थी उत्सव में गणेश विसर्जन एक महत्वपूर्ण अनुष्ठान है, जो भगवान गणेश को समर्पित उत्सवों के समापन का प्रतीक है।

गणेशोत्सव 2026

आइए जानें! श्री गणेशोत्सव, श्री गणेश चतुर्थी, अनंत चतुर्दशी एवं गणपति विसर्जन से जुड़ी कुछ जानकारियाँ, प्रसिद्ध भजन एवं सम्वन्धित अन्य प्रेरक तथ्य..

बुढ़वा मंगल विशेष 2026

भादौं माह के अंतिम मंगलवार को माए जाने वाला त्यौहार बुढ़वा मंगल, मध्य उत्तर प्रदेश अर्थात व्रज मंडल में हनुमान जी का सबसे प्रसिद्ध उत्सव है।

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