Shri Krishna Bhajan
गूगल पर भक्ति भारत को अपना प्रीफ़र्ड सोर्स बनाएँ

राहु मंत्र (Rahu Mantra)


राहु मंत्र
राहु का अपना कोई भौतिक अस्तित्व नहीं है। यह एक छाया ग्रह है, लेकिन छाया ग्रह होने के बावजूद कुंडली पर इसका गहरा प्रभाव रहता है। राहु के प्रभाव हमेशा अशुभ नहीं होते।
आधुनिक समय में, कई नई प्रौद्योगिकियां राहु के प्रभाव में आती हैं। इसे हमेशा अशुभ नहीं माना जा सकता। हालांकि, यह सच है कि कभी-कभी स्वास्थ्य की दृष्टि से, यह ऐसी बीमारियों का कारण बन सकता है जिन्हें ठीक होने में समय लगता है।

इस दौरान, व्यक्ति की बुद्धि कुछ हद तक भ्रमित हो जाती है। वे ऐसे निर्णय लेते हैं जिनका उन्हें भविष्य में पछतावा हो सकता है। सही और गलत में अंतर करना मुश्किल हो जाता है। राहु के नकारात्मक प्रभावों से बचने के लिए राहु मंत्र का जाप करना चाहिए। इस मंत्र का जाप रात में करना चाहिए और शनिवार से शुरू करना चाहिए।


राहु का वैदिक मंत्र
ऊँ कयानश्चित्र आभुवदूतीसदा वृध: सखा । कयाशश्चिष्ठया वृता ।

राहु का तांत्रोक्त मंत्र
ऊँ ऎं ह्रीं राहवे नम:
ऊँ भ्रां भ्रीं भ्रौं स: राहवे नम:
ऊँ ह्रीं ह्रीं राहवे नम:


नाम मंत्र
ऊँ रां राहवे नम:

राहु का पौराणिक मंत्र
ऊँ अर्धकायं महावीर्य चन्द्रादित्यविमर्दनम ।

Rahu Mantra in English

Om Em Hreem Rahve Namah: Om Bhram Bhram Bhrom Sah: Rahve Namah
यह भी जानें

Mantra Rahu Mantra MantraGrah Mantra MantraShri Shani MantraChandra MantraMangal MantraBudh MantraBrihaspati MantraShukra MantraRahu MantraKetu MantraNavgrah Mantra

अगर आपको यह मंत्र पसंद है, तो कृपया शेयर, लाइक या कॉमेंट जरूर करें!

Whatsapp Channelभक्ति-भारत वॉट्स्ऐप चैनल फॉलो करें »
इस मंत्र को भविष्य के लिए सुरक्षित / बुकमार्क करें Add To Favorites
* कृपया अपने किसी भी तरह के सुझावों अथवा विचारों को हमारे साथ अवश्य शेयर करें।

** आप अपना हर तरह का फीडबैक हमें जरूर साझा करें, तब चाहे वह सकारात्मक हो या नकारात्मक: यहाँ साझा करें

मंत्र ›

राहु मंत्र

ऊँ ऎं ह्रीं राहवे नम: ऊँ भ्रां भ्रीं भ्रौं स: राहवे नम:

श्री रुद्राष्टकम्

नमामीशमीशान निर्वाणरूपं विभुं व्यापकं ब्रह्मवेदस्वरूपम्। निजं निर्गुणं निर्विकल्पं निरीहं...

पार्वती वल्लभा अष्टकम्

नमो भूथ नाधम नमो देव देवं, नाम कला कालं नमो दिव्य थेजं, नाम काम असमं, नाम संथ शीलं...

शम्भु स्तुति - नमामि शम्भुं पुरुषं पुराणं

नमामि शम्भुं पुरुषं पुराणं नमामि सर्वज्ञमपारभावम् । नमामि रुद्रं प्रभुमक्षयं तं नमामि शर्वं शिरसा नमामि ॥..

शंख पूजन मन्त्र

शंख को पूजा कार्य मे सम्लित करने हेतु, निम्न लिखित मंत्र का जप करना चाहिए।..

अयमात्मा ब्रह्म महावाक्य

अयमात्मा ब्रह्म भारत के पुरातन हिंदू शास्त्रों व उपनिषदों में वर्णित महावाक्य है, जिसका शाब्दिक अर्थ है यह आत्मा ब्रह्म है।

भगवान अयप्पा के 108 नाम

ॐ महाशास्त्रे नमः । ॐ महादेवाय नमः । ॐ महादेवसुताय नमः । ॐ अव्ययाय नमः । ॐ लोककर्त्रे नमः । ॐ लोकभर्त्रे नमः ।..

Shiv Chalisa - Shiv Chalisa
Ram Bhajan - Ram Bhajan
Bhakti Bharat APP