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वसंत पंचमी वसंत ऋतु के बजाय शिशिर ऋतु में क्यों आती है? (Why does Vasant Panchami occur in Shishira Ritu instead of Vasant Ritu?)

वसंत पंचमी शिशिर ऋतु में इसलिए मनाई जाती है क्योंकि यह वसंत के आने की शुरुआत का जश्न है, न कि पूरे वसंत मौसम का।
हिंदू कैलेंडर के पारंपरिक छह-मौसमों के अनुसार:
❀शिशिर ऋतु = माघ और फाल्गुन महीने
❀ वसंत ऋतु = चैत्र मास और वैशाख महीने
❀ वसंत पंचमी माघ शुक्ल पंचमी को आती है, जो शिशिर ऋतु के अंतर्गत आती है।

इसे "वसंत" पंचमी क्यों कहा जाता है?
❀ माघ शुक्ल पंचमी तक: सर्दी कम होने लगती है।
❀ दिन लंबे और गर्म होने लगते हैं।
❀ सरसों के खेतों में पीले फूल खिलने लगते हैं।
❀ पेड़ों पर नई कलियाँ और पत्ते आने लगते हैं।
❀ प्रकृति में आने वाले वसंत के शुरुआती संकेत दिखने लगते हैं।

इसलिए, प्राचीन ऋषियों ने इस दिन को वसंत ऋतु का अग्रदूत (संदेशवाहक) माना। यह वसंत के आगमन की घोषणा करता है, भले ही कैलेंडर के अनुसार अभी शिशिर ऋतु चल रही हो।

एक पारंपरिक कहावत है कि वसंत पंचमी वसंत के प्रभाव की शुरुआत का प्रतीक है, जबकि वसंत ऋतु आधिकारिक तौर पर बाद में चैत्र महीने से शुरू होती है।

तो, वसंत पंचमी शिशिर ऋतु में होती है क्योंकि यह आने वाले वसंत का जश्न है, न कि इसलिए कि मौसमी कैलेंडर के अनुसार वसंत पूरी तरह से शुरू हो गया है।

Why does Vasant Panchami occur in Shishira Ritu instead of Vasant Ritu? in English

Vasant Panchami is celebrated during the *Shishir* season because it marks the onset of spring, rather than the entire spring season itself.
यह भी जानें

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