Sawan 2026
गूगल पर भक्ति भारत को अपना प्रीफ़र्ड सोर्स बनाएँ

शंकराची आरती – जय जय त्र्यंबकराज (Shankarachi Aarti – Jai Jai Tryambakaraj)


शंकराची आरती – जय जय त्र्यंबकराज
जय जय त्र्यंबकराज गिरिजानाथा गंगाधरा हो ॥
त्रिशूलपाणी शंभो नीलग्रीवा शशिशेखरा हो ॥
वृषभारूढ फणिभुषण दशभुज पंचानन शंकरा हो ॥
विभूतिमाला जटा सुंदर गजचर्मांबरधरा हो ॥ ध्रु ॥
पडलें गोहत्येचें पातक गौतमऋषिच्या शिरीं हो ॥
त्यानें तप मांडिलें ध्याना आणुनि तुज अंतरीं हो ॥
प्रसन्न हो‍उनि त्यातें स्नाना दिधली गोदावरी हो ॥
औदुंबरमुळिं प्रगटे पावन त्रैलोक्यातें करी हो ॥ जय ॥ १ ॥
भक्तिभारत लिरिक्स

धन्य कुशावर्ताचा महिमा वाचे वर्णूं किती हो ।
आणिकही बहु तीर्थें गंगाद्वारादिक पर्वतीं हो ॥
वंदन मार्जन करिती त्यांचे महादोष नासती हो ॥
तुझिया दर्शनमात्रें प्राणी मुक्तीतें पावती हो ॥ जय ॥ २ ॥

ब्रह्मगिरीची भावें ज्याला प्रदक्षिणा जरि घडे हो ॥
तैं तैं काया कष्टे जंव जंव चरणीं रुपती खडे हो ॥
तंव तंव पुण्य विशेष किल्मिष अवघें त्यांचें झडे हो ॥
केवळ तो शिवरूप काळ त्याच्या पायां पडे हो ॥ जय ॥ ३ ॥

लावुनियां निजभजनीं सकळहि पुरविसि मनकामना हो ॥
संतति संपति देसी अंतीं चुकविसि यमयातना हो ॥
शिव शिव नाम जपतां वाटे आनंद माझ्या मना हो ॥
गोसावीनंदन विसरे संसारयातना हो ॥ जय जय ॥ ४ ॥

शिव चालीसा | लिङ्गाष्टकम् | शिव भजन | शिव पंचाक्षर स्तोत्र | द्वादश ज्योतिर्लिंग मंत्र

Shankarachi Aarti – Jai Jai Tryambakaraj in English

Jai Jai Tryambakaraj, Girijanatha Gangadhara Ho, Trishulapani Shambho, Nilagriva Shashishekhara Ho॥ Vrishabharudha Phanibhushana, Dashabhuja Panchanana Shankara Ho, Vibhutimala Jata Sundara, Gajacharmambaradhara Ho॥
यह भी जानें

Aarti Shankarachi Aarti AartiTryambakaraj AartiShiv AartiBholenath AartiMahadev AartiShivaratri AartiSavan AartiMonday AartiSomvar AartiSolah Somvar Aarti

अगर आपको यह आरती पसंद है, तो कृपया शेयर, लाइक या कॉमेंट जरूर करें!

Whatsapp Channelभक्ति-भारत वॉट्स्ऐप चैनल फॉलो करें »
इस आरती को भविष्य के लिए सुरक्षित / बुकमार्क करें Add To Favorites
* कृपया अपने किसी भी तरह के सुझावों अथवा विचारों को हमारे साथ अवश्य शेयर करें।

** आप अपना हर तरह का फीडबैक हमें जरूर साझा करें, तब चाहे वह सकारात्मक हो या नकारात्मक: यहाँ साझा करें

आरती ›

शंकराची आरती – जय जय त्र्यंबकराज

जय जय त्र्यंबकराज गिरिजानाथा गंगाधरा हो ॥ त्रिशूलपाणी शंभो नीलग्रीवा शशिशेखरा हो ॥ वृषभारूढ फणिभुषण दशभुज पंचानन शंकरा हो ॥ विभूतिमाला जटा सुंदर गजचर्मांबरधरा हो ॥

शिव आरती - ॐ जय शिव ओंकारा

जय शिव ओंकारा, ॐ जय शिव ओंकारा। ब्रह्मा, विष्णु, सदाशिव, अर्द्धांगी धारा॥

ॐ जय जगदीश हरे आरती

ॐ जय जगदीश हरे, स्वामी जय जगदीश हरे। भक्त जनों के संकट, दास जनों के संकट, क्षण में दूर करे॥

श्री गणेश आरती

जय गणेश जय गणेश जय गणेश देवा। माता जाकी पार्वती पिता महादेवा॥...

आरती: श्री गणेश - शेंदुर लाल चढ़ायो

शेंदुर लाल चढ़ायो अच्छा गजमुखको। दोंदिल लाल बिराजे सुत गौरिहरको।...

खाटू श्याम आरती

ॐ जय श्री श्याम हरे, बाबा जय श्री श्याम हरे। खाटू धाम विराजत, अनुपम रूप धरे॥

श्री राम स्तुति

Ram Stuti Lyrics in Hindi and English - श्री रामचन्द्र कृपालु भजुमन हरण भवभय दारुणं। नव कंज लोचन कंज मुख...

Sawan 2026 - Sawan 2026
Sawan 2026 - Sawan 2026
Bhakti Bharat APP