
बाबा बैद्यनाथ मंदिर @Deoghar Jharkhand
बैद्यनाथ ज्योतिर्लिंग मंदिर, जिसे आमतौर पर बैद्यनाथ धाम के रूप में भी जाना जाता है, भगवान शिव का सबसे पवित्र निवास माना जाता है। झारखंड के देवघर में स्थित बैद्यनाथ धाम बारह ज्योतिर्लिंगों में से एक है।
| ◉ बारह ज्योतिर्लिंग के बीच में झारखंड का एक मात्र ज्योतिर्लिंग। |
| ◉ माता सती के 52 शक्तिपीठों में से एक, माता का हृदय विराजमान है। |
भीमाशंकर ज्योतिर्लिंग @Bhimashankar Maharashtra
श्री भीमाशंकर ज्योतिर्लिंग भगवान शिव के बारह ज्योतिर्लिंगों में से एक है। मंदिर के गर्भग्रह के सामने नंदी महाराज एवं कच्छप देव विराजमान हैं।
| ◉ बारह ज्योतिर्लिंग के बीच में महाराष्ट्र का दूसरा ज्योतिर्लिंग। |
| ◉ 200 सीढ़ियों की उतराई के पश्चात दर्शन। |
घृष्णेश्वर ज्योतिर्लिंग @Ellora Maharashtra
घृष्णेश्वर मंदिर शिव का एक ज्योतिर्लिंग मंदिर है जो महाराष्ट्र के औरंगाबाद जिले में एलोरा गुफाओं के पास स्थित है। इस मंदिर को अंतिम या बारहवां ज्योतिर्लिंग (प्रकाश का लिंग) माना जाता है।
| ◉ घृष्णेश्वर ज्योतिर्लिंग को अंतिम या बारहवां ज्योतिर्लिंग (प्रकाश का लिंग)माना जाता है। |
| ◉ घृष्णेश्वर का उल्लेख शिव पुराण, स्कंद पुराण, रामायण और महाभारत में मिलता है। |
| ◉ मंदिर के गर्भगृह (अंतरतम कक्ष) में शिव लिंग है जिसे भक्तों द्वारा छुआ जा सकता है। |
काशी विश्वनाथ @Varanasi Uttar Pradesh
विश्व प्रसिद्ध काशी विश्वनाथ मंदिर वाराणसी में स्थित है। भगवान शिव का यह मंदिर उत्तर प्रदेश के वाराणसी शहर में गंगा नदी के तट पर स्थित है। काशी विश्वनाथ मंदिर भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक है।
| ◉ बारह ज्योतिर्लिंग के बीच में उत्तर प्रदेश का एक मात्र ज्योतिर्लिंग। |
| ◉ भगवान शिव को विश्वेश्वर के नाम से भी जाना जाता है। |
| ◉ मोदी सरकार द्वारा नव-निर्मित काशी विश्वनाथ कॉरिडॉर। |
केदारनाथ @Kedarnath Uttarakhand
केदारनाथ मंदिर, भारत के उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले में गढ़वाल हिमालय श्रृंखला पर स्थित है। केदारनाथ भारत के सबसे प्रतिष्ठित और पवित्र हिंदू मंदिरों में से एक है।
| ◉ बारह ज्योतिर्लिंग के बीच में उत्तराखंड का पहला ज्योतिर्लिंग। |
| ◉ उत्तराखंड के चार धाम यमुनोत्री, गंगोत्री, केदारनाथ और बद्रीनाथ में से एक। |
महाकालेश्वर @Ujjain Madhya Pradesh
केदारनाथ मंदिर, भारत के उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले में गढ़वाल हिमालय श्रृंखला पर स्थित है। केदारनाथ भारत के सबसे प्रतिष्ठित और पवित्र हिंदू मंदिरों में से एक है।
| ◉ बारह ज्योतिर्लिंग के बीच में उत्तराखंड का पहला ज्योतिर्लिंग। |
| ◉ उत्तराखंड के चार धाम यमुनोत्री, गंगोत्री, केदारनाथ और बद्रीनाथ में से एक। |
मल्लिकार्जुन ज्योतिर्लिंग @Srisailam Andhra Pradesh
श्रीशैलम मल्लिकार्जुन ज्योतिर्लिंग मंदिर, श्रीशैलम शहर मल्लिकार्जुन ज्योतिर्लिंग मंदिर के लिए प्रसिद्ध है
| ◉ भारत के 12 ज्योतिर्लिंग में से आंध्र प्रदेश का पहला आदि ज्योतिर्लिंग। |
| ◉ श्री शैलम मंदिर के नाम से प्रसिद्धी। |
नागेश्वर ज्योतिर्लिंग @Dwarka Gujarat
श्री नागेश्वर ज्योतिर्लिंग नागों के ईश्वर रूप में भगवान शिव के बारह ज्योतिर्लिंगों में से एक है। यह गुजरात के द्वारका धाम से 17 किलोमीटर बाहरी क्षेत्र की ओर स्थित है।
ॐकारेश्वर ज्योतिर्लिंग @Omkareshwar Madhya Pradesh
ओंकारेश्वर भगवान शिव के बारहवें ज्योतिर्लिंग में चौथा र्लिंग है। यह भारत में मध्य प्रदेश राज्य के खंडवा जिले के मांधाता शहर में स्थित है, जिसे ओंकारेश्वर के नाम से भी जाना जाता है।
| ◉ ओंकारेश्वर भगवान शिव के बारहवें ज्योतिर्लिंग में चौथा ज्योतिर्लिंग है। |
| ◉ ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग के दर्शन से सभी पाप नष्ट हो जाते हैं। |
| ◉ ओंकारेश्वर एकमात्र मंदिर है जहां मंदिर के पुजारियों द्वारा भगवान शिव की शयन आरती की जाती है। |
रामेश्वरम @Rameswaram Tamil Nadu
रामेश्वरम भारत के चार तीर्थ स्थानों में से एक, चार धाम, यह हर जगह से भगवान शिव के अनुयायियों को अपने जीवनकाल में कम से कम एक बार रामनाथस्वामी मंदिर में स्थापित ज्योतिर्लिंग के दर्शन करने के लिए आते है।
| ◉ रामेश्वरम, बद्रीनाथ, पुरी, द्वारका सहित सबसे पवित्र हिंदू चार धाम स्थलों में से एक है। |
| ◉ मंदिर के प्राथमिक देवता लिंगम के रूप में रामनाथस्वामी (शिव) हैं। |
| ◉ बारह ज्योतिर्लिंग मंदिरों में से एक रामेश्वरम भी है। |
| ◉ रामनाथस्वामी मंदिर का इतिहास और वास्तुकला महान है। |
सोमनाथ ज्योतिर्लिंग @Somnath Gujarat
श्री सोमनाथ ज्योतिर्लिंग मंदिर भारत के बारह(12) आदि ज्योतिर्लिंगों में से सबसे प्रथम है। सोमनाथ मे सोम का अर्थ है चंद्र देव (चंद्रमा), तथा नाथ का अर्थ भगवान है।
त्र्यंबकेश्वर ज्योतिर्लिंग @Trimbak Maharashtra
श्री त्रंबकेश्वर ज्योतिर्लिंग तीन छोटे-छोटे लिंग ब्रह्मा, विष्णु और शिव प्रतीक स्वरूप, त्रि-नेत्रों वाले भगवान शिव के बारह ज्योतिर्लिंगों में से एक है।
| ◉ बारह ज्योतिर्लिंग के बीच में महाराष्ट्र का पहला ज्योतिर्लिंग। |
| ◉ कालसर्प शांति, त्रिपिंडी विधि और नारायण नागबलि पूजा का प्रमुख स्थान। |
| मंदिर | पता |
|---|---|
| बाबा बैद्यनाथ मंदिर | Deoghar Jharkhand |
| भीमाशंकर ज्योतिर्लिंग | Bhimashankar Maharashtra |
| घृष्णेश्वर ज्योतिर्लिंग | Ellora Maharashtra |
| काशी विश्वनाथ | Varanasi Uttar Pradesh |
| केदारनाथ | Kedarnath Uttarakhand |
| महाकालेश्वर | Ujjain Madhya Pradesh |
| मल्लिकार्जुन ज्योतिर्लिंग | Srisailam Andhra Pradesh |
| नागेश्वर ज्योतिर्लिंग | Dwarka Gujarat |
| ॐकारेश्वर ज्योतिर्लिंग | Omkareshwar Madhya Pradesh |
| रामेश्वरम | Rameswaram Tamil Nadu |
| सोमनाथ ज्योतिर्लिंग | Somnath Gujarat |
| त्र्यंबकेश्वर ज्योतिर्लिंग | Trimbak Maharashtra |
द्वादश ज्योतिर्लिङ्ग स्तोत्रम् | द्वादश ज्योतिर्लिंग मंत्र | शिव चालीसा | लिङ्गाष्टकम् | शिव आरती | शिव भजन | शिव पंचाक्षर स्तोत्र
भारत में बारह प्रमुख शिवस्थान यानी ज्योतिर्लिंग हैं। ये तेजस्वी रूप में दिखाई दिए। तेरहवें शरीर को कल्पपिंड कहा जाता है। जो शरीर समय-सीमा से परे पहुँच गया है, उसे (देहको) कल्पपिंड कहा जाता है। यह बारह ज्योतिर्लिंग प्रतीकात्मक रूप में शरीर है; काठमांडू का पशुपतिनाथ ज्योतिर्लिंगों का प्रमुख है।
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