Shri Ram Bhajan
गूगल पर भक्ति भारत को अपना प्रीफ़र्ड सोर्स बनाएँ

सौराष्ट्रे सोमनाथं - द्वादश ज्योतिर्लिंग - मंत्र (Saurashtre Somanathan - Dwadas Jyotirlingani)


सौराष्ट्रे सोमनाथं - द्वादश ज्योतिर्लिंग - मंत्र
सौराष्ट्रे सोमनाथं च श्रीशैले मल्लिकार्जुनम् ।
उज्जयिन्यां महाकालम्ॐकारममलेश्वरम् ॥१॥
परल्यां वैद्यनाथं च डाकिन्यां भीमाशंकरम् ।
सेतुबंधे तु रामेशं नागेशं दारुकावने ॥२॥

वाराणस्यां तु विश्वेशं त्र्यंबकं गौतमीतटे ।
हिमालये तु केदारम् घुश्मेशं च शिवालये ॥३॥

एतानि ज्योतिर्लिङ्गानि सायं प्रातः पठेन्नरः ।
सप्तजन्मकृतं पापं स्मरणेन विनश्यति ॥४॥

द्वादश ज्योतिर्लिङ्ग स्तोत्रम् | द्वादश(12) शिव ज्योतिर्लिंग | शिव चालीसा | लिङ्गाष्टकम् | शिव आरती | शिव भजन | शिव पंचाक्षर स्तोत्र

Saurashtre Somanathan - Dwadas Jyotirlingani in English

Saurastre Somanatha Cha Srishaile Mallikarjunam ...
यह भी जानें

Mantra Jyotirlingani MantraShiv MantraBholenath MantraMahadev MantraShivaratri MantraSavan Ke Somvar MantraMonday MantraSomwar MantraSomvati Amavasya Mantra

अगर आपको यह मंत्र पसंद है, तो कृपया शेयर, लाइक या कॉमेंट जरूर करें!

Whatsapp Channelभक्ति-भारत वॉट्स्ऐप चैनल फॉलो करें »
इस मंत्र को भविष्य के लिए सुरक्षित / बुकमार्क करें Add To Favorites
* कृपया अपने किसी भी तरह के सुझावों अथवा विचारों को हमारे साथ अवश्य शेयर करें।

** आप अपना हर तरह का फीडबैक हमें जरूर साझा करें, तब चाहे वह सकारात्मक हो या नकारात्मक: यहाँ साझा करें

मंत्र ›

गुरु पादुका स्तोत्रम्

श्री गुरु पादुका स्तोत्रम् ॥ अनंतसंसार समुद्रतार नौकायिताभ्यां गुरुभक्तिदाभ्याम् । वैराग्यसाम्राज्यदपूजनाभ्यां नमो नमः श्रीगुरुपादुकाभ्याम् ॥..

श्री लक्ष्मी नारायण स्तोत्रम्

श्रीनिवास जगन्नाथ श्रीहरे भक्तवत्सल । लक्ष्मीपते नमस्तुभ्यं त्राहि मां भवसागरात् ॥

परमेश्वर स्तुति स्तोत्रम्

त्वमेकः शुद्धोऽसि त्वयि निगमबाह्या मलमयं, प्रपञ्चं पश्यन्ति भ्रमपरवशाः पापनिरताः।

श्री दीनबंधु अष्टकम

श्री दीनबंधु अष्टकम भगवान विष्णु के प्रसिद्ध अष्टकमों में से एक है।

नाम त्रय अस्त्र मन्त्र

अच्युताय नमः जो कभी चुय्त नहीं होते। गोविन्दाय नमः जिनकी सत्ता से इन्द्रियाँ विचरण करती हैं।

विष्णु सहस्रनाम: M.S.Subbulakshmi

भगवान श्री विष्णु के 1000 नाम! विष्णुसहस्रनाम का पाठ करने वाले व्यक्ति को यश, सुख, ऐश्वर्य, संपन्नता...

वक्रतुण्ड महाकाय - गणेश मंत्र

वक्रतुण्ड महाकाय सूर्यकोटि समप्रभ। निर्विघ्नं कुरु मे देव सर्वकार्येषु सर्वदा॥

Hanuman Chalisa - Hanuman Chalisa
Hanuman Chalisa - Hanuman Chalisa
Bhakti Bharat APP