पितृ पक्ष - Pitru Paksha
गूगल पर भक्ति भारत को अपना प्रीफ़र्ड सोर्स बनाएँ

सौराष्ट्रे सोमनाथं - द्वादश ज्योतिर्लिंग - मंत्र (Saurashtre Somanathan - Dwadas Jyotirlingani)


सौराष्ट्रे सोमनाथं - द्वादश ज्योतिर्लिंग - मंत्र
सौराष्ट्रे सोमनाथं च श्रीशैले मल्लिकार्जुनम् ।
उज्जयिन्यां महाकालम्ॐकारममलेश्वरम् ॥१॥
परल्यां वैद्यनाथं च डाकिन्यां भीमाशंकरम् ।
सेतुबंधे तु रामेशं नागेशं दारुकावने ॥२॥

वाराणस्यां तु विश्वेशं त्र्यंबकं गौतमीतटे ।
हिमालये तु केदारम् घुश्मेशं च शिवालये ॥३॥

एतानि ज्योतिर्लिङ्गानि सायं प्रातः पठेन्नरः ।
सप्तजन्मकृतं पापं स्मरणेन विनश्यति ॥४॥

द्वादश ज्योतिर्लिङ्ग स्तोत्रम् | द्वादश(12) शिव ज्योतिर्लिंग | शिव चालीसा | लिङ्गाष्टकम् | शिव आरती | शिव भजन | शिव पंचाक्षर स्तोत्र

Saurashtre Somanathan - Dwadas Jyotirlingani in English

Saurastre Somanatha Cha Srishaile Mallikarjunam ...
यह भी जानें

Mantra Jyotirlingani MantraShiv MantraBholenath MantraMahadev MantraShivaratri MantraSavan Ke Somvar MantraMonday MantraSomwar MantraSomvati Amavasya Mantra

अगर आपको यह मंत्र पसंद है, तो कृपया शेयर, लाइक या कॉमेंट जरूर करें!

Whatsapp Channelभक्ति-भारत वॉट्स्ऐप चैनल फॉलो करें »
इस मंत्र को भविष्य के लिए सुरक्षित / बुकमार्क करें Add To Favorites
* कृपया अपने किसी भी तरह के सुझावों अथवा विचारों को हमारे साथ अवश्य शेयर करें।

** आप अपना हर तरह का फीडबैक हमें जरूर साझा करें, तब चाहे वह सकारात्मक हो या नकारात्मक: यहाँ साझा करें।

मंत्र ›

श्री महालक्ष्मी अष्टक

नमस्तेस्तू महामाये श्रीपिठे सूरपुजिते । शंख चक्र गदा हस्ते महालक्ष्मी नमोस्तूते ॥

देवी तारा की अष्टोत्तर शतनामावली

ॐ तारिण्यै नमः। ॐ तरलायै नमः। ॐ तन्व्यै नमः।

बगलामुखी अष्टोत्तरशतनामस्तोत्रम्, नारद-विष्णुसंवादे

श्रीबगलाष्टोत्तरशतनामस्तोत्रम् ॥ श्रीगणेशाय नमः । नारद उवाच । भगवन्देवदेवेश सृष्टिस्थितिलयात्मक । शतमष्टोत्तरं नाम्नां बगलाया वदाधुना ॥ श्रीविष्णुयामले नारदविष्णुसंवादे श्रीबगलाष्टोत्तरशतनामस्तोत्रं

माँ बगलामुखी 108 नाम

ॐ बगलायै नमः। ॐ विष्णुवनितायै नमः। ॐ विष्णुशङ्करभामिन्यै नमः। ॐ बहुलायै नमः। ॐ वेदमात्रे नमः।

बगलामुखी मन्त्र

एकाक्षरी बगलामुखी मन्त्र | 1 अक्षर वाला मन्त्र | त्र्यक्षर बगलामुखी मन्त्र | 3 अक्षरों वाला मन्त्र | चतुराक्षर बगलामुखी मन्त्र | 4 अक्षरों वाला मन्त्र | बगलामुखी गायत्री मन्त्र

सप्तश्लोकी दुर्गा स्तोत्रम्

॥ अथ सप्तश्लोकी दुर्गा ॥ शिव उवाच - देवि त्वं भक्तसुलभे सर्वकार्यविधायिनी । कलौ हि कार्यसिद्ध्यर्थमुपायं ब्रूहि यत्नतः ॥

अथ मूर्तिरहस्यम्

ॐ नन्दा भगवती नाम या भविष्यति नन्दजा। स्तुता सा पूजिता भक्त्या वशीकुर्याज्जगत्त्रयम्॥1॥

Navratri Specials 2026 - Navratri Specials 2026
Ganesh Aarti Bhajan - Ganesh Aarti Bhajan
Bhakti Bharat APP