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बरमानी - Barmani

मुख्य आकर्षण - Key Highlights

  • फिरोज़ाबाद, मैनपुर और इटावा के सबसे प्रसिद्ध मंदिरों में से एक बरमानी।
  • 12 गेट, 9 ग्रह, बीसा यंत्र स्थापितवास्तु।

इटावा, फिरोजाबाद, आगरा, भिण्ड, ग्वालियर, मैनपुरी, औरैया जनपद एवं अन्य आस-पास के क्षेत्र की आस्था का सबसे बड़ा केंद्र है यह सिद्धपीठ माँ ब्रह्माणी देवी मंदिर, यह जगह/मंदिर/ क्षेत्र स्वयं में ही बरमानी नाम से ही प्रसिद्ध है। मंदिर के गर्भग्रह का निर्माण बीसा यंत्र के साथ स्वयं आदि शिल्पी विश्वकर्मा जी ने द्वादश/12 द्वार तथा नौ ग्रहों की स्थापना के साथ निर्मित किया था। मंदिर क्षेत्र के आस-पास नौ कुएँ भी स्थापित हैं।

ऐसी मान्यता है कि यमुना नदी के पार्श्व में जसवंतनगर के बीहड़ों के बीच स्थित यह मंदिर आदिकालीन शक्ति पूजा का स्मरण कराता है। मंदिर की स्थापना के संबंध में विभिन्न मत हैं।

प्रचलित कहानी के अनुसार: महाराजा भदावर माता ब्रह्माणी को म्यांमार / बर्मा देश से एक शर्त पर लेकर आये थे। शर्त ये थी जिस जगह तुमने पीछे मुड़कर देखा में वही रुक जाऊंगी इसी जगह पर आकर राजा को एक आवाज सुनाई दी तो राजा ने पीछे मुड़कर देखा तो माता की मूर्ती ने विशाल रूप धारण कर लिया, और शर्त के अनुसार मंदिर का निर्माण महाराजा भदावर ने करवाया था। भदावर के राजा द्वारा मंदिर की स्थापना लगभग सन् 1500 के आस-पास हुई थी। आज भी भदावर क्षेत्र का शाही परिवार माता को अपनी कुल देवी मानता है, तथा समय-समय पर पूजा अर्चना करने आता रहिता है।

हिंदू कैलेंडर के अनुसार वर्ष में 3 बार चैत्र, अषाढ़, तथा अश्विन/क्वार के महीनों में मंदिर पर हर्षोल्लास एवं शांति के साथ विशाल मेले का आयोजन होता है। मुख्यतया चैत्र नवरात्रि में यहां अधिक भीड़ होती है। मेले में लाखों की संख्या में श्रद्धालुओं माता के दर्शन करने आते हैं। माता ब्रह्माणी की कृपा से हज़ारों की संख्या में झंडा/नेजा चढ़ाए जाते हैं। पुलिस प्रशासन भी मेले की सुरक्षा हेतु सी सी टीवी कैमरे तथा अतिरिक्त सुरक्षा बल की मदद से पूरे मेले पर नजर रखता हैं।

वर्तमान में, मंदिर प्रांगण के साथ भगवान शिव तथा श्री हनुमंत लाल का मंदिर भी स्थापित है। भक्त माता के दर्शन हेतु विभिन्न प्रकार से माँ की पूजा-अर्चना करते हैं। कई बार लेट-लेट कर, तो कई बार किलोमीटर दूर पैदल चलकर देवी माँ को प्रसन्न करते हैं।

प्रचलित नाम: माँ ब्रह्माणी मंदिर, बरमानी मंदिर, माँ ब्रह्माणी देवी मंदिर

समय - Timings

दर्शन समय
4:00 AM - 11:45 PM
त्यौहार
Navratri, Poornima, Holi, Diwali, Hanuman Jayanti|Hanuman Janmotsav, Shivaratri | यह भी जानें: जन्माष्टमी

Barmani in English

Maa Brahmani Temple is the largest center of faith in Etawah, Ferozabad, Agra, Bhind, Gwalior, Mainpuri, Auraiya district and other adjoining areas, popular identity as Barmani. Shardiya Navratri 2020: 17 October.

फोटो प्रदर्शनी - Photo Gallery

Photo in Full View
बीहड़ी क्षेत्र में ब्राह्मणी देवी की प्रतिमा

बीहड़ी क्षेत्र में ब्राह्मणी देवी की प्रतिमा

बरमानी

बरमानी

Mata Brahmani garbhgrah.

Mata Brahmani garbhgrah.

Shri Hanumant Lal in outer temple.

Shri Hanumant Lal in outer temple.

Shivalay in temple premises.

Shivalay in temple premises.

Main outer most entry gate.

Main outer most entry gate.

बरमानी

बरमानी

बरमानी

बरमानी

बरमानी

बरमानी

बरमानी

बरमानी

बरमानी

बरमानी

जानकारियां - Information

धाम
Maa BrahmaniMata UmaMaa RamaMaa KaliMaa RudraniShri GaneshBaba Bhairav NathShivling with GanShri Hanuman
YagyashalaMaa TulsiPeepal TreeBanana TreeVat Vriksh
बुनियादी सेवाएं
Prasad, Drinking Water, Hand Pump, Shose Store, Solar Panel, Sitting Benches, Well
समर्पित
माँ ब्रह्माणी देवी
फोटोग्राफी
हाँ जी (मंदिर के अंदर तस्वीर लेना अ-नैतिक है जबकि कोई पूजा करने में व्यस्त है! कृपया मंदिर के नियमों और सुझावों का भी पालन करें।)
नि:शुल्क प्रवेश
हाँ जी

वीडियो - Video Gallery

कैसे पहुचें - How To Reach

पता 📧
Naglataur Jaswantnagar Uttar Pradesh
सड़क/मार्ग 🚗
Agra - Lucknow Expressway >> Balrai - Jaswantnagar Road >> Bramhani Devi Road
रेलवे 🚉
Balrai, Jaswantnagar, Etawah
हवा मार्ग ✈
Pandit Deen Dayal Upadhyay Airport, Agra
नदी ⛵
Yamuna
सोशल मीडिया
निर्देशांक 🌐
26.879316°N, 78.819381°E
बरमानी गूगल के मानचित्र पर
http://www.bhaktibharat.com/mandir/barmani

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