मुख्य आकर्षण - Key Highlights |
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| ◉ असम के प्रमुख मंदिरों में से एक है। |
| ◉ 17 सितंबर को विश्वकर्मा पूजा के दौरान विशेष पूजा मनाई जाती है। |
| ◉ कारीगरों, इंजीनियरों, मैकेनिक्स और श्रमिकों के लिए पूजा का एक महत्वपूर्ण स्थान है। |
गुवाहाटी की विश्वकर्मा मंदिर भगवान विश्वकर्मा को समर्पित एक खास मंदिर है। हिंदू परंपरा में उन्हें दिव्य वास्तुकार, शिल्पकार और इंजीनियर माना जाता है। यह मंदिर कामाख्या गेट के पास, नीलाचल पहाड़ी की तलहटी में और मशहूर कामाख्या मंदिर के पास स्थित है।
गुवाहाटी विश्वकर्मा मंदिर में दर्शन का समय
मंदिर पूरे हफ्ते खुला रहता है और दर्शन का समय सुबह 6:00 बजे से रात 8:00 बजे तक है।
गुवाहाटी विश्वकर्मा मंदिर के मुख्य त्योहार
17 सितंबर को इस मंदिर का महत्व और बढ़ जाता है, क्योंकि इस दिन भारत के कई हिस्सों में पारंपरिक रूप से विश्वकर्मा पूजा मनाई जाती है। इस मौके पर बड़ी संख्या में भक्त मंदिर आते हैं।
गुवाहाटी विश्वकर्मा मंदिर कैसे पहुँचें
मंदिर गुवाहाटी में कामाख्या गेट की तरफ स्थित है और यहाँ टैक्सी, ऑटो-रिक्शा या लोकल ट्रांसपोर्ट से पहुँचा जा सकता है। कामाख्या रेलवे स्टेशन मंदिर के बहुत पास है; रेलवे स्टेशन लगभग 0.6 किमी दूर है। लोकप्रिय गोपीनाथ बोरदोलोई इंटरनेशनल एयरपोर्ट मुख्य एयरपोर्ट है, जो मंदिर से लगभग 20 किमी दूर है।
गुवाहाटी विश्वकर्मा मंदिर की स्थापना 1965 में कामाख्या मंदिर से जुड़े पुजारी भाबाकांत शर्मा ने महावीर प्रसाद धीरासरिया की मदद से की थी। कुछ स्थानीय लोगों का कहना है कि इसके निर्माण की शुरुआत 1959-60 में हुई थी, जब कामाख्या मंदिर तक जाने वाली सड़क बनाई जा रही थी।
इसे भगवान विश्वकर्मा को समर्पित सबसे पुराने और दुर्लभ मंदिरों में से एक माना जाता है। यह मंदिर कारीगरों, शिल्पकारों, इंजीनियरों, मैकेनिक्स, औद्योगिक श्रमिकों और कारोबारियों के लिए बहुत खास है, जो कौशल, सुरक्षा और समृद्धि के लिए भगवान विश्वकर्मा का आशीर्वाद मांगते हैं।
6 AM - 8 PM
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