सीता नवमी | वट सावित्री व्रत | आज का भजन! | भक्ति भारत को फेसबुक पर फॉलो करें!

आरती: श्री विश्वकर्मा जी


जय श्री विश्वकर्मा प्रभु, जय श्री विश्वकर्मा।
सकल सृष्टि के करता, रक्षक स्तुति धर्मा॥

आदि सृष्टि मे विधि को, श्रुति उपदेश दिया।
जीव मात्र का जग मे, ज्ञान विकास किया॥
॥ जय श्री विश्वकर्मा...॥

ध्यान किया जब प्रभु का, सकल सिद्धि आई।
ऋषि अंगीरा तप से, शांति नहीं पाई॥
॥ जय श्री विश्वकर्मा...॥

रोग ग्रस्त राजा ने जब आश्रय लीना।
संकट मोचन बनकर, दूर दुःखा कीना॥
॥ जय श्री विश्वकर्मा...॥

जब रथकार दंपति, तुम्हारी टेर करी।
सुनकर दीन प्रार्थना, विपत हरी सगरी॥
॥ जय श्री विश्वकर्मा...॥

एकानन चतुरानन, पंचानन राजे।
त्रिभुज चतुर्भुज दशभुज, सकल रूप साजे॥
॥ जय श्री विश्वकर्मा...॥

ध्यान धरे तब पद का, सकल सिद्धि आवे।
मन द्विविधा मिट जावे, अटल शक्ति पावे॥
॥ जय श्री विश्वकर्मा...॥

श्री विश्वकर्मा की आरती जो कोई गावे।
भजत गजानांद स्वामी, सुख संपाति पावे॥

जय श्री विश्वकर्मा प्रभु, जय श्री विश्वकर्मा।
सकल सृष्टि के करता, रक्षक स्तुति धर्मा॥

Available in English - Shri Vishwakarma Ji Ki Aarti
Jai Shri Vishvakarma Prabhu, Jai Shri Vishvakarma। Sakal Srashti Ke Karata...
ये भी जानें

AartiShri Vishwakarma Ji Aarti


अगर आपको यह लेख पसंद आया, तो कृपया शेयर, लाइक या कॉमेंट जरूर करें!

* यदि आपको इस पेज में सुधार की जरूरत महसूस हो रही है, तो कृपया अपने विचारों को हमें शेयर जरूर करें: यहाँ शेयर करें
** आप अपना हर तरह का फीडबैक हमें जरूर शेयर करें, तब चाहे वह सकारात्मक हो या नकारात्मक: यहाँ शेयर करें

आरती: श्री हनुमान जी

मनोजवं मारुत तुल्यवेगं, जितेन्द्रियं,बुद्धिमतां वरिष्ठम्॥ वातात्मजं वानरयुथ मुख्यं, श्रीरामदुतं शरणम प्रपद्धे॥

आरती: श्री बालाजी

ॐ जय हनुमत वीरा, स्वामी जय हनुमत वीरा। संकट मोचन स्वामी तुम हो रनधीरा॥

आरती: श्री बाल कृष्ण जी

आरती बाल कृष्ण की कीजै, अपना जन्म सफल कर लीजै। श्री यशोदा का परम दुलारा...

आरती: ॐ जय महावीर प्रभु!

ॐ जय महावीर प्रभु, स्वामी जय महावीर प्रभु। कुण्डलपुर अवतारी, चांदनपुर अवतारी...

आरती: श्री महावीर भगवान | जय सन्मति देवा

जय सन्मति देवा, प्रभु जय सन्मति देवा। वर्द्धमान महावीर वीर अति, जय संकट छेवा...

आरती: ॐ जय महावीर प्रभु

ॐ जय महावीर प्रभु, स्वामी जय महावीर प्रभो। जगनायक सुखदायक, अति गम्भीर प्रभो॥

आरती: श्री पार्वती माँ

जय पार्वती माता, जय पार्वती माता, ब्रह्मा सनातन देवी, शुभ फल की दाता...

आरती: रघुवर श्री रामचन्द्र जी।

आरती कीजै श्री रघुवर जी की, सत चित आनन्द शिव सुन्दर की॥

आरती: जय अम्बे गौरी, मैया जय श्यामा गौरी।

जय अम्बे गौरी, मैया जय श्यामा गौरी, तुमको निशदिन ध्यावत, हरि ब्रह्मा शिवरी॥

आरती माँ लक्ष्मीजी - ॐ जय लक्ष्मी माता

ॐ जय लक्ष्मी माता, मैया जय लक्ष्मी माता। तुमको निसदिन सेवत, हर विष्णु विधाता॥

close this ads
^
top