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महामाया मंदिर बिलासपुर - Mahamaya Mandir Bilaspur

मुख्य आकर्षण - Key Highlights

◉ महामाया देवी मंदिर में देवी सती का दाहिना कंधा गिरा था।
◉ मंदिर के गर्भगृह में महाकाली, महालक्ष्मी और महासरस्वती के स्वरूपों को पूजा जाता है।

महामाया देवी मंदिर छत्तीसगढ़ के सबसे पुराने शक्ति मंदिरों में से एक है। यह बिलासपुर-अंबिकापुर रोड पर, बिलासपुर से लगभग 25 किमी दूर रतनपुर के ऐतिहासिक शहर में स्थित है। रतनपुर कभी कलचुरी शासकों की एक महत्वपूर्ण राजधानी हुआ करती थी। माँ महामाया को रतनपुर की मुख्य देवी के रूप में पूजा जाता है।

महामाया मंदिर बिलासपुर में दर्शन का समय
मंदिर पूरे सप्ताह खुला रहता है और दर्शन का समय सुबह 6 बजे से रात 8:30 बजे तक है।

महामाया मंदिर बिलासपुर के मुख्य त्योहार
चैत्र नवरात्रि और शरद नवरात्रि मंदिर के मुख्य त्योहार है। इन त्योहारों के दौरान बड़ी संख्या में भक्त रतनपुर आते हैं और माता रानी को भेंट के तौर पर पारंपरिक रूप से ज्योति कलश जलाते हैं।

बिलासपुर के महामाया मंदिर कैसे पहुँचें
महामाया मंदिर छत्तीसगढ़ के बिलासपुर ज़िले में रतनपुर के पास स्थित है। रतनपुर, बिलासपुर से लगभग 25 किमी दूर है और बिलासपुर-अंबिकापुर हाईवे से जुड़ा हुआ है। बिलासपुर रेलवे स्टेशन सबसे नज़दीकी बड़ा रेलवे स्टेशन है। बिलासपुर का बिलासा देवी केवट एयरपोर्ट सबसे नज़दीकी एयरपोर्ट है।

प्रचलित नाम: माता महामाया मंदिर

समय - Timings

दर्शन समय
6 AM - 8:30 PM
त्योहार

महामाया मंदिर बिलासपुर का इतिहास और वास्तुकला

बिलासपुर के महामाया मंदिर के गर्भगृह में महाकाली, महालक्ष्मी और महासरस्वती के स्वरूपों को पूजा जाता है। भक्त दैवीय आशीर्वाद, समृद्धि, सुरक्षा और मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए इस मंदिर में आते हैं।

स्थानीय परंपरा के अनुसार, 11वीं शताब्दी में राजा रत्नदेव प्रथम को रतनपुर में देवी महामाया के दिव्य दर्शन हुए थे। मंदिर का निर्माण लगभग 1050 ईस्वी में हुआ था। मंदिर कलचुरी राजवंश से जुड़ा है, जिसने रतनपुर को अपनी राजधानी बनाया था। आसपास के क्षेत्र में अभी भी शहर के प्राचीन मंदिरों, महलों और किलेबंदी के अवशेष मौजूद हैं। मंदिर पारंपरिक रूप से शक्तिपीठ परंपरा से जुड़ा है; स्थानीय मान्यता के अनुसार, मंदिर के स्थान पर देवी सती का दाहिना कंधा गिरा था। मंदिर नागर शैली की वास्तुकला से बना है।

मंदिर 16 पत्थर के खंभों पर टिका है और एक बड़ी चारदीवारी से घिरा हुआ है। मंदिर परिसर में महाकाली, भद्रकाली, सूर्य, विष्णु, हनुमान, भैरव और शिव सहित अन्य देवी-देवताओं को समर्पित छोटे मंदिर भी हैं। परिसर के भीतर एक और महत्वपूर्ण स्मारक प्राचीन कांतिदेवल मंदिर है, जो इस स्थल के ऐतिहासिक और वास्तुशिल्प महत्व को और बढ़ाता है।

Mahamaya Mandir Bilaspur in English

Mata Mahamaya is worshipped as the presiding deity of Ratanpur.

जानकारियां - Information

मंत्र / प्रचलित जयकारा
जय माता रानी
बुनियादी सेवाएं
पेयजल, प्रसाद, सीसीटीवी सुरक्षा, जूता स्टोर, पार्किंग स्थल
स्थापना
11th century
समर्पित
देवी दुर्गा
वास्तुकला
नागर शैली

क्रमवद्ध - Timeline

6 AM - 8:30 PM

कैसे पहुचें - How To Reach

पता 📧
Mahamaya Mandir Ratanpur Chhattisgarh
रेलवे 🚉
Bilaspur
हवा मार्ग ✈
Bilasa Devi Kevat Airport
सोशल मीडिया
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निर्देशांक 🌐
22.2884611°N, 82.159985°E
महामाया मंदिर बिलासपुर गूगल के मानचित्र पर
http://www.bhaktibharat.com/mandir/mahamaya-mandir-bilaspur

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