मुख्य आकर्षण - Key Highlights |
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| ◉ मुंडेश्वरी देवी मंदिर भारत के सबसे खास प्राचीन हिंदू मंदिरों में से एक है। |
| ◉ यह मंदिर अपनी अष्टकोणीय वास्तुकला के लिए जाना जाता है। |
| ◉ मंदिर के गर्भगृह के बीच में एक पंचमुखी शिवलिंग स्थापित है। |
मुंडेश्वरी देवी मंदिर भारत के बिहार राज्य के कैमूर जिले में मुंडेश्वरी पहाड़ी पर स्थित एक प्राचीन हिंदू मंदिर है। यह मंदिर मुख्य रूप से माँ मुंडेश्वरी (शक्ति) और भगवान शिव को समर्पित है। यह मंदिर आसपास के इलाके से लगभग 600–608 फीट की ऊंचाई पर स्थित है।
मुंडेश्वरी मंदिर कैसे पहुँचें
मुंडेश्वरी मंदिर पूरे सप्ताह खुला रहता है और दर्शन का समय सुबह 6:00 बजे से शाम 7:00 बजे तक है।
मुंडेश्वरी मंदिर के मुख्य त्योहार
नवरात्रि, महाशिवरात्रि और राम नवमी मुंडेश्वरी मंदिर के मुख्य त्योहार हैं। मंदिर से जुड़ी एक खास परंपरा बिना खून बहाए पशु भेंट चढ़ाने की है: इसमें देवी को अनुष्ठान के तौर पर बकरा भेंट किया जा सकता है, लेकिन उसे मारा नहीं जाता है।
मुंडेश्वरी मंदिर कैसे पहुँचें
मुंडेश्वरी मंदिर बिहार के कैमूर जिले में रामगढ़ के पास मुंडेश्वरी पहाड़ी (जिसे पौनरा/पिवारा पहाड़ी भी कहा जाता है) पर स्थित है। मुंडेश्वरी मंदिर के लिए भभुआ रोड रेलवे स्टेशन (मोहनिया) एक सुविधाजनक रेलवे स्टेशन है। वहाँ से टैक्सी या लोकल ट्रांसपोर्ट से मंदिर जा सकते हैं। पटना एयरपोर्ट सबसे नज़दीकी एयरपोर्ट है।
मुंडेश्वरी देवी मंदिर भारत के सबसे खास प्राचीन हिंदू मंदिरों में से एक है। मंदिर में माँ मुंडेश्वरी की प्रतिमा और शिव का मंदिर है, जो इस स्थान पर शक्ति और शैव पूजा दोनों के महत्व को दर्शाता है। यह मंदिर अपनी अष्टकोणीय वास्तुकला के लिए जाना जाता है और इसे अक्सर भारत के सबसे पुराने हिंदू मंदिरों में से एक माना जाता है जहाँ सदियों से पूजा-अर्चना होती आ रही है।
मंदिर के गर्भगृह के बीच में एक पंचमुखी शिवलिंग स्थापित है। पूर्वी कोष्ठ में देवी मुंडेश्वरी (महिषासुरमर्दिनी) की एक भव्य प्रतिमा विराजमान है। इसके अलावा, यहाँ गणेश, सूर्य और विष्णु की प्रतिमाएँ भी मौजूद हैं।
पारंपरिक रूप से इस मंदिर का समय 108 ईस्वी माना जाता है। 1915 से इसे ASI (भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण) स्मारक के रूप में संरक्षित किया गया है। इसकी सबसे खास विशेषताओं में से एक इसकी दुर्लभ अष्टकोणीय बनावट है। इस मंदिर को नागर शैली की मंदिर वास्तुकला का शुरुआती उदाहरण भी माना जाता है।
6 AM - 7 PM
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