गणेशोत्सव - Ganeshotsav
गूगल पर भक्ति भारत को अपना प्रीफ़र्ड सोर्स बनाएँ

कृष्णक्रिया षटकम् (Krishna Kriyaashtakam)


कृष्णक्रिया षटकम्
बिनिद्र जिवोहं गहन त्रासम्
संसार अनले बिधुर बासम्
अनंतपुरष जगन्निवास
अत्रागच्छ स्वामी अत्रागच्छ ॥ १ ॥
एकाकी बिहारं च सर्व क्रिया
एकाकी कर्मो धर्मश्च सकलम्
अनंतपुरष जगन्निवास
अत्रागच्छ स्वामी अत्रागच्छ ॥ २ ॥

पचामी पाकोहं यथा सामर्ध्यम्
फल जलेन सह बृंदा नाथ
अनंतपुरष जगन्निवास
अत्रागच्छ स्वामी अत्रागच्छ ॥ ३ ॥

करोमि देव ते शय्यारचितम्
आनंद दायनी प्रियासहितम्
अनंतपुरष जगन्निवास
अत्रागच्छ स्वामी अत्रागच्छ ॥ ४ ॥

नंदनंदनस्त्वं गोपिकाकांत
भक्तानां प्राणस्त्वं च जगन्नाथ
अनंतपुरष जगन्निवास
अत्रागच्छ स्वामी अत्रागच्छ ॥ ५ ॥

त्वया बिना नाथ स्थले मत्स्याहम्
यथा प्राणहीना निर्देहि देहम्
आवाह्वती त्वम् नित्य कृष्णदासः
अत्रागच्छ स्वामी अत्रागच्छ ॥ ६ ॥

॥ इति श्री कृष्णदासः विरचित कृष्णक्रिया षटकम् सम्पूर्णम् ॥

Krishna Kriyaashtakam in English

Binidra Jivohan Gahan Traasam , Sansar Anale Bidhur Baasam , Anantapurush Jagannivaas , Atragachchh Swami Atragachchh ॥ 1 ॥
यह भी जानें

Mantra Krishna Kriyaashtakam MantraShri Krishna MantraBaal Krishna MantraBhagwat MantraJanmashtami MantraLaddu Gopal MantraRadhashtami MantraPhalguna MantraIskcon MantraShri Shyam MantraKrishna Bhajan Mantra

अगर आपको यह मंत्र पसंद है, तो कृपया शेयर, लाइक या कॉमेंट जरूर करें!

Whatsapp Channelभक्ति-भारत वॉट्स्ऐप चैनल फॉलो करें »
इस मंत्र को भविष्य के लिए सुरक्षित / बुकमार्क करें Add To Favorites
* कृपया अपने किसी भी तरह के सुझावों अथवा विचारों को हमारे साथ अवश्य शेयर करें।

** आप अपना हर तरह का फीडबैक हमें जरूर साझा करें, तब चाहे वह सकारात्मक हो या नकारात्मक: यहाँ साझा करें

मंत्र ›

वक्रतुण्ड महाकाय - गणेश मंत्र

वक्रतुण्ड महाकाय सूर्यकोटि समप्रभ। निर्विघ्नं कुरु मे देव सर्वकार्येषु सर्वदा॥

गजाननं भूत गणादि सेवितं - गणेश मंत्र

गजाननं भूत गणादि सेवितं, कपित्थ जम्बू फल चारू भक्षणम्। उमासुतं शोक विनाशकारकम्...

नामावलि: श्री गणेश अष्टोत्तर नामावलि

श्री गणेश के 108 नाम और उनसे जुड़े मंत्र। गजानन- ॐ गजाननाय नमः। गणाध्यक्ष- ॐ गणाध्यक्षाय नमः...

महामृत्युंजय मंत्र

मंत्र के 33 अक्षर हैं जो महर्षि वशिष्ठ के अनुसार 33 कोटि(प्रकार)देवताओं के द्योतक हैं।

लिङ्गाष्टकम्

ब्रह्ममुरारिसुरार्चितलिङ्गं निर्मलभासितशोभितलिङ्गम्।

शिव पंचाक्षर स्तोत्र मंत्र

॥ श्रीशिवपञ्चाक्षरस्तोत्रम् ॥ नागेन्द्रहाराय त्रिलोचनाय भस्माङ्गरागाय महेश्वराय।

श्री रुद्राष्टकम्

नमामीशमीशान निर्वाणरूपं विभुं व्यापकं ब्रह्मवेदस्वरूपम्। निजं निर्गुणं निर्विकल्पं निरीहं...

Ganesh Aarti Bhajan - Ganesh Aarti Bhajan
Ganesh Aarti Bhajan - Ganesh Aarti Bhajan
Bhakti Bharat APP