मदन मोहन अष्टकमजय शङ्खगदाधर नीलकलेवर पीतपटाम्बर देहि पदम् । जय चन्दनचर्चित कुण्डलमण्डित कौस्तुभशोभित देहि पदम्..
श्री पंच-तत्व प्रणाम मंत्रश्री पंच-तत्व प्रणाम मंत्र: (जय) श्रीकृष्णचैतन्य प्रभु नित्यानंद । श्री अद्वैत गदाधर श्रीवासादि गौर भक्तवृंद ॥
कारण षटकम् मम जीवनस्य जीवनम्उ, द्भाषितं नित्यशोभनम्त्व, मेव देवं त्वमेव सर्वम्हृ, दि स्थिते सदा धारणम् , हे कृष्ण हे माधव हे देव त्वम्स, र्व कारणस्य कारणम् ॥ १॥