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रूद्र गायत्री मंत्र (Rudra Gayatri Mantra)


रूद्र गायत्री मंत्र
ॐ तत्पुरुषाय विद्यामहे
महादेवाय धीमहि
तन्नो रुद्रः प्रचोदयात् ॥
श्री शिव रुद्र गायत्री मंत्र का अर्थ:
हम परम पुरुष (शिव) की उपासना करते हैं।
हम महान देवता (शिव) की बुद्धि की प्रार्थना करते हैं।
रुद्र (शिव) हमें बुद्धि दें और प्रेरणा दें।

Rudra Gayatri Mantra in English

Rudra Gayatri Mantra : Om Tatpurushaya Vidmahe Mahadevaya Dhimahi
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मंत्र ›

दशरथकृत शनि स्तोत्र

नम: कृष्णाय नीलाय शितिकण्ठ निभाय च। नम: कालाग्निरूपाय कृतान्ताय च वै नम:॥

श्री चण्डी-ध्वज स्तोत्रम्

धन राज्य सुख देने वाला माँ चण्डिका का स्तोत्र। ॐ श्रीं नमो जगत्प्रतिष्ठायै देव्यै भूत्त्यै नमो नमः । परमानन्दरुपिण्यै नित्यायै सततं नमः॥१॥

सप्त चिरंजीवी - मंत्र

अश्वत्थामा बलिर्व्यासो हनुमांश्च विभीषणः । कृपः परशुरामश्च सप्तैते चिरंजीविनः ॥

शिव चन्द्रशेखर अष्टकम स्त्रोत्रं

चन्द्रशेखर चन्द्रशेखर चन्द्रशेखर पाहि माम् ।
चन्द्रशेखर चन्द्रशेखर चन्द्रशेखर रक्ष माम् ॥

श्री शनि अष्टोत्तर-शतनाम-नामावली

ॐ शनैश्चराय नमः॥ ॐ शान्ताय नमः॥ ॐ सर्वाभीष्टप्रदायिने नमः॥ ॐ शरण्याय नमः॥ ॐ वरेण्याय नमः॥

मधुराष्टकम्: अधरं मधुरं वदनं मधुरं

अधरं मधुरं वदनं मधुरं नयनं मधुरं हसितं मधुरं। हृदयं मधुरं गमनं मधुरं मधुराधिपते रखिलं मधुरं॥

श्री विन्ध्येश्वरी स्तोत्रम्

निशुम्भ शुम्भ गर्जनी, प्रचण्ड मुण्ड खण्डिनी । बनेरणे प्रकाशिनी, भजामि विन्ध्यवासिनी ॥ त्रिशूल मुण्ड धारिणी..

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