Shri Krishna Bhajan
गूगल पर भक्ति भारत को अपना प्रीफ़र्ड सोर्स बनाएँ

बांटने के लिए ईश्वर ने तुम्हें बहुत कुछ दिया है - प्रेरक कहानी (Bantane Ke Liye Eshwar Ne Tumhen Bahut Kuchh Diya Hai)


बांटने के लिए ईश्वर ने तुम्हें बहुत कुछ दिया है - प्रेरक कहानी
Add To Favorites Change Font Size
एक बार गौतम बुद्ध एक गांव में धर्म सभा को संबोधित कर रहे थे। लोग अपनी परेशानियों को लेकर उनके पास जाते और उनका हल लेकर खुशी-खुशी वहां से लौटते। उसी गांव में सड़क के किनारे एक गरीब व्यक्ति बैठा रहता और धर्म सभा में आने-जाने वाले लोगों को ध्यान से देखता। उसे बड़ा आश्चर्य होता कि लोग अंदर तो बड़ा दुखी चेहरा लेकर जाते हैं, लेकिन जब वापस आते हैं तो बड़े प्रसन्न दिखाई देते हैं। उस गरीब को लगा कि क्यों न वह भी अपनी समस्या को बुद्ध के सामने रखे? मन में यह विचार लिए वह भी महात्मा बुद्ध के पास पहुंचा।
लोग पंक्तिबद्ध खड़े होकर उन्हें अपनी समस्याएं बता रहे थे और वह मुस्कुराते हुए सबकी समस्याएं हल कर रहे थे।

जब उसकी बारी आई तो उसने सबसे पहले महात्मा को प्रणाम किया और कहा: भगवन, इस गांव में लगभग सभी लोग खुश और समृद्ध हैं। फिर मैं ही क्यों गरीब हूं?

इस पर बुद्ध मुस्कुराते हुए बोले: तुम गरीब और निर्धन इसलिए हो, क्योंकि तुमने आज तक किसी को कुछ दिया ही नहीं।

आर्श्चयचकित गरीब बोला: भगवन, मेरे पास भला दूसरों को देने के लिए क्या होगा? मेरा तो स्वयं का गुजारा बहुत मुश्किल से हो पाता है। लोगों से भीख मांग कर अपना पेट भरता हूं।

भगवान बुद्ध कुछ देर शांत रहे, फिर बोले: तुम बड़े अज्ञानी हो। औरों के साथ बांटने के लिए ईश्वर ने तुम्हें बहुत कुछ दिया है। मुस्कुराहट दी है, जिससे तुम लोगों में आशा का संचार कर सकते हो। मुंह से दो मीठे शब्द बोल सकते हो। दोनों हाथ से लोगों की मदद कर सकते हो। ईश्वर ने जिसको ये तीन चीजें दी हैं वह कभी गरीब और निर्धन हो ही नहीं सकता। निर्धनता का विचार आदमी के मन में होता है, यह तो एक भ्रम है इसे निकाल दो।
यह सुन ज्ञान से उस आदमी का चेहरा चमक उठा।
यह भी जानें

Prerak-kahani Buddha Prerak-kahaniTrue Prerak-kahani

अगर आपको यह prerak-kahani पसंद है, तो कृपया शेयर, लाइक या कॉमेंट जरूर करें!

Whatsapp Channelभक्ति-भारत वॉट्स्ऐप चैनल फॉलो करें »
इस prerak-kahani को भविष्य के लिए सुरक्षित / बुकमार्क करें Add To Favorites
* कृपया अपने किसी भी तरह के सुझावों अथवा विचारों को हमारे साथ अवश्य शेयर करें।

** आप अपना हर तरह का फीडबैक हमें जरूर साझा करें, तब चाहे वह सकारात्मक हो या नकारात्मक: यहाँ साझा करें

Latest Prerak-kahani ›

भगवान की कृपा से ही सब मिलता है - प्रेरक कहानी

एक राजा था, वह जब पूजा के लिए मंदिर जाता, तो 2 भिखारी उसके दाएं और बाएं बैठा करते।..

मन की शांति कैसे प्राप्त करें? - प्रेरक कहानी

सेठ अमीरचंद के पास अपार धन दौलत थी। उसे हर तरह का आराम था, लेकिन उसके मन को शांति नहीं मिल पाती थी। हर पल उसे कोई न कोई चिंता परेशान किये रहती थी...

सिय राम मय सब जग जानी - प्रेरक कहानी

अरे महात्मा जी, इस रास्ते से मत जाइये आगे एक बैल गुस्से में लोगों को मारता हुआ घूम रहा है। और आपने तो लाल वस्त्र भी पहन रखे हैं...

मानव सेवा में गोल्ड मेडेलिस्ट - प्रेरक कहानी

वासु भाई और वीणा बेन गुजरात के एक शहर में रहते हैं। आज दोनों यात्रा की तैयारी कर रहे थे।..

मैं सावंरे की कुदरत से हैरान हूँ - प्रेरक कहानी

वृंदावन शहर में एक वैघ थे, जिनका मकान भी बहुत पुराना था। वैघ साहब अपनी पत्नी को कहते कि जो तुम्हें चाहिए एक चिठ्ठी में लिख दो दुकान पर आकर पहले वह चिठ्ठी खोलते।

स्वयं प्रभु मूर्तिमान होकर जनाबाई का हाथ बंटाते - प्रेरक कहानी

नामदेवजी के साथ जनाबाई का कुछ पारलौकिक सम्बन्ध था। संवत १४०७ में नामदेवजी ने समाधि ली, उसी दिन उनके पीछे-पीछे कीर्तन करती हुई जनाबाई भी विठ्ठल भगवान में विलीन हो गईं।

बुरी स्मृतियाँ भुला ही देनी चाहिए - प्रेरक कहानी

दो भाई थे। परस्पर बडे़ ही स्नेह तथा सद्भावपूर्वक रहते थे। पर एक दिन किसी बात पर दोनों में कहा सुनी हो गई..

Hanuman Chalisa - Hanuman Chalisa
Hanuman Chalisa - Hanuman Chalisa
Bhakti Bharat APP