गणेशोत्सव - Ganeshotsav
गूगल पर भक्ति भारत को अपना प्रीफ़र्ड सोर्स बनाएँ

बांटने के लिए ईश्वर ने तुम्हें बहुत कुछ दिया है - प्रेरक कहानी (Bantane Ke Liye Eshwar Ne Tumhen Bahut Kuchh Diya Hai)


बांटने के लिए ईश्वर ने तुम्हें बहुत कुछ दिया है - प्रेरक कहानी
Add To Favorites Change Font Size
एक बार गौतम बुद्ध एक गांव में धर्म सभा को संबोधित कर रहे थे। लोग अपनी परेशानियों को लेकर उनके पास जाते और उनका हल लेकर खुशी-खुशी वहां से लौटते। उसी गांव में सड़क के किनारे एक गरीब व्यक्ति बैठा रहता और धर्म सभा में आने-जाने वाले लोगों को ध्यान से देखता। उसे बड़ा आश्चर्य होता कि लोग अंदर तो बड़ा दुखी चेहरा लेकर जाते हैं, लेकिन जब वापस आते हैं तो बड़े प्रसन्न दिखाई देते हैं। उस गरीब को लगा कि क्यों न वह भी अपनी समस्या को बुद्ध के सामने रखे? मन में यह विचार लिए वह भी महात्मा बुद्ध के पास पहुंचा।
लोग पंक्तिबद्ध खड़े होकर उन्हें अपनी समस्याएं बता रहे थे और वह मुस्कुराते हुए सबकी समस्याएं हल कर रहे थे।

जब उसकी बारी आई तो उसने सबसे पहले महात्मा को प्रणाम किया और कहा: भगवन, इस गांव में लगभग सभी लोग खुश और समृद्ध हैं। फिर मैं ही क्यों गरीब हूं?

इस पर बुद्ध मुस्कुराते हुए बोले: तुम गरीब और निर्धन इसलिए हो, क्योंकि तुमने आज तक किसी को कुछ दिया ही नहीं।

आर्श्चयचकित गरीब बोला: भगवन, मेरे पास भला दूसरों को देने के लिए क्या होगा? मेरा तो स्वयं का गुजारा बहुत मुश्किल से हो पाता है। लोगों से भीख मांग कर अपना पेट भरता हूं।

भगवान बुद्ध कुछ देर शांत रहे, फिर बोले: तुम बड़े अज्ञानी हो। औरों के साथ बांटने के लिए ईश्वर ने तुम्हें बहुत कुछ दिया है। मुस्कुराहट दी है, जिससे तुम लोगों में आशा का संचार कर सकते हो। मुंह से दो मीठे शब्द बोल सकते हो। दोनों हाथ से लोगों की मदद कर सकते हो। ईश्वर ने जिसको ये तीन चीजें दी हैं वह कभी गरीब और निर्धन हो ही नहीं सकता। निर्धनता का विचार आदमी के मन में होता है, यह तो एक भ्रम है इसे निकाल दो।
यह सुन ज्ञान से उस आदमी का चेहरा चमक उठा।
यह भी जानें

Prerak-kahani Buddha Prerak-kahaniTrue Prerak-kahani

अगर आपको यह prerak-kahani पसंद है, तो कृपया शेयर, लाइक या कॉमेंट जरूर करें!

Whatsapp Channelभक्ति-भारत वॉट्स्ऐप चैनल फॉलो करें »
इस prerak-kahani को भविष्य के लिए सुरक्षित / बुकमार्क करें Add To Favorites
* कृपया अपने किसी भी तरह के सुझावों अथवा विचारों को हमारे साथ अवश्य शेयर करें।

** आप अपना हर तरह का फीडबैक हमें जरूर साझा करें, तब चाहे वह सकारात्मक हो या नकारात्मक: यहाँ साझा करें।

Latest Prerak-kahani ›

दया करते समय व्यापर मत करो - प्रेरक कहानी

हमेशा की तरह दोपहर को सब्जीवाली दरवाजे पर आई और चिल्लाई, चाची- आपको सब्जियां लेनी हैं?
माँ हमेशा की तरह अंदर से चिल्लाई- सब्जियों में क्या-क्या है?
सब्जीवाली- ग्वार, पालक, भिन्डी, आलू, टमाटर

व्यक्ति की पहचान, व्यवहार और नियत से है - प्रेरक कहानी

आदतें असलियत का पता बता देती हैं... एक राजा के दरबार मे एक अजनबी इंसान नौकरी माँगने के लिए आया।

प्रेरणादायक महाराजा रणजीत सिंह की कहानियाँ

एक बार महाराजा कहीं जा रहे थे, तभी उनके माथे पर पत्थर आकार लगा। उनके माथे पर से खून बहने लगा।...

श्री गणेश एवं बुढ़िया माई की कहानी

एक बुढ़िया माई थी। मिट्टी के गणेश जी की पूजा करती थी। रोज बनाए रोज गल जाए। एक सेठ का मकान बन रहा था..

राजा की सम्यक् दृष्टि - प्रेरक कहानी

एक दिन राजा अपनी शैया पर लेेटे-लेटे सोचने लगा, मैं कितना भाग्यशाली हूँ। कितना विशाल है मेरा परिवार, कितना समृद्ध है मेरा अंत:पुर, कितनी मजबूत है मेरी सेना..

शत्रु को मित्र कैसे बनाएं? - प्रेरक कहानी

एक राजा था। उसने एक सपना देखा। सपने में उससे एक परोपकारी साधु कह रहा था कि, बेटा! कल रात को तुम्हें एक विषैला सांप काटेगा...

जो कृष्ण में है, वही तुममें भी।

एक पुरानी कहानी है, एक शेरनी छलांग लगा रही थी। और छलांग के बीच में ही उसको बच्चा हो गया। वह तो छलांग लगाकर चली गई...

Ganesh Aarti Bhajan - Ganesh Aarti Bhajan
Ganesh Aarti Bhajan - Ganesh Aarti Bhajan
Bhakti Bharat APP