Sawan 2026
गूगल पर भक्ति भारत को अपना प्रीफ़र्ड सोर्स बनाएँ

भगवान पर विश्वास को डिगने न दें - प्रेरक कहानी (Bhagwan Par Vishwas Ko Digane Na Den)


Add To Favorites Change Font Size
एक आदमी जब भी दफ्तर से वापस आता, तो कुत्ते के प्यारे से पिल्ले रोज उसके पास आकर उसे घेर लेते थे क्योंकि वो रोज उन्हें बिस्कुट देता था। कभी 4 कभी 5 कभी 6 पिल्ले रोज आते और वो रोज उन्हें बिस्कुट या ब्रेड खिलाता था। एक रात जब वो दफ़्तर से वापस आया तो पिल्लों ने उसे घेर लिया लेकिन उसने देखा कि घर मे बिस्कुट ओर ब्रेड दोनो खत्म हो गए हैं।
रात भी काफी हो गई थी, इस समय दुकान का खुला होना भी मुश्किल ही था, सभी पिल्ले बिस्कुट का इंतज़ार करने लगे। उसने सोचा कोई बात नहीं कल खिला दूंगा, ओर ये सोचकर उसने घर का दरवाजा बंद कर लिया, पिल्ले अभी भी बाहर उसका इंतजार कर रहे थे। ये देखकर उसका मन विचलित हो गया, तभी उसे याद आया कि घर मे मेहमान आये थे, जिनके लिए वो काजू बादाम वाले बिस्कुट लाया था।

उसने फटाफट डब्बा खोला तो उसमें सिर्फ 7-8 बिस्कुट थे, उसके मन मे विचार आया कि इतने बिस्कुट से तो कुछ नहीं होगा, एक का भी पेट नही भरेगा, पर सोचा कि चलो सब को एक एक दे दूंगा, तो ये चले जायेंगे। उन बिस्कुट को लेकर जब वो बाहर आया तो देखा कि सारे पिल्ले जा चुके थे, सिर्फ एक पिल्ला उसके इंतज़ार में अभी भी इस विश्वास के साथ बैठा था कि कुछ तो जरूर मिलेगा। उसे बड़ा आश्चर्य हुआ। उसने वो सारे बिस्कुट उस एक पिल्ले के सामने डाल दिये। वो पिल्ला बड़ी खुशी के साथ वो सब बिस्कुट खा गया और फिर चला गया।

बाद में उस आदमी ने सोचा कि हम मनुष्यों के साथ भी तो यही होता है, जबतक ईश्वर हमे देते रहते हैं, तब तक हम खुश रहते हैं और भक्ति में लगे रहते हैं।
उसके फल का इंतज़ार करते है, लेकिन भगवान को जरा सी देर हुई नही कि हम उसकी भक्ति पर संदेह करने लगते हैं, दूसरी तरफ जो उसपर विश्वास बनाये रखता है, उसे उसके विश्वास से ज्यादा मिलता है।

इसलिये अपने प्रभु पर विश्वास बनाये रखें, अपने विश्वास को किसी भी परिस्थिति में डिगने ना दें, अगर देर हो रही है इसका मतलब है कि प्रभु आपके लिए कुछ अच्छा करने में लगे हुए हैं।
यह भी जानें

Prerak-kahani Syrcus Prerak-kahaniKalakar Prerak-kahaniTrust Prerak-kahaniVishwas Prerak-kahani

अगर आपको यह prerak-kahani पसंद है, तो कृपया शेयर, लाइक या कॉमेंट जरूर करें!

Whatsapp Channelभक्ति-भारत वॉट्स्ऐप चैनल फॉलो करें »
इस prerak-kahani को भविष्य के लिए सुरक्षित / बुकमार्क करें Add To Favorites
* कृपया अपने किसी भी तरह के सुझावों अथवा विचारों को हमारे साथ अवश्य शेयर करें।

** आप अपना हर तरह का फीडबैक हमें जरूर साझा करें, तब चाहे वह सकारात्मक हो या नकारात्मक: यहाँ साझा करें

Latest Prerak-kahani ›

जब भक्त के लिए भगवान ने दी गवाही - साक्षी गोपाल मंदिर सत्य कथा

एक बूढ़ा ब्राह्मण तीर्थ यात्रा करना चाहता था। उनके स्वयं के बच्चे थे पर वो उनकी धर्म-कर्म वाली बातों का पालन नहीं करते थे।

यज्ञ की सच्ची पूर्ण आहुति - प्रेरक कहानी

एक बार युधिष्ठिर ने विधि-विधान से महायज्ञ का आयोजन किया। उसमें दूर-दूर से राजा-महाराजा और विद्वान आए।...

भक्ति का प्रथम मार्ग है, सरलता - प्रेरक कहानी

प्रभु बोले भक्त की इच्छा है पूरी तो करनी पड़ेगी। चलो लग जाओ काम से। लक्ष्मण जी ने लकड़ी उठाई, माता सीता आटा सानने लगीं। आज एकादशी है...

संस्कार क्या है? - प्रेरक कहानी

यह बात सुनकर बच्चे को राजा पर गुस्सा आया और माँ से बोला: माँ मैं इसका बदला लूंगा।

पुरुषार्थ की निरंतरता - प्रेरक कहानी

आज की कहानी के नायक अंगूठा छाप तन्विक पढ़े लिखे तो नहीं थे पर हुनरमंद अवश्य थे। वह पेशे से एक माली हैं और बंजर धरा को हरीभरी करने की कला में माहिर हैं।

दो अनमोल हीरे - प्रेरक कहानी

एक व्यापारी को बाज़ार में घूमते हुए एक बहुत अच्छी नस्ल का ऊँट दिखाई पड़ा। व्यापारी और ऊँट बेचने वाले के बीच काफी लंबी सौदेबाजी हुई और आखिर में व्यापारी ऊँट खरीद कर घर ले आया... | दुनियाँ के सबसे अमीर व्यक्ति के पास, दो अनमोल हीरे..

प्रणाम का महत्व - प्रेरक कहानी

महाभारत का युद्ध चल रहा था, एक दिन दुर्योधन के व्यंग्य से आहत होकर भीष्म पितामह घोषणा कर देते हैं कि: मैं कल पांडवों का वध कर दूँगा..

Sawan 2026 - Sawan 2026
Sawan 2026 - Sawan 2026
Bhakti Bharat APP