Haanuman Bhajan
गूगल पर भक्ति भारत को अपना प्रीफ़र्ड सोर्स बनाएँ

भिखारी के माध्यम से लोगों को संदेश - प्रेरक कहानी (Bhikhari Ke Madhyam Se Logon Ko Sandesh)


Add To Favorites Change Font Size
बनारस में एक सड़क के किनारे एक बूढ़ा भिखारी बैठता था। वह उसकी निश्चित जगह थी। आने-जाने वाले पैसे या खाने-पीने को कुछ दे देते। इसी से उसका जीवन चल रहा था। उसके शरीर में कई घाव हो गए थे। जिनसे उसे बड़ा कष्ट था।
एक युवक रोज उधर से आते-जाते समय उस भिखारी को देखता। एक दिन वह भिखारी के पास आकर बोला- बाबा! इतनी कष्टप्रद अवस्था में भी आप जीने की आशा रख रहे हैं। जबकि आपको ईश्वर से मुक्ति की प्रार्थना करनी चाहिए।

भिखरी ने उत्तर दिया- मैं ईश्वर से रोज यही प्रार्थना करता हूँ। लेकिन वह मेरी प्रार्थना सुनता नहीं है। शायद वह मेरे माध्यम से लोगों को यह संदेश देना चाहता है कि किसी का भी हाल मेरे जैसा हो सकता है। मैं भी पहले तुम लोगों की तरह ही था।

अहंकारवश अपने किये कर्मों के कारण मैं यह कष्ट भोग रहा हूँ। इसलिए मेरे उदाहरण के द्वारा वह(प्रभु) सबको एक सीख दे रहा है।

युवक ने बूढ़े भिखारी को प्रणाम किया और कहा- आज आपने मुझे जीवन की सच्ची सीख दी दी। जिसे मैं कभी नहीं भूलूंगा।
यह भी जानें

Prerak-kahani Banaras Prerak-kahaniVaranasi Prerak-kahaniBhikhari Prerak-kahaniBhagwn Ka Sansdesh Prerak-kahani

अगर आपको यह prerak-kahani पसंद है, तो कृपया शेयर, लाइक या कॉमेंट जरूर करें!

Whatsapp Channelभक्ति-भारत वॉट्स्ऐप चैनल फॉलो करें »
इस prerak-kahani को भविष्य के लिए सुरक्षित / बुकमार्क करें Add To Favorites
* कृपया अपने किसी भी तरह के सुझावों अथवा विचारों को हमारे साथ अवश्य शेयर करें।

** आप अपना हर तरह का फीडबैक हमें जरूर साझा करें, तब चाहे वह सकारात्मक हो या नकारात्मक: यहाँ साझा करें

Latest Prerak-kahani ›

सतगुरु की कृपा: जब चींटी पर हुई गुरु कृपा

एक संत ने बहुत सुंदर उदाहरण दिया। वे कहते थे कि अगर किसी चींटी को हरिद्वार से ऋषिकेश खुद जाना हो, तो उसे तीन-चार जन्म लग सकते हैं।

सतगुरु की कृपा से कैसे चोर राजा बना - प्रेरक कहानी

एक बार एक चोर ने गुरु से नाम ले लिया, और बोला गुरु जी चोरी तो मेरा काम है ये तो नहीं छूटेगी मेरे से अब गुरु जी बोले ठीक है म तुझे एक दूसरा नेम देता हुँ..

तुलसीदास जी कुटिया पर श्री राम लक्षमण का पहरा - सत्य कथा

उन वीर पाहरेदारों की सावधानी देखकर चोर बडे प्रभावित हुए और उनके दर्शन से उनकी बुद्धि शुद्ध हो गयी।

भेष बदलने से स्वभाव नहीं बदलता - प्रेरक कहानी

बात द्वापरयुग की है। अज्ञातवास में पांडव रूप बदलकर ब्रह्मणों के वेश में रह रहे थे। एक दिन उन्हें कुछ ब्राह्मण मिले...

गुरु का स्थान, श्रेष्ठ - प्रेरक कहानी

एक राजा को पढने लिखने का बहुत शौक था। एक बार उसने मंत्री-परिषद् के माध्यम से अपने लिए एक शिक्षक की व्यवस्था की। शिक्षक राजा को पढ़ाने के लिए आने लगा।..

गुरू की बात को गिरिधारी भी नही टाल सकते - प्रेरक कहानी

उन्होंने मेरे शब्दो का मान रखते हुए मेरे शिष्य पर अपनी सारी कृपा उडेल दी। इसलिए कहते है गुरू की बात को गिरिधारी भी नही टाल सकते।

गुरु गूंगे, गुरु बावरे, गुरु के रहिये दास! - Guru Purnima Special - प्रेरक कहानी

गुरु गूंगे गुरु बाबरे गुरु के रहिये दास, गुरु जो भेजे नरक को, स्वर्ग कि रखिये आस!

Janmashtami - Janmashtami
Hanuman Chalisa - Hanuman Chalisa
Bhakti Bharat APP