Shri Krishna Bhajan

बुराई का अंत हर हाल में होता है - प्रेरक कहानी (Burai Ka Ant Har Haal Me Hota Hai)


Add To Favorites Change Font Size
एक सांप को एक बाज आसमान पे ले कर उड राहा था।
अचानक पंजे से सांप छूट गया और कुवें मे गिर गया बाज ने बहुत कोशिश की अखिर थक हार कर चला गया।

सांप ने देखा कुवें मे बड़े किंग साईज़ के बड़े बड़े मेढक मौजूद थे।

पहले तो डरा फिर एक सूखे चबूतरे पर जा बैठा और मेढकों के प्रधान को लगा खोजने।

अखिर उसने एक मेढक को बुलाया और कहा मैं सांप हूँ मेरा ज़हर तुम सब को पानी मे मार देगा।

ऐसा करो रोज़ एक मेढक तुम मेरे पास भेजा करो, वह मेरी सेवा करेगा और तुम सब बहुत आराम से रह सकते हो।
पर याद रखना एक मेढक रोज़ रोज़ आना चाहिए।एक एक कर के सारे मेढक सांप खा गया।

जब अकेले प्रधान मेढक बचा तब सांप चबूतरे से उतर कर पानी मे आया और बोला प्रधान जी आज आप की बारी है।

प्रधान मेढक ने कहा मेरे साथ विश्वास घात ? सांप बोला जो अपनो के साथ विश्वास घात करता है उसका यही अंजाम होता है।
फिर उसने प्रधान जी को गटक लिया।

कुछ देर के बाद साँप आहिस्ता आहिस्ता कुवें के ऊपर आ कर चबूतरे पर लेट गया।

तभी एक बाज ने आ कर साँप को दबोच लिया नवनीत और बोला पहचान साँप मुझे मैं वही बाज हूँ जिसके बच्चे तूने पिछले साल खा लिये थे।

और जब तुझे पकड़ कर ले जा रहा था तब तू मेरे पंजे से छूट कर कुएं मे जा गिरा था।नवनीत

तब से मैं रोज़ तेरी हरकत पर नज़र रखता था।आज तू सारे मेढक खा कर काफी मोटा हो गया।
मेरे फिर से बच्चे बड़े हो रहे है वह तुझे ज़िंदा नोच नोच कर अपने भाई बहनो का बदला लेंगे।।

फिर बाज साँप को लेकर उड़ गया अपने घोसले की तरफ।
बुराई एक दिन हार जाती है वह चाहे कितनी भी ताक़त वर हो !
यह भी जानें

Prerak-kahani Snake Prerak-kahaniSharp Prerak-kahaniBaaj Prerak-kahaniBarai Ka Ant Prerak-kahani

अगर आपको यह prerak-kahani पसंद है, तो कृपया शेयर, लाइक या कॉमेंट जरूर करें!

Whatsapp Channelभक्ति-भारत वॉट्स्ऐप चैनल फॉलो करें »
इस prerak-kahani को भविष्य के लिए सुरक्षित / बुकमार्क करें Add To Favorites
* कृपया अपने किसी भी तरह के सुझावों अथवा विचारों को हमारे साथ अवश्य शेयर करें।

** आप अपना हर तरह का फीडबैक हमें जरूर साझा करें, तब चाहे वह सकारात्मक हो या नकारात्मक: यहाँ साझा करें

Latest Prerak-kahani ›

ईश्वर का न्याय! इसी जन्म मे - प्रेरक कहानी

चलते हुए जब वो तालाब से होकर गुजर रहे थे, तो उन्होंने देखा कि एक धीवर नदी में जाल डाले हुए है। शिष्य यह सब देख खड़ा हो गया और धीवर को अहिंसा परमोधर्म का उपदेश देने लगा।...

बुरी स्मृतियाँ भुला ही देनी चाहिए - प्रेरक कहानी

दो भाई थे। परस्पर बडे़ ही स्नेह तथा सद्भावपूर्वक रहते थे। पर एक दिन किसी बात पर दोनों में कहा सुनी हो गई..

परोपकार करने से फर्क तो पड़ता है - प्रेरक कहानी

दौड़ते-भागते शर्मा जी जैसे ही ऑफिस पहुँचे डायरेक्टर के मुँह लगे चपरासी ने उन्हें बताया - सर ने आपको आते ही मिलने के लिए कहा है।

विपरीत परिस्थिति में कैसा व्यवहार करे? - प्रेरक कहानी

तभी साधू ने दोबारा उसे हाथ में लेकर बचने की कोशिश की पर बिच्छू ने एक बार फिर से तेज डंक का प्रहार किया और साधू के हाथ से छूट कर दूर जा कर गिरा।...

बुराई का अंत हर हाल में होता है - प्रेरक कहानी

एक सांप को एक बाज़ आसमान पे ले कर उड राहा था। अचानक पंजे से सांप छूट गया और कुवें मे गिर गया बाज़ ने बहुत कोशिश की अखिर थक हार कर चला गया।

इल्ली और घुन की कहानी

एक इल्ली और घुन था। इल्ली बोली आओ घुन कार्तिक स्नान करे, घुन बोला तू ही कार्तिक स्नान कर ले।..

हे कन्हैया! क्या बिगाड़ा था मैंने तुम्हारा - प्रेरक कहानी

एक औरत रोटी बनाते बनाते ॐ भगवते वासूदेवाय नम: का जाप कर रही थी, अलग से पूजा का समय कहाँ निकाल पाती थी बेचारी, तो बस काम करते करते ही..

Hanuman Chalisa - Hanuman Chalisa
Hanuman Chalisa - Hanuman Chalisa
Bhakti Bharat APP