Shri Krishna Bhajan
गूगल पर भक्ति भारत को अपना प्रीफ़र्ड सोर्स बनाएँ

सफल लाइफ में ऐसा कोई भी शॉर्टकट नहीं - प्रेरक कहानी (Shortcut Of Success In Life)


Add To Favorites Change Font Size
एक बार एक चिड़िया जंगल मे अपने मीठे सुर मे गाना गा रही थी। तभी, उसके पास से एक किसान कीड़ों से भरा एक संदूक ले करके गुजरा।
चिड़िया ने उस किसान को रोक कर पूछा - भाई तुम्हारे संदूक के अंदर क्या है, और अभी तुम कहाँ जा रहे हो?
किसान ने चिड़िया से कहासी - इस संदूक में कीड़े हैं और वह बाजार से उन कीड़ो के बदले पंख खरीदेगा। इतना कहकर किसान बाजार की तरफ बढ़ने लगा।


चिड़िया ने किसान का रास्ता रोकते हुए अनुरोध किया - पंख तो मेरे पास भी हैं। मुझे कीड़े तलाशने के लिये बहुत सफर करना पड़ता है, तुम मेरा एक पंख ले लो और बदले में मुझे कीड़े दे दो। इससे मुझे कीड़ों की तलाश के लिये बाहर नहीं जाना पड़ेगा।

किसान ने चिड़िया को कीड़े दे दिए, और ने बदले में उसे उसका एक पंख तोड़कर दे दिया। उसके बाद रोज यही सिलसिला चलता रहा, और एक दिन ऐसा भी आया, जब के पास देने के लिए एक भी पंख नहीं बचा। वह उड़कर कीड़े तलाशने लायक भी नहीं रह गई थी। वह भद्दी भी दिखाने लगी, उसने अब गाना भी छोड़ दिखा। भोजन की तलाश करते-करते जल्दी ही वह मर गई।


दोस्तो यही बातें हमारी जिंदगी मे भी लागू होती है। कई बार हम ऐसा रास्ता चुनते हैं जो हमें शुरूआती दौर मे बहुत आसान लगता है पर वही रास्ता हमें आगे चलकर मुश्किल में डाल देता है। चिड़िया को भोजन हासिल करने का तरीका बहुत आसान लगा लेकिन आगे चलकर वही मुश्किल और नुकसानदेह तरीका साबित हुआ।

लाइफ में ऐसा कोई भी शॉर्टकट नहीं है जो आपको तुरंत सफल बना दे अच्छा होगा कि आप लालच मे न फसे और आसान रास्ता रूपी सबसे खतरनाक रास्ते मे अपने कदम न बढ़ाएँ।
यह भी जानें

Prerak-kahani Success Prerak-kahaniSuccess In Life Prerak-kahaniShortcut In Life Prerak-kahaniKisan Prerak-kahaniChidiya Prerak-kahaniFarmer Prerak-kahani

अगर आपको यह prerak-kahani पसंद है, तो कृपया शेयर, लाइक या कॉमेंट जरूर करें!

Whatsapp Channelभक्ति-भारत वॉट्स्ऐप चैनल फॉलो करें »
इस prerak-kahani को भविष्य के लिए सुरक्षित / बुकमार्क करें Add To Favorites
* कृपया अपने किसी भी तरह के सुझावों अथवा विचारों को हमारे साथ अवश्य शेयर करें।

** आप अपना हर तरह का फीडबैक हमें जरूर साझा करें, तब चाहे वह सकारात्मक हो या नकारात्मक: यहाँ साझा करें

Latest Prerak-kahani ›

खुद की मदद करें, भगवान भी तभी मदद करेंगे - प्रेरक कहानी

सन्यासी: तो फिर किस हक़ से तुम भगवान को दोष दे रहे हो, भगवान उन्हीं लोगों की मदद करते हैं जो स्वयं की मदद करते हैं।

सुलझन के लिये सद्‌गुरु की बुद्धि से चलो - प्रेरक कहानी

राजा ने सोचा मेरे लिये सबसे अहम तो मैं ही हूँ, और विजयप्रताप स्वयं भेश बदलकर गये। राजा धर्मराज और राजा विजयप्रताप एक ऊँची पहाडी पर माँ काली के मन्दिर मे मिले...

मंगलमय पवित्र दान - प्रेरक कहानी

एक सेठ ने अन्नसत्र खोल रखा था। उनमें दान की भावना तो कम थी, पर समाज उन्हें दानवीर समझकर उनकी प्रशंसा करे यह भावना मुख्य थी। उनके प्रशंसक भी कम नहीं थे।..

दान करने से वस्तु घटती नहीं - प्रेरक कहानी

एक दयालु नरेश - एक राजा बड़े धर्मात्मा और दयालु थे, किंतु उनसे भूलसे कोई एक पाप हो गया था। जब उनकी मृत्यु हो गयी, तब उन्हें लेने यमराजके दूत आये।..

किसान की परमात्मा से नाराज़गी

एक बार एक किसान परमात्मा से बड़ा नाराज हो गया! कभी बाढ़ आ जाये, कभी सूखा पड़ जाए, कभी धूप बहुत तेज हो जाए तो कभी ओले पड़ जाये...

सत्कर्मों में सदैव आस्था रखें - प्रेरक कहानी

एक नदी के तट पर एक शिव मंदिर था, एक पंडितजी और एक चोर प्रतिदिन अपनी-अपनी आस्था के अनुरूप मंदिर आया करते थे।

कर्ण को ही सबसे बड़ा दानी क्यों कहते हैं? - प्रेरक कहानी

एक बार की बात है कि श्री कृष्ण और अर्जुन कहीं जा रहे थे। रास्ते में अर्जुन ने श्री कृष्ण से पूछा कि प्रभु: एक जिज्ञासा है मेरे मन में, अगर आज्ञा हो तो पूछूँ..

Durga Chalisa - Durga Chalisa
Ram Bhajan - Ram Bhajan
Bhakti Bharat APP