Shri Ram Bhajan
गूगल पर भक्ति भारत को अपना प्रीफ़र्ड सोर्स बनाएँ

दो अनमोल हीरे - प्रेरक कहानी (Do Anmol Heere)


Add To Favorites Change Font Size
दुनियाँ के सबसे अमीर व्यक्ति के पास, दो अनमोल हीरे -
एक व्यापारी को बाज़ार में घूमते हुए एक बहुत अच्छी नस्ल का ऊँट दिखाई पड़ा। व्यापारी और ऊँट बेचने वाले के बीच काफी लंबी सौदेबाजी हुई और आखिर में व्यापारी ऊँट खरीद कर घर ले आया।
घर पहुँचने पर व्यापारी ने अपने नौकर को ऊँट का कजावा (काठी) निकालने के लिए बुलाया। कजावे के नीचे नौकर को एक छोटी सी मखमल की थैली मिली जिसे खोलने पर उसे कीमती हीरे जवाहरात भरे होने का पता चला।

नौकर चिल्लाया, मालिक आपने ऊँट खरीदा, लेकिन देखो, इसके साथ क्या मुफ्त में आया है। व्यापारी भी हैरान था। उसने अपने नौकर के हाथों में हीरे देखे जो कि चमचमा रहे थे और सूरज की रोशनी में और भी टिम टिमा रहे थे।

व्यापारी बोला- मैंने ऊँट ख़रीदा है, न कि हीरे, मुझे उसे तुरंत वापस करना चाहिए।

नौकर मन में सोच रहा था कि मेरा मालिक कितना बेवकूफ है।
बोला- मालिक किसी को पता नहीं चलेगा।

पर, व्यापारी ने एक न सुनी और वह तुरंत बाज़ार पहुँचा और दुकानदार को मख़मली थैली वापिस दे दी। ऊँट बेचने वाला बहुत ख़ुश था, बोला, मैं भूल ही गया था कि अपने कीमती पत्थर मैंने कजावे के नीचे छुपा के रख दिए थे। अब आप इनाम के तौर पर कोई भी एक हीरा चुन लीजिए

व्यापारी बोला- मैंने ऊँट के लिए सही कीमत चुकाई है इसलिए मुझे किसी शुक्राने और उपहार की जरूरत नहीं है।
जितना व्यापारी मना करता जा रहा था, ऊँट बेचने वाला उतना ही ज़ोर दे रहा था।
अंत में व्यापारी ने मुस्कुराते हुए कहा- जब मैंने थैली वापस लाने का सोचा तो मैंने पहले से ही दो सबसे कीमती हीरे इसमें से अपने पास रख लिए थे।

इस कबूलनामें के बाद ऊँट बेचने वाला भड़क गया उसने अपने हीरे जवाहरात गिनने के लिए थैली को तुरंत खाली कर लिया।
पर वह था बड़ी पशोपेश में बोला- मेरे सारे हीरे तो यहीं है, तो सबसे कीमती दो कौन से थे जो आपने रख़ लिए?

व्यापारी बोला- मेरी ईमानदारी और मेरा आत्म सम्मान। जिस-जिस के पास यह 2 हीरे है वह दुनियाँ के सबसे अमीर व्यक्ति हैं।
यह भी जानें

Prerak-kahani Vyapari Prerak-kahaniMarket Prerak-kahaniMerchant Prerak-kahaniOont Prerak-kahaniCamel Prerak-kahaniEmandari Prerak-kahaniHonesty Prerak-kahaniSelfrespect Prerak-kahaniHeere Prerak-kahaniTwo Diamonds Prerak-kahani

अगर आपको यह prerak-kahani पसंद है, तो कृपया शेयर, लाइक या कॉमेंट जरूर करें!

Whatsapp Channelभक्ति-भारत वॉट्स्ऐप चैनल फॉलो करें »
इस prerak-kahani को भविष्य के लिए सुरक्षित / बुकमार्क करें Add To Favorites
* कृपया अपने किसी भी तरह के सुझावों अथवा विचारों को हमारे साथ अवश्य शेयर करें।

** आप अपना हर तरह का फीडबैक हमें जरूर साझा करें, तब चाहे वह सकारात्मक हो या नकारात्मक: यहाँ साझा करें

Latest Prerak-kahani ›

ठाकुर जी सेवा में अहंकार नहीं विनम्रता रखें - प्रेरक कहानी

कमल किशोर सोने एवं हीरे-जवाहरात बनाने एवं बेचने का काम करता था। उसकी दुकान से बने हुए गहने दूर-दूर तक मशहूर थे।...

कुछ लोग ही कृष्ण की ओर बढ़ते हैं - प्रेरक कहानी

भोजन की गंध पाने पर तालाब से पांच छह बतखें उनके पास आकर पुकारने लगी क्वेक, क्वेक प्रभुपाद ने बड़े स्नेह से उन बतखों को भोजन दिया...

विद्वत्ता पर कभी घमंड न करें - प्रेरक कहानी

महाकवि कालिदास रास्ते में थे। प्यास लगी। वहां एक पनिहारिन पानी भर रही थी।
कालिदास बोले: माते! पानी पिला दीजिए बङा पुण्य होगा।

मृत्यु से भय कैसा? - प्रेरक कहानी

राजा परीक्षित को श्रीमद्भागवत पुराण सुनातें हुए जब शुकदेव जी महाराज को छह दिन बीत गए और तक्षक (सर्प) के काटने से मृत्यु होने का एक दिन शेष रह गया..

बुरे विचारों से बचने के उपाय - प्रेरक कहानी

एक दिन आचानक किसी संत से उसका सम्पर्क हुआ। वह संत से उक्त अशुभ विचारों से मुक्ति दिलाने की प्रार्थना करने लगा...

ऐसे ही होने चाहिए गुरु - प्रेरक कहानी

वह उनके चरण स्पर्श कर अपना परिचय देता है। वे बड़े प्यार से पुछती है, अरे वाह, आप मेरे विद्यार्थी रहे है, अभी क्या करते हो, क्या बन गए हो?

शुभचिन्तक की अज्ञानवस भी उपेक्षा न करें - प्रेरक कहानी

सच्चे शुभचिन्तक की अज्ञानवस भी उपेक्षा न करें - एक कुम्हार को मिट्टी खोदते हुए अचानक एक हीरा मिल गया, उसने उसे अपने गधे के गले में बांध दिया...

Ram Bhajan - Ram Bhajan
Ram Bhajan - Ram Bhajan
Bhakti Bharat APP