औलख निरंजन जै जै दूधाधारी - भजन (Aulakh Niranjan Jai Jai Dudhadhari)


औलख, निरंजन... ( जय जय, दुੱਧाधारी ) ।
औलख, निरंजन... ( जय जय, पौणाहारी ) ।
औलख, निरंजन... जय जय, दुੱਧाधारी...
पाली, बन, रत्नो के, आए बाबा जी... ( जय हो ) ।
बन, खंडी, गायों को, चराए बाबा जी... ( जय हो ) ।
जान, लगे, रत्नो के, घर देख लो... ( जय हो ) ।
रत्नो, लुहारी गई, तारी देख लो... कहते,
औलख, निरंजन... ( जय जय, दुੱਧाधारी...

फसलों, को देख, ज़मींदार रोते हैं... ( जय हो ) ।
इकट्ठे, होकर, बाबा जी के, पास आते हैं... ( जय हो ) ।
गुस्से, में, कहते तुम, तलाइयाँ सारी... ( जय हो ) ।
देख, जाकर, घूम, फसलें उजाड़ीं... कहते,
औलख, निरंजन... ( जय जय, दुੱਧाधारी...

हंस, हंस, बाबा, कहते, क्या हो गया... ( जय हो ) ।
काहे से, मचाया, शोर, तुम्हारा, क्या हो गया... ( जय हो ) ।
कौन से, तुम्हारे, खेत, उजाड़े गायों ने... ( जय हो ) ।
काम, नहीं, किया ये, सारी गायों ने... कहते,
औलख, निरंजन... ( जय जय, दुੱਧाधारी...

भक्ति भारत भजन पता, लगा, जब, रत्नो, लुहारी को... ( जय हो ) ।
गुस्से, में, कहती, आके, पौणहारी को... ( जय हो ) ।
पाली, बन, तुझे मैंने, खिलाई रोटियां... ( जय हो ) ।
दूध, दही, लस्सी, और मलाई मोटियां... कहते,
औलख, निरंजन... ( जय जय, दुੱਧाधारी...

घर, घर, ज्योत जगी, कलाधारी की... ( जय हो ) ।
पूजा, बड़ी, होने लगी, पौणाहारी की... ( जय हो ) ।
भक्त, भी जाकर देखो, आने लगे... ( जय हो ) ।
रोट, मणी, झंडा भी, चढ़ाने लगे... कहते,
औलख, निरंजन... ( जय जय, दुੱਧाधारी... )
Aulakh Niranjan Jai Jai Dudhadhari - Read in English
Aulakh, Niranjan... ( Jay Jay, Dudhadhari ) । Aulakh, Niranjan... ( Jay Jay, Paunaahaari ) ।
Bhajan Shiv BhajanBholenath BhajanMahadev BhajanShivaratri BhajanSavan BhajanMonday BhajanSomvar BhajanSolah Somvar BhajanAulakh Niranjan BhajanDudhadhari Bhajan
अगर आपको यह भजन पसंद है, तो कृपया शेयर, लाइक या कॉमेंट जरूर करें!


* कृपया अपने किसी भी तरह के सुझावों अथवा विचारों को हमारे साथ अवश्य शेयर करें।** आप अपना हर तरह का फीडबैक हमें जरूर साझा करें, तब चाहे वह सकारात्मक हो या नकारात्मक: यहाँ साझा करें

नवीनतम भजन ›

ॐ शंकर शिव भोले उमापति महादेव - भजन

ॐ शंकर शिव भोले उमापति महादेव, पालनहार परमेश्वर, विश्वरूप महादेव, महादेव, महादेव...

शिव स्तुति: आशुतोष शशाँक शेखर

आशुतोष शशाँक शेखर, चन्द्र मौली चिदंबरा, कोटि कोटि प्रणाम शम्भू..

शिव भजन

शिवरात्रि, सावन के सोमवार, सोमवर, सोलह सोमवर, काँवड़, सावन मे शिव, शंकर, भोले, भोलेनाथ, महादेव एवं महाकाल के प्रसिद्ध भजन..

श्याम नज़रें देख लो, अब खोल के: भजन

श्याम नज़रें देख लो, अब खोल के, चरणों में रखा कलेजा, खोल के, श्याम नजरे देख लो, अब खोल के ॥

ओ लागी लागी रे प्रीत, थासु सांवरिया सरकार: भजन

ओ लागी लागी रे प्रीत, थासु सांवरिया सरकार, बन के दीवानी मैं तो नाचूंगी, सांवरा होके दीवानी मैं तो नाचूंगी,
ओ लागी लागी रे प्रित, थासु सांवरिया सरकार ॥