Shri Ram Bhajan
गूगल पर भक्ति भारत को अपना प्रीफ़र्ड सोर्स बनाएँ

जयति जयति जग-निवास, शंकर सुखकारी - आरती (Jayati Jayati Jag Niwas Shankar Sukhkari)


जयति जयति जग-निवास, शंकर सुखकारी - आरती
जयति जयति जग-निवास,
शंकर सुखकारी ॥
अजर अमर अज अरूप,
सत चित आनंदरूप ।
व्यापक ब्रह्मस्वरूप,
भव! भव-भय-हारी ॥

जयति जयति जग-निवास,
शंकर सुखकारी ॥

शोभित बिधुबाल भाल,
सुरसरिमय जटाजाल ।
तीन नयन अति विशाल,
मदन-दहन-कारी ॥

जयति जयति जग-निवास,
शंकर सुखकारी ॥

भक्तहेतु धरत शूल,
करत कठिन शूल फूल ।
हियकी सब हरत हूल,
अचल शान्तिकारी ॥

जयति जयति जग-निवास,
शंकर सुखकारी ॥

अमल अरुण चरण कमल,
सफल करत काम सकल ।
भक्ति-मुक्ति देत विमल,
माया-भ्रम-टारी ॥

जयति जयति जग-निवास,
शंकर सुखकारी ॥

कार्तिकेययुत गणेश,
हिमतनया सह महेश ।
राजत कैलास-देश,
अकल कलाधारी ॥

जयति जयति जग-निवास,
शंकर सुखकारी ॥

भूषण तन भूति व्याल,
मुण्डमाल कर कपाल ।
सिंह-चर्म हस्ति खाल,
डमरू कर धारी ॥

जयति जयति जग-निवास,
शंकर सुखकारी ॥

अशरण जन नित्य शरण,
आशुतोष आर्तिहरण ।
सब बिधि कल्याण-करण,
जय जय त्रिपुरारी ॥

जयति जयति जग-निवास,
शंकर सुखकारी ॥

॥ इति श्री शंकर जी आरती समाप्त ॥

Jayati Jayati Jag Niwas Shankar Sukhkari in English

Jayati Jayati Jag-niwas, Shankar Sukhkari ॥ Ajar Amar Aj Arup,
यह भी जानें

Bhajan Shiv BhajanBholenath BhajanMahadev BhajanShivaratri BhajanSavan BhajanMonday BhajanSomvar BhajanSolah Somvar BhajanTerash BhajanTriyodashi BhajanDinesh Dube Bhajan

अन्य प्रसिद्ध जयति जयति जग-निवास, शंकर सुखकारी - आरती वीडियो

Susmita Goswami

अगर आपको यह भजन पसंद है, तो कृपया शेयर, लाइक या कॉमेंट जरूर करें!

Whatsapp Channelभक्ति-भारत वॉट्स्ऐप चैनल फॉलो करें »
इस भजन को भविष्य के लिए सुरक्षित / बुकमार्क करें Add To Favorites
* कृपया अपने किसी भी तरह के सुझावों अथवा विचारों को हमारे साथ अवश्य शेयर करें।

** आप अपना हर तरह का फीडबैक हमें जरूर साझा करें, तब चाहे वह सकारात्मक हो या नकारात्मक: यहाँ साझा करें

नवीनतम भजन ›

आईं महादेवी अवतार, भवानी मोरे अंगना में: भजन

आईं महादेवी अवतार, भवानी मोरे अंगना में, मोरे अंगना में तोरी मढिया में, छाईं खुशियां अपरम्पार, भवानी तोरी मढिया में, आईं महादेवी अवतार, भवानी मोरे अंगना में ॥

नित महिमा मै गाउँ मैया तेरी: भजन

सदा ज्योत जगाऊँ मैया तेरी, मुझे ना कुछ और चाहिए, नित महिमा मै गाउँ मैया तेरी, मुझे ना कुछ और चाहिए ॥

खेल पंडा खेल पंडा रे - भजन

खेल पंडा खेल पंडा, खेल पंडा रे, घड़ी आ गई सुहानी, खेल पंडा रे

सिंघ सवारी महिमा भारी: भजन

सिंघ सवारी महिमा भारी, पहाड़ों में अस्थान तेरा, ब्रम्हा विष्णु शिव शंकर भी, करते माँ गुणगान तेरा ॥

तुम शरणाई आया ठाकुर - शब्द कीर्तन

तुम शरणाई आया ठाकुर ॥ उतरि गइओ मेरे मन का संसा, जब ते दरसनु पाइआ ॥

जगत में कोई ना परमानेंट - भजन

जगत में कोई ना परमानेंट, तेल चमेली चन्दन साबुन

भगवान बुद्ध वन्दना

नमो तस्स भगवतो अरहतो सम्मा सम्बुद्धस्स। नमो तस्स भगवतो अरहतो सम्मा सम्बुद्धस्स।...

Hanuman Chalisa - Hanuman Chalisa
Hanuman Chalisa - Hanuman Chalisa
Bhakti Bharat APP