Shri Krishna Bhajan
गूगल पर भक्ति भारत को अपना प्रीफ़र्ड सोर्स बनाएँ

जयति जयति जग-निवास, शंकर सुखकारी - आरती (Jayati Jayati Jag Niwas Shankar Sukhkari)


जयति जयति जग-निवास, शंकर सुखकारी - आरती
जयति जयति जग-निवास,
शंकर सुखकारी ॥
अजर अमर अज अरूप,
सत चित आनंदरूप ।
व्यापक ब्रह्मस्वरूप,
भव! भव-भय-हारी ॥

जयति जयति जग-निवास,
शंकर सुखकारी ॥

शोभित बिधुबाल भाल,
सुरसरिमय जटाजाल ।
तीन नयन अति विशाल,
मदन-दहन-कारी ॥

जयति जयति जग-निवास,
शंकर सुखकारी ॥

भक्तहेतु धरत शूल,
करत कठिन शूल फूल ।
हियकी सब हरत हूल,
अचल शान्तिकारी ॥

जयति जयति जग-निवास,
शंकर सुखकारी ॥

अमल अरुण चरण कमल,
सफल करत काम सकल ।
भक्ति-मुक्ति देत विमल,
माया-भ्रम-टारी ॥

जयति जयति जग-निवास,
शंकर सुखकारी ॥

कार्तिकेययुत गणेश,
हिमतनया सह महेश ।
राजत कैलास-देश,
अकल कलाधारी ॥

जयति जयति जग-निवास,
शंकर सुखकारी ॥

भूषण तन भूति व्याल,
मुण्डमाल कर कपाल ।
सिंह-चर्म हस्ति खाल,
डमरू कर धारी ॥

जयति जयति जग-निवास,
शंकर सुखकारी ॥

अशरण जन नित्य शरण,
आशुतोष आर्तिहरण ।
सब बिधि कल्याण-करण,
जय जय त्रिपुरारी ॥

जयति जयति जग-निवास,
शंकर सुखकारी ॥

॥ इति श्री शंकर जी आरती समाप्त ॥

Jayati Jayati Jag Niwas Shankar Sukhkari in English

Jayati Jayati Jag-niwas, Shankar Sukhkari ॥ Ajar Amar Aj Arup,
यह भी जानें

Bhajan Shiv BhajanBholenath BhajanMahadev BhajanShivaratri BhajanSavan BhajanMonday BhajanSomvar BhajanSolah Somvar BhajanTerash BhajanTriyodashi BhajanDinesh Dube Bhajan

अन्य प्रसिद्ध जयति जयति जग-निवास, शंकर सुखकारी - आरती वीडियो

Susmita Goswami

अगर आपको यह भजन पसंद है, तो कृपया शेयर, लाइक या कॉमेंट जरूर करें!

Whatsapp Channelभक्ति-भारत वॉट्स्ऐप चैनल फॉलो करें »
इस भजन को भविष्य के लिए सुरक्षित / बुकमार्क करें Add To Favorites
* कृपया अपने किसी भी तरह के सुझावों अथवा विचारों को हमारे साथ अवश्य शेयर करें।

** आप अपना हर तरह का फीडबैक हमें जरूर साझा करें, तब चाहे वह सकारात्मक हो या नकारात्मक: यहाँ साझा करें

नवीनतम भजन ›

आज बिरज में होरी रे रसिया: होली भजन

आज बिरज में होरी रे रसिया। होरी रे होरी रे बरजोरी रे रसिया॥

होली खेल रहे नंदलाल - होली भजन

होली खेल रहे नंदलाल वृंदावन कुञ्ज गलिन में। वृंदावन कुञ्ज गलिन में...

होली भजन: फाग खेलन बरसाने आये हैं, नटवर नंद किशोर

फाग खेलन बरसाने आये हैं, नटवर नंद किशोर । घेर लई सब गली रंगीली, छाय रही छबि छटा छबीली..

अच्चुतम केशवं कृष्ण दामोदरं - भजन

अच्चुतम केशवं कृष्ण दामोदरं, राम नारायणं जानकी बल्लभम । कौन कहता हे भगवान आते नहीं..

श्री कृष्णा गोविन्द हरे मुरारी - भजन

श्री कृष्णा गोविन्द हरे मुरारी, हे नाथ नारायण वासुदेवा॥

मेरे बांके बिहारी लाल, तू इतना ना करिओ श्रृंगार - भजन

मेरे बांके बिहारी लाल, तू इतना ना करिओ श्रृंगार, नज़र तोहे लग जाएगी।..

इक दिन वो भोले भंडारी बन करके ब्रज की नारी - भजन

इक दिन वो भोले भंडारी बन करके ब्रज की नारी, ब्रज/वृंदावन में आ गए।

Ganesh Aarti Bhajan - Ganesh Aarti Bhajan
Ram Bhajan - Ram Bhajan
Bhakti Bharat APP