बजरंगी बलशाली, तेरा पार ना कोई पाए: भजन (Bajrangi Balshali Tera Paar Na Koi Paye)


बजरंगी बलशाली,
तेरा पार ना कोई पाए,
लक्ष्मण को लगी शक्ति,
लक्ष्मण को लगी शक्ति,
संजीवनी ले आए,
बजरँगी बलशाली,
तेरा पार ना कोई पाए ॥
श्री राम की सेना में,
जब शोक लहर दौड़ी,
तब वैद्य शुषेण को तुम,
तब वैद्य शुषेण को तुम,
लंका से बुला लाए,
बजरँगी बलशाली,
तेरा पार ना कोई पाए ॥

सभा बीच विभीषण ने,
जब तुमको ललकारा,
तब फाड़ दिया सीना,
तब फाड़ दिया सीना,
सियाराम दिखलाए,
बजरँगी बलशाली,
तेरा पार ना कोई पाए ॥

सिता की खोज करी,
लंका को जला डाला,
बलबुद्धि का परिचय,
बलबुद्धि का परिचय,
तुम सब को बतलाए,
बजरँगी बलशाली,
तेरा पार ना कोई पाए ॥

बजरंगी बलशाली,
तेरा पार ना कोई पाए,
लक्ष्मण को लगी शक्ति,
लक्ष्मण को लगी शक्ति,
संजीवनी ले आए,
बजरँगी बलशाली,
तेरा पार ना कोई पाए ॥
Bajrangi Balshali Tera Paar Na Koi Paye - Read in English
Bajarangi Balashali, Tera Paar Na Koi Paye, Lakshman Ko Lagi Shakti, Lakshman Ko Lagi Shakti, Sanjeevani Le Aae, Bajarangi Balashali, Tera Paar Na Koi Paye ॥
Bhajan Hanuman BhajanBalaji BhajanBajrangbali BhajanHanuman Janmotsav BhajanHanuman Jyanti BhajanMangalwar BhajanTuesday BhajanHanuman Path BhajanSundar Kand Path Bhajan
अगर आपको यह भजन पसंद है, तो कृपया शेयर, लाइक या कॉमेंट जरूर करें!


* कृपया अपने किसी भी तरह के सुझावों अथवा विचारों को हमारे साथ अवश्य शेयर करें।** आप अपना हर तरह का फीडबैक हमें जरूर साझा करें, तब चाहे वह सकारात्मक हो या नकारात्मक: यहाँ साझा करें

नवीनतम भजन ›

तुझमे शिवा मुझमे शिवा तन में शिवा मन में शिवा - भजन

गंगा नाहया पर्वत को पाया तू है कहा, ये दुनिया छोड़ी मैने मन सजाया तू है कहा, तुम डरबदार की राहो में या हो कही शिवलो में, मेरे साथ ही तुम हो कही फिर क्यू नही निगाहो में, ओम नमः शिवाय....

जगन्‍नाथ चक्‍का नैन नीलाचल वारे - भजन

जगन्‍नाथ चक्‍का नैन नीलाचल वारे, जगन्नाथ, जगन्नाथ, चका नैन, चका नैन

बाबा मेरे जगन्नाथ तेरा चर्चा हो ग्या रे - भजन

बाबा मेरे जगन्नाथ तेरा चर्चा हो ग्या रै, यो खाती का छौरा बाबा तेरा हो ग्या सै..

ମିଛ ଦୁନିଆରେ ଗୋଟିଏ ସତ - भजन

ମିଛ ଦୁନିଆରେ ଗୋଟିଏ ସତ (୨), ଜଗନ୍ନାଥ ସେ ମୋ ଜଗନ୍ନାଥ (୨)

जय जगन्नाथ हमें रहना आपके चरणों में - जगन्नाथ भजन

शुभ शुभ दिन आया शुभ घड़ी, जय जगन्नाथ से गूंजा आसमान, उसे चारों धाम का पुण्य मिला, जो करके पूर्ण तेरी परिक्रमा