जब भक्त बुलाते हैँ हरि दौड़ के आते हैँ - भजन (Jab Bhakt Bulate Hain Hari Daud Ke Aate Hain)


जब भक्त बुलाते हैँ, हरि दौड़ के आते हैँ ॥
वो तो दीन और दुःखीओं को ॥
आ के गले लगाते हैँ, हरि दौड़ के आते हैँ,
जब भक्त बुलाते हैँ...
द्रोपदी ने जब, उन्हें पुकारा, दौड़े दौड़े आ गए ।
भरी सभा में, चीर बढ़ा के, उसकी लाज बचा गए ॥
वो बहुत दयालु हैँ, वो दया के सागर हैँ,
वो चीर बढ़ाते हैँ, हरि दौड़ के आते हैँ,
जब भक्त बुलाते हैँ...

अर्जुन ने जब, उन्हें पुकारा, सार्थी बनके आ गए ।
गीता का, उपदेश सुना के, उसका भरम मिटा गए ॥
वो ज्ञान सिखाते हैँ, वो भरम मिटाते हैँ,
वो गले लगाते हैँ, हरि दौड़ के आते हैँ,
जब भक्त बुलाते हैँ...

धन्ने ने जब, उन्हें पुकारा, ठाकुर बनके आ गए ।
पत्थरों में, दर्श दिखा के, प्रेम का भोग लगा गए ॥
वो दर्श दिखाते हैँ, वो हल चलाते हैँ,
वो मान बढ़ाते हैँ, हरि दौड़ के आते हैँ,
जब भक्त बुलाते हैँ...

मित्र सुद्दामा, द्वारे आए, दौड़े दौड़े आ गए ।
दो मुठी, सत्तू के बदले, उसका महल बना गए ॥
वो फ़र्ज़ निभाते हैँ, वो गले लगाते हैँ,
वो महल बनाते हैँ, हरि दौड़ के आते हैँ,
जब भक्त बुलाते हैँ...
Jab Bhakt Bulate Hain Hari Daud Ke Aate Hain - Read in English
Jab Bhakt Bulate Hainn, Hari Daud Ke Aate Hainn ॥ Vo to Deen Aur Dukheeon Ko ॥ Aa Ke Gale Lagate Hainn, Hari Daud Ke Aate Hainn, Jab Bhakt Bulate Hainn...
Bhajan Hari BhajanShri Hari BhajanNarayan Jaap BhajanShri Vishnu BhajanShri Ram BhajanShri Raghuvar BhajanSunderkand BhajanRamcharitmanas Katha BhajanAkhand Ramayana Bhajan
अगर आपको यह भजन पसंद है, तो कृपया शेयर, लाइक या कॉमेंट जरूर करें!


* कृपया अपने किसी भी तरह के सुझावों अथवा विचारों को हमारे साथ अवश्य शेयर करें।** आप अपना हर तरह का फीडबैक हमें जरूर साझा करें, तब चाहे वह सकारात्मक हो या नकारात्मक: यहाँ साझा करें

नवीनतम भजन ›

तेरे दर दी पौड़ियाँ माँ

गल दिल वाली तेनु माये केहन आये आ, चल मेरे नाल तेनु लेन आये आ

झूलन चलो हिंडोलना, वृषभान नंदनी - भजन

झूलन चलो हिडोलना, वृषभान नंदनी। सावन की तीज आई, नवघोर घटा छाई, नवघोर घटा छाई..

झूला पड्यो है कदम्ब की डार - भजन

झूला पड्यो है कदम्ब की डार, झुलावे ब्रज नारी, ब्रज नारी रे ब्रज नारी, ब्रज नारी सखियाँ सारी, झूला पड्यो हैं कदम्ब की डार, झुलावे ब्रज नारी ॥

करुणामयी किरपामयी, मेरी दयामयी राधे - भजन

करुणामयी किरपामयी, मेरी दयामयी राधे ॥

वृन्दावन के ओ बांके बिहारी - भजन

हम तुम्हारे पराये नही है, गैर के दर पे आये नहीं है, हम तुम्हारे पुराने पुजारी, हम तुम्हारे पुराने पुजारी, हमसे पर्दा करो ना मुरारी, वृन्दावन के ओ बांके बिहारी ॥