सीता नवमी | वट सावित्री व्रत | आज का भजन! | भक्ति भारत को फेसबुक पर फॉलो करें!

भजन: वैष्णव जन तो तेने कहिये, जे...


वैष्णव जन तो तेने कहिये, जे पीड परायी जाणे रे।
पर दुःखे उपकार करे तो ये, मन अभिमान न आणे रे॥
वैष्णव जन तो तेने कहिये...

सकळ लोकमां सहुने वंदे, निंदा न करे केनी रे।
वाच काछ मन निश्चळ राखे, धन धन जननी तेनी रे॥
वैष्णव जन तो तेने कहिये...

समदृष्टि ने तृष्णा त्यागी, परस्त्री जेने मात रे।
जिह्वा थकी असत्य न बोले, परधन नव झाले हाथ रे॥
वैष्णव जन तो तेने कहिये...

मोह माया व्यापे नहि जेने, दृढ़ वैराग्य जेना मनमां रे।
रामनाम शुं ताळी रे लागी, सकळ तीरथ तेना तनमां रे॥
वैष्णव जन तो तेने कहिये...

वणलोभी ने कपटरहित छे, काम क्रोध निवार्या रे।
भणे नरसैयॊ तेनुं दरसन करतां, कुळ एकोतेर तार्या रे॥
वैष्णव जन तो तेने कहिये...

Available in English - Vaishnav Jan To Tene Kahiye Je
Vaishnav Jan To, Tene Kahiye Je, Peed Paraaye Jaane Re। Par Dukkhe Upkaar Kare Toye...
ये भी जानें

BhajanShri Vishnu BhajanShri Ram BhajanShri Krishna Bhajan


अगर आपको यह लेख पसंद आया, तो कृपया शेयर, लाइक या कॉमेंट जरूर करें!

* यदि आपको इस पेज में सुधार की जरूरत महसूस हो रही है, तो कृपया अपने विचारों को हमें शेयर जरूर करें: यहाँ शेयर करें
** आप अपना हर तरह का फीडबैक हमें जरूर शेयर करें, तब चाहे वह सकारात्मक हो या नकारात्मक: यहाँ शेयर करें

भजन: मेरी आखिओं के सामने ही रहना!

मेरी आखिओं के सामने ही रहना, माँ शेरों वाली जगदम्बे।

भजन: श्रीमन नारायण नारायण हरी हरी...

श्रीमन नारायण नारायण हरी हरी, तेरी लीला सबसे न्यारी न्यारी हरी हरी...

भजन: शीश गंग अर्धंग पार्वती

शीश गंग अर्धंग पार्वती सदा विराजत कैलासी। नंदी भृंगी नृत्य करत हैं, धरत ध्यान सुर सुखरासी॥

भजन: मुझे तूने मालिक, बहुत कुछ दिया है।

मुझे तूने मालिक, बहुत कुछ दिया है। तेरा शुक्रिया है, तेरा शुक्रिया है।

भजन: जो करते रहोगे भजन धीरे धीरे।

जो करते रहोगे भजन धीरे धीरे। तो मिल जायेगा वो सजन धीरे धीरे।

भजन: गुरु बिन घोर अँधेरा संतो!

गुरु बिन घोर अँधेरा संतो, गुरु बिन घोर अँधेरा जी। बिना दीपक मंदरियो सुनो...

भजन : गुरु मेरी पूजा, गुरु गोबिंद, गुरु मेरा पारब्रह्म!

गुरु मेरी पूजा गुरु गोबिंद, गुरु मेरा पारब्रह्म, गुरु भगवंत, गुरु मेरा देव अलख अभेव...

भजन: हे दुःख भन्जन, मारुती नंदन!

हे दुःख भन्जन, मारुती नंदन, सुन लो मेरी पुकार। पवनसुत विनती बारम्बार॥ अष्ट सिद्धि, नव निद्दी के दाता...

भजन: सीता राम, सीता राम, सीताराम कहिये!

सीता राम सीता राम सीताराम कहिये, जाहि विधि राखे राम ताहि विधि रहिये।...

कृपा मिलेगी श्री राम जी की..

किरपा मिलेगी श्री राम जी की, भक्ति करो, भक्ति करो, दया मिलिगी हनुमान जी की, राम जपो, राम जपो...

close this ads
^
top