जगन्नाथ स्वामी प्रभु नीलांचल के नाथ,
सुन लो पुकार प्रभु नीलांचल के नाथ॥
चका नैन छवि है प्यारी,
जा पर जाऊँ मैं बलिहारी।
दर्शन दो एक बार,
प्रभु नीलांचल के नाथ॥
नीलाचल की राह दिखा दो,
अपने दर की धूल बना दो।
रख लो प्रभु अपने साथ,
प्रभु नीलांचल के नाथ॥
पतित पावन नाम तुम्हारा,
तू ही मेरा एक सहारा।
राम श्याम का थामो हाथ,
प्रभु नीलांचल के नाथ॥
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