Mahakal Ki Nagri Mere Maan Ko Bha Gayi (Mahakal Ki Nagri Mere Maan Ko Bha Gayi)


मेरे भोले की सवारी आज आयी,
मेरे शंकर की सवारी आज आयी,
जोगन बन नाचूंगी मैं भी,
जोगन बन नाचूंगी ॥
गले में उसके सर्पो की माला,
शम्भू पीते विष का प्याला,
सुन्दर रूप है उसका निराला,
बाबा मेरा भोला भाला,
तेरा नाम जपे दुनिया सारी,
जोगन बन नाचूंगी मैं भी,
जोगन बन नाचूंगी ॥

जटा गंग भंग पि के आए,
गौरा मैया के मन हर्षाये,
अक धतूरा जो भोग लगाए,
उसकी नैया पार लगाए,
भोला कहलाता है विषधारी,
जोगन बन नाचूंगी मैं भी,
जोगन बन नाचूंगी ॥

अंग पे अपने भस्म रमाए,
डम डम डम डम डमरू बजाए,
औघड़दानी रूप धरा है,
‘ब्रजवासी’ तेरी महिमा गाए,
शिव नाम के है सारे पुजारी,
जोगन बन नाचूंगी मैं भी,
जोगन बन नाचूंगी ॥

मेरे भोले की सवारी आज आयी,
मेरे शंकर की सवारी आज आयी,
जोगन बन नाचूंगी मैं भी,
जोगन बन नाचूंगी ॥
Bhajan Shiv BhajanBholenath BhajanMahadev BhajanShivaratri BhajanSavan BhajanMonday BhajanSomvar BhajanSolah Somvar BhajanJyotirling BhajanPrem Bhushan Bhajan

अन्य प्रसिद्ध Mahakal Ki Nagri Mere Maan Ko Bha Gayi वीडियो

Rishav Thakur, Ayachi Thakur, Maithili Thakur

Divya Chaturvedi

अगर आपको यह भजन पसंद है, तो कृपया शेयर, लाइक या कॉमेंट जरूर करें!


* कृपया अपने किसी भी तरह के सुझावों अथवा विचारों को हमारे साथ अवश्य शेयर करें।** आप अपना हर तरह का फीडबैक हमें जरूर साझा करें, तब चाहे वह सकारात्मक हो या नकारात्मक: यहाँ साझा करें

नवीनतम भजन ›

जय जय शनि देव महाराज - भजन

जय जय शनि देव महाराज, जन के संकट हरने वाले। तुम सूर्य पुत्र बलिधारी..

हनुमत जय बजरंगबली: भजन

हनुमत जय बजरंगबली, आपका नाम जपा है जिसने, विपदा उसकी टली, पवनसुत जय बजरंगबली ॥

स्वर्ण पर्वताकार शरीरा श्री हनुमान कहावे: भजन

स्वर्ण पर्वताकार शरीरा श्री हनुमान कहावे, सालासर के स्वर्ण कलश पर लाल ध्वजा लहराये ॥

दरबार सजा तेरा न्यारा, निरखत निरखत मैं हारा: भजन

दरबार सजा तेरा न्यारा, निरखत निरखत मैं हारा ॥

राम भक्त लें चला रे, राम की निशानी - भजन

राम भक्त ले चला रें, राम की निशानी, शीश पर खड़ाऊँ, अखियों में पानी, राम भक्त लें चला रे, राम की निशानी ॥