जन्माष्टमी, राधाष्टमी, होली, भागवत कथा, गीता पाठ, कीर्तन, भजन संध्या, फाल्गुन मेला मे वैष्णव, ब्रिजबासी, वृंदावन, मथुरा, श्री कृष्ण प्रणामी संप्रदाय, गौड़िया संप्रदाय, श्री श्याम भक्तों एवं इस्कॉन समुदाय के बीच प्रसिद्ध श्री कृष्ण भजन।
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हे सूर्य पुत्र शनिदेव हमें, रखना करूणा की छाँव में, काँटा भी ना चूभने देना कभी, कष्टों का हमारे पाँवो में, हे सूर्य पुत्र शनिदेव हमे, रखना करूणा की छाँव में ॥
हे सूर्य पुत्र शनिदेव हमें, रखना करूणा की छाँव में, काँटा भी ना चूभने देना कभी, कष्टों का हमारे पाँवो में, हे सूर्य पुत्र शनिदेव हमे, रखना करूणा की छाँव में......