Shri Ram Bhajan
गूगल पर भक्ति भारत को अपना प्रीफ़र्ड सोर्स बनाएँ

श्री पांडुरंग अष्टकम् (Sri Pandurang ashtakam)


श्री पांडुरंग अष्टकम्
महायोगपीठे तटे भीमरथ्या
वरं पुंडरीकाय दातुं मुनींद्रैः ।
समागत्य तिष्ठंतमानंदकंदं
परब्रह्मलिंगं भजे पांडुरंगम् ॥ 1 ॥
तटिद्वाससं नीलमेघावभासं
रमामंदिरं सुंदरं चित्प्रकाशम् ।
वरं त्विष्टकायां समन्यस्तपादं
परब्रह्मलिंगं भजे पांडुरंगम् ॥ 2 ॥

प्रमाणं भवाब्धेरिदं मामकानां
नितंबः कराभ्यां धृतो येन तस्मात् ।
विधातुर्वसत्यै धृतो नाभिकोशः
परब्रह्मलिंगं भजे पांडुरंगम् ॥ 3 ॥

स्फुरत्कौस्तुभालंकृतं कंठदेशे
श्रिया जुष्टकेयूरकं श्रीनिवासम् ।
शिवं शांतमीड्यं वरं लोकपालं
परब्रह्मलिंगं भजे पांडुरंगम् ॥ 4 ॥
भक्तिभारत अष्टकम्

शरच्चंद्रबिंबाननं चारुहासं
लसत्कुंडलाक्रांतगंडस्थलांतम् ।
जपारागबिंबाधरं कंजनेत्रं
परब्रह्मलिंगं भजे पांडुरंगम् ॥ 5 ॥

किरीटोज्ज्वलत्सर्वदिक्प्रांतभागं
सुरैरर्चितं दिव्यरत्नैरनर्घैः ।
त्रिभंगाकृतिं बर्हमाल्यावतंसं
परब्रह्मलिंगं भजे पांडुरंगम् ॥ 6 ॥

विभुं वेणुनादं चरंतं दुरंतं
स्वयं लीलया गोपवेषं दधानम् ।
गवां बृंदकानंददं चारुहासं
परब्रह्मलिंगं भजे पांडुरंगम् ॥ 7 ॥

अजं रुक्मिणीप्राणसंजीवनं तं
परं धाम कैवल्यमेकं तुरीयम् ।
प्रसन्नं प्रपन्नार्तिहं देवदेवं
परब्रह्मलिंगं भजे पांडुरंगम् ॥ 8 ॥

स्तवं पांडुरंगस्य वै पुण्यदं ये
पठंत्येकचित्तेन भक्त्या च नित्यम् ।
भवांभोनिधिं तेऽपि तीर्त्वांतकाले
हरेरालयं शाश्वतं प्राप्नुवंति ॥ 9 ॥

इति श्रीमत्परमहंस परिव्राजकाचार्य श्रीमच्छंकरभगवत्पादाचार्य विरचितं श्री पांडुरंगाष्टकम् ।

Sri Pandurang ashtakam in English

MahāYōGapīṭHē Taṭē BhīMarathyā, Varaṃ PuṇḍArīKāYa DāTuṃ MunīNdraiḥ ।
यह भी जानें

Mantra Sri Pandurang Ashtakam MantraShri Krishna MantraBrij MantraBaal Krishna MantraJanmashtami MantraKrishna Damodar MantraISKCON MantraKartik MantraEkadashi Mantra

अगर आपको यह मंत्र पसंद है, तो कृपया शेयर, लाइक या कॉमेंट जरूर करें!

Whatsapp Channelभक्ति-भारत वॉट्स्ऐप चैनल फॉलो करें »
इस मंत्र को भविष्य के लिए सुरक्षित / बुकमार्क करें Add To Favorites
* कृपया अपने किसी भी तरह के सुझावों अथवा विचारों को हमारे साथ अवश्य शेयर करें।

** आप अपना हर तरह का फीडबैक हमें जरूर साझा करें, तब चाहे वह सकारात्मक हो या नकारात्मक: यहाँ साझा करें

मंत्र ›

श्री रुद्राष्टकम्

नमामीशमीशान निर्वाणरूपं विभुं व्यापकं ब्रह्मवेदस्वरूपम्। निजं निर्गुणं निर्विकल्पं निरीहं...

पार्वती वल्लभा अष्टकम्

नमो भूथ नाधम नमो देव देवं, नाम कला कालं नमो दिव्य थेजं, नाम काम असमं, नाम संथ शीलं...

शम्भु स्तुति - नमामि शम्भुं पुरुषं पुराणं

नमामि शम्भुं पुरुषं पुराणं नमामि सर्वज्ञमपारभावम् । नमामि रुद्रं प्रभुमक्षयं तं नमामि शर्वं शिरसा नमामि ॥..

शंख पूजन मन्त्र

शंख को पूजा कार्य मे सम्लित करने हेतु, निम्न लिखित मंत्र का जप करना चाहिए।..

अयमात्मा ब्रह्म महावाक्य

अयमात्मा ब्रह्म भारत के पुरातन हिंदू शास्त्रों व उपनिषदों में वर्णित महावाक्य है, जिसका शाब्दिक अर्थ है यह आत्मा ब्रह्म है।

भगवान अयप्पा के 108 नाम

ॐ महाशास्त्रे नमः । ॐ महादेवाय नमः । ॐ महादेवसुताय नमः । ॐ अव्ययाय नमः । ॐ लोककर्त्रे नमः । ॐ लोकभर्त्रे नमः ।..

श्री कृष्णाष्टकम् - वसुदेव सुतं देवंकंस

वसुदेव सुतं देवंकंस चाणूर मर्दनम् । देवकी परमानन्दंकृष्णं वन्दे जगद्गुरुम् ॥

Shiv Chalisa - Shiv Chalisa
Ram Bhajan - Ram Bhajan
Bhakti Bharat APP