Hanuman Chalisa
Download APP Now - Hanuman Chalisa - Om Jai Jagdish Hare Aarti - Follow Bhakti Bharat WhatsApp Channel -

श्री राधा हमारी गोरी गोरी - भजन (Shri Radha Hamari Gori Gori)


श्री राधा हमारी गोरी गोरी - भजन
Add To Favorites Change Font Size
श्री राधा हमारी गोरी गोरी,
के नवल किशोरी,
कन्हैया तेरो कारो है ।
यो तो कालो नहीं है मतवारो,
जगत उजियारो,
श्री राधा जी को प्यारो है ॥
श्री श्यामा किशोरी,
गोरे मुख पे तिल बनेओ,
ताहि करूँ मैं प्रणाम ।
मानो चन्द्र बिछाई के
पौढ़े सालगराम ॥

श्री राधा हमारी गोरी गोरी,
के नवल किशोरी,
कन्हैया तेरो कारो है ।
यो तो कालो नहीं है मतवारो,
जगत उजियारो,
श्री राधा जी को प्यारो है ॥

राधे तू बडभागिनी,
कौन तपस्या कीन,
तीन लोक का रणतरण
वो तेरे आधीन ॥

कीर्ति सुता के पग पग में प्रयागराज,
केशव की केलकुंज कोटि कोटि काशी है ।
यमुना में जगनाथ रेणुका में रामेश्वर,
थर थर पे पड़े रहें अयोध्या के वासी हैं ।
गोपीन के द्वार द्वार हरिद्वार वसत यहाँ,
बद्री केदारनाथ फिरत दास दासी हैं ।
सवर्ग अपवर्ग सुख लेकर हम करें कहाँ,
जानते नहीं हम वृन्दावन वासी हैं ॥

श्री राधा हमारी गोरी गोरी,
के नवल किशोरी,
कन्हैया तेरो कारो है ।
यो तो कालो नहीं है मतवारो,
जगत उजियारो,
श्री राधा जी को प्यारो है ॥

योगी जन जान पाते है ना जिस का प्रभाव,
जिस की कला का पार शारदा न पाती है ।
नारद आदि ब्रहम वादीओ ने भी न पाया तत्व,
दिव्य दिव्य शक्तियां भी नित्य गुण गातीं हैं ।
शंकर समाधी में ढुंढते हैं जिसको,
श्रुतियां भी नेति नेति कह हार जातीं हैं ।
वो नाना रूप धारी विष्णु मोहन मुरारी,
उस विष्व के मदारी को गोपियाँ नाचतीं हैं ॥

श्री राधा हमारी गोरी गोरी,
के नवल किशोरी,
कन्हैया तेरो कारो है ।
यो तो कालो नहीं है मतवारो,
जगत उजियारो,
श्री राधा जी को प्यारो है ॥

श्याम तन श्याम मन श्याम ही हमारो धन,
आठों याम उधो हमें श्याम ही सो काम है ।
श्याम हिये श्याम जीय श्याम बिनु नहीं पिय,
अंधे की सी लाकडी आधार श्याम नाम है ।
श्याम गति श्याम मति श्याम ही है प्रानपति,
श्याम सुखधाम सो भलाई आठो याम है ।
उधो तुम भये भोरे पाती ले के आये दोड़े,
योग कहाँ राखें यहाँ रोम रोम श्याम है ॥

गवार से राजकुमार भये,
जब भानु के द्वार लो आन लगें हैं।
बंसरी की उभरी है कला,
जब किरिती किशोरी के गाने लगें हैं ।

राधिका के संग फेरे पड़े,
तब से कहना इतराने लगें हैं ॥

हमरी राधा की कौन करे होड़,
सुनो रे प्यारे नन्द गईया ।

राधा हमारी भोरी भारी,
यो तो छलिया माखन चोर।

देखो तेरे कनुआ की छतरी पुराणी,
वा की छतरी की कीमत करोड़।

चार टके की तेरी कारी कमरिया,
या की चुनरी की कीमत करोड़।

देखो तेरे कनुआ को मुकुट झुको है,
हमरी राधा के चरनन की और।

ब्रजमंडल के कण कण में बसी तेरी ठकुराई।
कालिंदी की लहर लहर ने, तेरी महिमा गाई॥
पुलकत हो तेरा यश गावे, श्री गोवर्धन गिरिराई।
ले ले नाम तेरो मुरली में नाचे कुवर कहनाई॥
यह भी जानें

Bhajan Shri Krishna BhajanBrij BhajanBaal Krishna BhajanBhagwat BhajanJanmashtami BhajanLaddu Gopal BhajanRadhashtami BhajanPhalguna BhajanIskcon BhajanShri Shyam BhajanRadha Krishna BhajanMridul Shastri Bhajan

अगर आपको यह भजन पसंद है, तो कृपया शेयर, लाइक या कॉमेंट जरूर करें!

Whatsapp Channelभक्ति-भारत वॉट्स्ऐप चैनल फॉलो करें »
इस भजन को भविष्य के लिए सुरक्षित / बुकमार्क करें Add To Favorites
* कृपया अपने किसी भी तरह के सुझावों अथवा विचारों को हमारे साथ अवश्य शेयर करें।

** आप अपना हर तरह का फीडबैक हमें जरूर साझा करें, तब चाहे वह सकारात्मक हो या नकारात्मक: यहाँ साझा करें

प्रथम गणराज को सुमिरूं, जो रिद्धि सिद्धि दाता है: भजन

सुनो शंकर सुवन मुझको, अबुद्धि ज्ञान दे जाओ, अँधेरे में भटकते को, धर्म की राह दिखलाओ, धर्म की राह दिखलाओ,
‘अनिल’ विनती करे उनकी, विनायक जो कहाता है, प्रथम गणराज को सुमिरूं, जो रिद्धि सिद्धि दाता है ॥

भर दों झोली मेरी गणराजा: भजन

अब तो सुन ले मेरी हो गणराजा, आ लगा ले तू मुझको भी दिल से, जब तलक तू मिला दे ना बिछड़ी, दर से तेरे न जाए सवाली, भर दों झोली मेरी गणराजा, लौटकर मै ना जाऊंगा खाली ॥

तेरे दरशन को गणराजा, तेरे दरबार आए है: भजन

सुना है ताजे फूलों के, तुम्हे गजरे सुहाते है, सुना है ताजे फूलों के, तुम्हे गजरे सुहाते है, बागों से ‘सुमन योगी’, सुगन्धित फुल लाए है,
तेरे दरशन को गणराजा, तेरे दरबार आए है ॥

मूषक सवारी लेके, आना गणराजा: भजन

मूषक सवारी लेके, आना गणराजा, रिद्धि सिद्धि को ले आना, आके भोग लगाना, मेरे आंगन में, आंगन में, मुषक सवारी लेके, आना गणराजा ॥

गौरी नंदन थारो अभिनंदन, करे सारो परिवार: भजन

गौरी नंदन थारो अभिनंदन, करे सारो परिवार, गजानन आन पधारो, लड़ावा लाड़ मैं थारो, गजानन आन पधारो, लड़ावा लाड़ मैं थारो ॥

मंगल मूर्ति रूप लेकर गणपति जी आ गए: भजन

मंगल मूर्ति रूप लेकर गणपति जी आ गए, भक्त जनों के दिल पर देवा दूर दूर तक छा गए, गणपति बप्पा मोरया मंगलमूर्ति मोरया ॥

प्रार्थना है यही मेरी हनुमान जी: भजन

प्रार्थना है यही मेरी हनुमान जी, मेरे सर पर भी अब हाथ धर दीजिए, राम सीता का दर्शन कराके मुझे, मेरे सपने को साकार कर दीजिए,
प्रार्थना हैं यही मेरी हनुमान जी, मेरे सर पर भी अब हाथ धर दीजिए ॥

Hanuman Chalisa -
Ram Bhajan -
×
Bhakti Bharat APP