शिव मन्त्र (Shiv Mantra)


भगवान शिव हिन्दु धर्म में पूजे जाने वाले सर्वाधिक लोकप्रिय देवी-देवताओं में से एक हैं। इस पृष्ठ पर भगवान शिव के विभिन्न पवित्र मन्त्रों को सूचिबद्ध किया गया है। इन मन्त्रों का प्रयोग भगवान शिव के दैनिक पूजन, विशेष पूजन तथा रुद्राभिषेक सहित उनसे सम्बन्धित विभिन्न साधनाओं हेतु किया जाता है। भगवान शिव के अनन्त दिव्य मन्त्रों में से कुछ विशेष मन्त्रों को यहाँ संगृहीत किया गया है। प्रस्तुत मन्त्र संग्रह में भगवान शिव का मूल मन्त्र, शिव गायत्री मन्त्र, रुद्र गायत्री मन्त्र तथा शिवलिङ्ग पर अभिषेक करने हेतु आवश्यक शिव अभिषेक मन्त्र को भी सम्मिलित किया गया है।
1. शिव मूल मन्त्र
ॐ नमः शिवाय॥

2. महामृत्युञ्जय मन्त्र
ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्
उर्वारुकमिव बन्धनान् मृत्योर्मुक्षीय मामृतात्॥

3. रुद्र गायत्री मन्त्र
ॐ तत्पुरुषाय विद्महे महादेवाय धीमहि
तन्नो रुद्रः प्रचोदयात्॥

4. शिव गायत्री मन्त्र
ॐ महादेवाय विद्महे रुद्रमूर्तये धीमहि
तन्नः शिवः प्रचोदयात्॥

5. मृत्युञ्जय महादेव मन्त्र
ॐ मृत्युञ्जय महादेव त्राहि मां शरणागतम्।
जन्म-मृत्यु-जरा-व्याधिपीडितं कर्मबन्धनैः॥

6. दक्षिणामूर्ति शिव मन्त्र
ॐ नमो भगवते दक्षिणामूर्तये।
मह्यं मेधां प्रज्ञां प्रयच्छ स्वाहा॥

7. नीलकण्ठ महादेव मन्त्र
ॐ नमो नीलकण्ठाय।
Mantra Shiv Mantra MantraShiv Mangalashtaka MantraOm Namah Shivaya MantraMaha Mrityunjaya Mantra Mantra
अगर आपको यह मंत्र पसंद है, तो कृपया शेयर, लाइक या कॉमेंट जरूर करें!


* कृपया अपने किसी भी तरह के सुझावों अथवा विचारों को हमारे साथ अवश्य शेयर करें।** आप अपना हर तरह का फीडबैक हमें जरूर साझा करें, तब चाहे वह सकारात्मक हो या नकारात्मक: यहाँ साझा करें

मंत्र ›

विष्णु सहस्रनाम: M.S.Subbulakshmi

भगवान श्री विष्णु के 1000 नाम! विष्णुसहस्रनाम का पाठ करने वाले व्यक्ति को यश, सुख, ऐश्वर्य, संपन्नता...

आदित्य-हृदय स्तोत्र

ततो युद्धपरिश्रान्तं समरे चिन्तया स्थितम् । रावणं चाग्रतो दृष्टवा युद्धाय समुपस्थितम् ॥ दैवतैश्च समागम्य द्रष्टुमभ्यागतो रणम् ।

श्री हनुमान स्तवन - श्रीहनुमन्नमस्कारः

प्रनवउँ पवनकुमार खल बन पावक ज्ञानघन ।.. गोष्पदी कृत वारीशं मशकी कृत राक्षसम् ।..

दशरथकृत शनि स्तोत्र

नम: कृष्णाय नीलाय शितिकण्ठ निभाय च। नम: कालाग्निरूपाय कृतान्ताय च वै नम:॥

संकट मोचन हनुमानाष्टक

बाल समय रवि भक्षी लियो तब।.. लाल देह लाली लसे, अरु धरि लाल लंगूर।...