Hanuman Chalisa

बिनती सुनिए नाथ हमारी - भजन (Bhajan: Binati Suniye Nath Hamari)


बिनती सुनिए नाथ हमारी - भजन

गोपाल गोकुल वल्लभी,
प्रिय गोप गोसुत वल्लभम,
चरणारविन्द महम भजे,
भजनीय सुर मुनि दुर्लभम् ।
चरणारविन्द महम भजे,
भजनीय सुर मुनि दुर्लभम् ॥

बिनती सुनिए नाथ हमारी,
बिनती सुनिए नाथ हमारी,
हृदयष्वर हरी हृदय बिहारी,
हृदयष्वर हरी हृदय बिहारी,
मोर मुकुट पीतांबर धारी,
बिनती सुनिए नाथ हमारी ॥

जनम जनम की लगी लगन है,
साक्षी तारो भरा गगन है,
गिन गिन स्वाश आस कहती है,
आएँगे श्री कृष्ण मुरारी,
॥ बिनती सुनिए नाथ हमारी...॥

सतत प्रतीक्षा अपलक लोचन,
हे भव बाधा बिपति बिमोचन,
स्वागत का अधिकार दीजिए,
शरणागत है नयन पुजारी,
॥ बिनती सुनिए नाथ हमारी...॥

और कहूं क्या अंतर्यामी,
तन मन धन प्राणो के स्वामी,
करुणाकर आकर के कहिए,
स्वीकारी विनती स्वीकारी,
॥ बिनती सुनिए नाथ हमारी...॥

बिनती सुनिए नाथ हमारी,
बिनती सुनिए नाथ हमारी,
हृदयष्वर हरी हृदय बिहारी,
हृदयष्वर हरी हृदय बिहारी,
मोर मुकुट पीतांबर धारी,
बिनती सुनिए नाथ हमारी ॥

Bhajan: Binati Suniye Nath Hamari in English

Gopaal Gokul Vallabhee, Priy Gop Gosut Vallabham, Charanaaravind Maham Bhaje, Bhajaneey Sur Muni Durlabham
यह भी जानें

Bhajan Shri Krishna BhajanBrij BhajanBaal Krishna BhajanBhagwat BhajanJanmashtami BhajanMeera BhajanMeera Bai BhajanDevi Rukmini BhajanPrem Patra Bhajan

अन्य प्रसिद्ध बिनती सुनिए नाथ हमारी - भजन वीडियो

बिनती सुनिए नाथ हमारी - श्री हित अम्बरीष जी

अगर आपको यह भजन पसंद है, तो कृपया शेयर, लाइक या कॉमेंट जरूर करें!

इस भजन को भविष्य के लिए सुरक्षित / बुकमार्क करें Add To Favorites
* कृपया अपने किसी भी तरह के सुझावों अथवा विचारों को हमारे साथ अवश्य शेयर करें।

** आप अपना हर तरह का फीडबैक हमें जरूर साझा करें, तब चाहे वह सकारात्मक हो या नकारात्मक: यहाँ साझा करें

भए प्रगट कृपाला दीनदयाला - भजन

श्री रामअवतार स्तुति बधाई, सोहर, जन्मदिन अवसरों पर लोकप्रिय है। भए प्रगट कृपाला दीनदयाला, कौसल्या हितकारी ।

नमस्ते सदा वत्सले मातृभूमे

नमस्ते सदा वत्सले मातृभूमे, त्वया हिन्दुभूमे सुखं वर्धितोऽहम्...

बांटो बांटो मिठाई मनाओ ख़ुशी - भजन

बांटो बांटो मिठाई मनाओ ख़ुशी, मुँह मीठा करवाओ अवध वासियो, आज वन से अवध आ रहे है प्रभु..

कनक भवन दरवाजे पड़े रहो - भजन

कनक भवन दरवाजे पड़े रहो, जहाँ सियारामजी विराजे पड़े रहो, सुघर सोपान सो द्वार सुहावे

राम कहने से तर जाएगा - भजन

राम कहने से तर जाएगा, पार भव से उतर जायेगा। उस गली होगी चर्चा तेरी...

आए हैं प्रभु श्री राम, भरत फूले ना समाते - भजन

आए हैं प्रभु श्री राम, भरत फूले ना समाते हैं। तन पुलकित मुख बोल ना आए...

कब दर्शन देंगे राम परम हितकारी - भजन

कब दर्शन देंगे राम परम हितकारी, कब दर्शन देंगे राम दीन हितकारी, रास्ता देखत शबरी की उम्र गयी सारी..

Durga Chalisa
Subscribe BhaktiBharat YouTube Channel
Download BhaktiBharat App