पितृ पक्ष - Pitru Paksha
गूगल पर भक्ति भारत को अपना प्रीफ़र्ड सोर्स बनाएँ

केवट ने कहा रघुराई से - भजन (Kewat Ne Kaha Raghurai Se)


केवट ने कहा रघुराई से - भजन
केवट ने कहा रघुराई से,
उतराई ना लूंगा हे भगवन,
उतराई ना लूंगा हे भगवन,
केवट ने कहा रघुराईं से,
उतराई ना लूंगा हे भगवन ॥
मैं नदी नाल का सेवक हूँ,
तुम भवसागर के स्वामी हो,
मैं यहाँ पे पार लगाता हूँ,
तुम वहाँ पे पार लगा देना,
केवट ने कहा रघुराईं से,
उतराई ना लूंगा हे भगवन ॥

तूने अहिल्या को पार लगाया है,
मुझको भी पार लगा देना,
मैं यहाँ पे पार लगाता हूँ,
तुम वहाँ पे पार लगा देना,
केवट ने कहा रघुराईं से,
उतराई ना लूंगा हे भगवन ॥

केवट ने कहा रघुराई से,
उतराई ना लूंगा हे भगवन,
उतराई ना लूंगा हे भगवन,
केवट ने कहा रघुराईं से,
उतराई ना लूंगा हे भगवन ॥

Kewat Ne Kaha Raghurai Se in English

Kevat Ne Kaha Raghuraei Se, Utarai Na Lunga Hey Bhagavan, Utarai Na Lunga Hey Bhagavan, Kevat Ne Kaha Raghuraei Se, Utarai Na Lunga Hey Bhagavan ॥
यह भी जानें

Bhajan Shri Ram BhajanShri Raghuvar BhajanRam Navmi BhajanSita Navmi BhajanHanuman Janmotsav BhajanRam Bhajan BhajanMaryada Purushottam Shri Ram Bhajan

अगर आपको यह भजन पसंद है, तो कृपया शेयर, लाइक या कॉमेंट जरूर करें!

Whatsapp Channelभक्ति-भारत वॉट्स्ऐप चैनल फॉलो करें »
इस भजन को भविष्य के लिए सुरक्षित / बुकमार्क करें Add To Favorites
* कृपया अपने किसी भी तरह के सुझावों अथवा विचारों को हमारे साथ अवश्य शेयर करें।

** आप अपना हर तरह का फीडबैक हमें जरूर साझा करें, तब चाहे वह सकारात्मक हो या नकारात्मक: यहाँ साझा करें।

नवीनतम भजन ›

जय जयकार करो माता की - माता भजन

जय जयकार माता की, आओ शरण भवानी की, एक बार फिर प्रेम से बोलो, जय दुर्गा महारानी की

अरे रे मेरी जान है राधा - भजन

अरे रे मेरी जान है राधा, तेरे पे क़ुर्बान मैं राधा, रह न सकूंगा तुमसे दूर मैं ॥...

मेरे मालिक के दरबार में सब का खाता - भजन

मेरे मालिक के दरबार में, सब का खाता, जो कोई जैसी करनी करता, वैसा ही फल पाता, क्या साधू क्या संत गृहस्थी..

दुर्गे महाँ रानी नमो नमो - भजन

दुर्गे, महाँ रानी, नमो नमो । अम्बे, महाँ रानी, नमो नमो । दुर्गे, महाँ रानी, नमो नमो ॥ मेरी, मात भवानी, नमो नमो ।

जय अम्बे बोल - भजन

फिल्म यह प्रेम मोल लिया का भजन अम्बे बोल के लिरिक्स, तारों की चुनरी और चंद्रमा का टीका.. माता का रूप लगे सूरज सरीखा..

बजरंग बाण

निश्चय प्रेम प्रतीति ते, बिनय करैं सनमान। तेहि के कारज सकल शुभ, सिद्ध करैं हनुमान॥

हे दुःख भन्जन, मारुती नंदन - भजन

हे दुःख भन्जन, मारुती नंदन, सुन लो मेरी पुकार । पवनसुत विनती बारम्बार...

Navratri Specials 2026 - Navratri Specials 2026
Ganesh Aarti Bhajan - Ganesh Aarti Bhajan
Bhakti Bharat APP