Shri Ram Bhajan
गूगल पर भक्ति भारत को अपना प्रीफ़र्ड सोर्स बनाएँ

राजीव लोचन राम, आज अपने घर आए: भजन (Rajiv Lochan Ram Aaj Apne Ghar Aaye)


राजीव लोचन राम, आज अपने घर आए: भजन
राजीव लोचन राम,
आज अपने घर आए,
कण कण पुलकित,
पुरजन हर्षित,
नगर गाँव सब बजत बधाई,
राजीव लोंचन राम,
आज अपने घर आए ॥
गावही किन्नर नाग बदूटी,
बार बार कुसुमांजलि छूटी,
हे जग पावन,
मुनि मन भावन,
अरु शोभा गुण बरनी ना जाए,
राजीव लोंचन राम,
आज अपने घर आए ॥

सुन्दर शोभा श्री रघुवर की,
झांकी बनी है कनक भवन की,
सूचिसर सुन्दर,
नित्य मगन जन,
मचल मचल सब विधि गुण गाए,
राजीव लोंचन राम,
आज अपने घर आए ॥

हर्षित जह तह दाई दासी,
आनंद मगन सकल पुर वासी,
लिए आरती मंगल आरती,
कनक बसन उपथाल सुहाए,
राजीव लोंचन राम,
आज अपने घर आए ॥

राजीव लोचन राम,
आज अपने घर आए,
कण कण पुलकित,
पुरजन हर्षित,
नगर गाँव सब बजत बधाई,
राजीव लोंचन राम,
आज अपने घर आए ॥

Rajiv Lochan Ram Aaj Apne Ghar Aaye in English

Rajeev Lochan Ram, Aaj Apne Ghar Aaye, Kan Kan Pulakit, Purjan Harshit, Nagar Gao Sab Bajan Badhai, Rajeev Lochan Ram, Aaj Apne Ghar Aaye ॥
यह भी जानें

Bhajan Shri Ram BhajanShri Raghuvar BhajanRam Navmi BhajanSita Navmi BhajanHanuman Janmotsav BhajanRam Bhajan BhajanMaryada Purushottam Shri Ram Bhajan

अगर आपको यह भजन पसंद है, तो कृपया शेयर, लाइक या कॉमेंट जरूर करें!

Whatsapp Channelभक्ति-भारत वॉट्स्ऐप चैनल फॉलो करें »
इस भजन को भविष्य के लिए सुरक्षित / बुकमार्क करें Add To Favorites
* कृपया अपने किसी भी तरह के सुझावों अथवा विचारों को हमारे साथ अवश्य शेयर करें।

** आप अपना हर तरह का फीडबैक हमें जरूर साझा करें, तब चाहे वह सकारात्मक हो या नकारात्मक: यहाँ साझा करें

नवीनतम भजन ›

जगन्‍नाथ चक्‍का नैन नीलाचल वारे - भजन

जगन्‍नाथ चक्‍का नैन नीलाचल वारे, जगन्नाथ, जगन्नाथ, चका नैन, चका नैन

बाबा मेरे जगन्नाथ तेरा चर्चा हो ग्या रे - भजन

बाबा मेरे जगन्नाथ तेरा चर्चा हो ग्या रै, यो खाती का छौरा बाबा तेरा हो ग्या सै..

ମିଛ ଦୁନିଆରେ ଗୋଟିଏ ସତ - भजन

ମିଛ ଦୁନିଆରେ ଗୋଟିଏ ସତ (୨), ଜଗନ୍ନାଥ ସେ ମୋ ଜଗନ୍ନାଥ (୨)

जय जगन्नाथ हमें रहना आपके चरणों में - जगन्नाथ भजन

शुभ शुभ दिन आया शुभ घड़ी, जय जगन्नाथ से गूंजा आसमान, उसे चारों धाम का पुण्य मिला, जो करके पूर्ण तेरी परिक्रमा

जय जय जगन्नाथ जग के नाथ - जगन्नाथ भजन

जय जय जगन्नाथ जग के नाथ, हम तुम्हें भजते हैं दिन रात, जिनका न कोई तुम उनके साथ, हम तुम्हें भजते हैं दिन रात

कोई लाख करे चतुरायी: भजन

कोई लाख करे चतुरायी, करम का लेख मिटे ना रे भाई, जरा समझो इसकी सच्चाई रे...

भजन: अमृत बेला गया आलसी सो रहा बन आभागा !

बेला अमृत गया, आलसी सो रहा, बन आभागा, साथी सारे जगे, तू न जागा...

Durga Chalisa - Durga Chalisa
Ram Bhajan - Ram Bhajan
Bhakti Bharat APP