गणेशोत्सव - Ganeshotsav
गूगल पर भक्ति भारत को अपना प्रीफ़र्ड सोर्स बनाएँ

आम के पत्तों का तोरण बनाते समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए? (What are the things to be kept in mind while making toran of mango leaves?)

तोरण को बंदनवार भी कहा जाता है। मां लक्ष्मी के स्वागत व उन्हें प्रसन्न करने के लिए दरवाजे पर इसे लगाना शुभ माना जाता है। तोरण लगाने से घर की नाकारात्मक ऊर्जा दरवाजे से ही वापिस चली जाती है। तोरण कई तरह से बनाए जाते हैं। आम के पत्तों,धान की बालियों और गेंदे को फूलो से बना तोरण का अलग-अलग महत्व है।
आम के पत्ते का तोरण कैसे बनाते है
❀ अधिकांश हिंदू धार्मिक समारोहों में सिंदूर या सिंदूर से लिपटे बर्तन में आम के पेड़ की पांच पत्ति दिखाई देती है।
❀ यदि आप अपने घर के मुख्य द्वार में तोरण लगा रहे हैं तो आम के हरी पत्ती और फूलों का तोरण लगाएं।
❀ सूखे आम पत्तों, टूटे पत्तों को कभी भी तोरण के रूप में प्रयोग न करें, यह देखने में अच्छा नहीं लगता और संक्रमित पत्तों का भी प्रयोग नहीं करना चाहिए।
❀ तोरण बनाते समय आम के पत्ते सीधे रखें।

आम के पत्तों का तोरण के महत्व
❀ आम के पत्तों को मुख्य द्वार पर तोरण के रूप में लटकाने से घर में आने वाले हर व्यक्ति के साथ साकारात्मक ऊर्जा प्रवेश करती हैं। इससे हर काम बिना विघ्न पूरा हो जाता है।
❀ गेंदे के फूल भी आम के पत्तों के साथ लगाना शुभ माना जाता है। पीले रंग के इन फूलों का संबंध बृहस्पति ग्रह से होता है इसलिए कहा जाता है कि जिस घर के द्वार पर गेंदे का फूल लगाया जाता है उस घर में सुख-समृद्धि आती है।
❀ सदियों से हमारे देश में आम के वृक्ष को पूजनीय माना जाता है तभी तो किसी भी तरह के मांगलिक कार्यों में आम के पत्तों का उपयोग किया जाता है।
आम के पत्तों का तोरण द्वार पर लगाने से सभी मांगलिक कार्य निर्विघ्न पूरे हो जाते हैं। बुरी शक्तियां एवं नकारात्मक ऊर्जा भी शुभ कार्य में बाधा नहीं डाल पाती हैं, इसलिए दरवाज़े पर आम के पत्तों को लटकाना बहुत शुभ माना गया है।
❀ धार्मिक मान्यता के मुताबिक आम हनुमान जी का प्रिय फल है। इसलिए जहां भी आम और आम का पत्ता होता है वहां हनुमान जी की विशेष कृपा बनी रहती है।

What are the things to be kept in mind while making toran of mango leaves? in English

Toran is also called Bandanwar. It is considered auspicious to put it on the door to welcome and please Devi Lakshmi. By installing toran, the negative energy of the house goes back through the door itself. Torans are made in many ways. The toran made of mango leaves, paddy earrings and marigold flowers has different significance.
यह भी जानें

Blogs Aam Toran BlogsToran BlogsAam Ke Patte Ke Toran BlogsDevi Lakshmi BlogsAuspicious Ceremonies BlogsGriha Pravesh Blogs

अगर आपको यह ब्लॉग पसंद है, तो कृपया शेयर, लाइक या कॉमेंट जरूर करें!

Whatsapp Channelभक्ति-भारत वॉट्स्ऐप चैनल फॉलो करें »
इस ब्लॉग को भविष्य के लिए सुरक्षित / बुकमार्क करें Add To Favorites
* कृपया अपने किसी भी तरह के सुझावों अथवा विचारों को हमारे साथ अवश्य शेयर करें।

** आप अपना हर तरह का फीडबैक हमें जरूर साझा करें, तब चाहे वह सकारात्मक हो या नकारात्मक: यहाँ साझा करें।

ब्लॉग ›

हिंदू धर्म में विभिन्न धागों का महत्व

हिंदू धर्म में बुराइयों से छुटकारा पाने के कई उपाय हैं। हिन्दू धर्म में पवित्र सूत्रों का बड़ा महत्व होता है। लोग इन पवित्र धागों को अपने शरीर के विभिन्न अंगों में धारण करते हैं सकारात्मक परिणामके लिए। पवित्र धागों में लाल, नारंगी, सफेद, काला और पीला जैसे विभिन्न रंग मौजूद होते हैं। सभी धागों के अपने विशिष्ट कारण होते हैं।

गणेश विसर्जन कैसे करें

गणेश चतुर्थी उत्सव में गणेश विसर्जन एक महत्वपूर्ण अनुष्ठान है, जो भगवान गणेश को समर्पित उत्सवों के समापन का प्रतीक है।

गणेशोत्सव 2026

आइए जानें! श्री गणेशोत्सव, श्री गणेश चतुर्थी, अनंत चतुर्दशी एवं गणपति विसर्जन से जुड़ी कुछ जानकारियाँ, प्रसिद्ध भजन एवं सम्वन्धित अन्य प्रेरक तथ्य..

बुढ़वा मंगल विशेष 2026

भादौं माह के अंतिम मंगलवार को माए जाने वाला त्यौहार बुढ़वा मंगल, मध्य उत्तर प्रदेश अर्थात व्रज मंडल में हनुमान जी का सबसे प्रसिद्ध उत्सव है।

ISKCON एकादशी कैलेंडर 2026

यह एकादशी तिथियाँ केवल वैष्णव सम्प्रदाय इस्कॉन के अनुयायियों के लिए मान्य है | ISKCON एकादशी कैलेंडर 2026

शरद विषुव | सितंबर विषुव

ग्रीष्म संक्रांति तब होती है जब पृथ्वी का सूर्य की ओर झुकाव अधिकतम होता है। इसलिए, ग्रीष्म संक्रांति के दिन, सूर्य दोपहर की स्थिति के साथ अपनी उच्चतम ऊंचाई पर दिखाई देता है जो ग्रीष्म संक्रांति से पहले और बाद में कई दिनों तक बहुत कम बदलता है।

बसंत विषुव | मार्च विषुव

मार्च विषुव उत्तरी गोलार्ध में बसंत (वसंत) विषुव और दक्षिणी गोलार्ध में शरद विषुव (पतन) विषुव है। उत्तरी गोलार्द्ध में मार्च विषुव को वसंत विषुव कहा जाता है। उत्तरी गोलार्ध में वसंत विषुव लगभग 20 या 21 मार्च को पड़ता है, जब सूर्य उत्तर की ओर जाने वाले खगोलीय भूमध्य रेखा को पार करता है।

Ganesh Aarti Bhajan - Ganesh Aarti Bhajan
Ganesh Aarti Bhajan - Ganesh Aarti Bhajan
Bhakti Bharat APP