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धौलीनाग मंदिर - Dhaulinag Mandir

मुख्य आकर्षण - Key Highlights

◉ भगवान धौलीनाग (नाग देवता) को समर्पित प्रसिद्ध मंदिर।
◉ घने जंगलों और हिमालय की मनोरम पर्वत श्रृंखलाओं से घिरा शांत धार्मिक स्थल।
◉ पारंपरिक कुमाऊँनी पर्वतीय वास्तुकला में निर्मित मंदिर।
◉ नाग पंचमी यहाँ का सबसे बड़ा और प्रमुख उत्सव है, जिसे धौलीनाग उत्सव के रूप में मनाया जाता है।

धौलीनाग मंदिर उत्तराखंड के कुमाऊँ क्षेत्र में पूजित भगवान धौलीनाग (नाग देवता) को समर्पित एक प्राचीन और प्रसिद्ध मंदिर है। यह मंदिर बागेश्वर–मुनस्यारी मार्ग पर छाना गांव (खंतोली के निकट) में स्थित है। हिमालय की शांत वादियों और प्राकृतिक सौंदर्य से घिरा यह मंदिर अपनी आध्यात्मिक आभा और स्थानीय धार्मिक परंपराओं के लिए प्रसिद्ध है। श्रद्धालु यहाँ सर्प भय से मुक्ति, परिवार के सुख-समृद्धि, उत्तम स्वास्थ्य तथा मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए दर्शन एवं पूजा करने आते हैं।

धौलीनाग मंदिर का दर्शन समय
मंदिर सप्ताह के सभी दिनों में दर्शन के लिए खुला रहता है। प्रातःकाल: सुबह 6:00 बजे से दोपहर 12:00 बजे तक, सायंकाल: शाम 4:00 बजे से शाम 7:00 बजे तक।

धौलीनाग मंदिर के प्रमुख पर्व
नाग पंचमी धौलीनाग मंदिर का सबसे प्रमुख और भव्य पर्व है। अगस्त–सितंबर के दौरान आयोजित होने वाला धौलीनाग उत्सव हजारों श्रद्धालुओं को आकर्षित करता है। इस अवसर पर भक्त भगवान धौलीनाग को दूध, पुष्प, धूप आदि अर्पित कर परिवार की सुख-समृद्धि, सुरक्षा और मनोकामनाओं की पूर्ति का आशीर्वाद प्राप्त करते हैं।

धौलीनाग मंदिर कैसे पहुँचें
धौलीनाग मंदिर बागेश्वर–मुनस्यारी रोड पर स्थित है और बागेश्वर नगर से लगभग 18–20 किलोमीटर की दूरी पर है। यहाँ निजी वाहन, टैक्सी तथा स्थानीय बसों द्वारा आसानी से पहुँचा जा सकता है। निकटतम रेलवे स्टेशन काठगोदाम रेलवे स्टेशन है, जो मंदिर से लगभग 180 किलोमीटर दूर स्थित है। निकटतम हवाई अड्डा पंतनगर हवाई अड्डा है, जहाँ से बागेश्वर के लिए टैक्सी और बस सेवाएँ उपलब्ध हैं।

समय - Timings

दर्शन समय
6 AM - 7 PM
त्योहार
Navratri, Nag Panchami, Rishi Panchami | यह भी जानें: एकादशी

धौलीनाग मंदिर का इतिहास और वास्तुकला

स्थानीय लोककथाओं के अनुसार, भगवान धौलीनाग ने इस क्षेत्र के लोगों को आशीर्वाद देकर उनकी रक्षा का दायित्व अपने ऊपर लिया था। तभी से उन्हें इस क्षेत्र का रक्षक देवता माना जाता है। समय के साथ यह मंदिर एक प्रमुख तीर्थस्थल बन गया और आज मुनस्यारी तथा हिमालय के ऊँचे क्षेत्रों की यात्रा करने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए महत्वपूर्ण पड़ाव है।

मंदिर की वास्तुकला पारंपरिक कुमाऊँनी पर्वतीय शैली को दर्शाती है, जिसमें सादगी और प्रकृति के साथ सामंजस्य का विशेष महत्व है। स्थानीय पत्थरों और लकड़ी से निर्मित इस मंदिर की ढलानदार छत हिमालयी क्षेत्र में होने वाली भारी वर्षा और हिमपात को ध्यान में रखकर बनाई गई है। मंदिर के गर्भगृह में भगवान धौलीनाग (नाग देवता) का पवित्र विग्रह स्थापित है, जहाँ श्रद्धालु दूध, पुष्प, धूप एवं अन्य पूजन सामग्री अर्पित कर आशीर्वाद प्राप्त करते हैं।

घने जंगलों, मनोहारी हिमालयी घाटियों और पर्वतों के विहंगम दृश्यों से घिरा यह मंदिर अत्यंत शांत एवं आध्यात्मिक वातावरण प्रदान करता है। धौलीनाग मंदिर आज भी बागेश्वर जिले के प्रमुख धार्मिक स्थलों में से एक है।

Dhaulinag Mandir in English

Dhaulinag Temple is an ancient and renowned temple dedicated to Lord Dhaulinag (the Serpent Deity), who is worshipped in the Kumaon region of Uttarakhand. The temple is situated in Chhana village (near Khantoli) on the Bageshwar–Munsiyari route.

जानकारियां - Information

मंत्र / प्रचलित जयकारा
Om Nag Devtay Namah
समर्पित
Nag Devta
वास्तुकला
Traditional Kumaoni Hill Architecture

क्रमवद्ध - Timeline

6 AM - 7 PM

कैसे पहुचें - How To Reach

पता 📧
Bageshwar-Munsyari Rd Chhana Uttarakhand
रेलवे 🚉
Pantnagar Airport
हवा मार्ग ✈
Kathgodam Railway Station
निर्देशांक 🌐
29.8366511°N, 79.9255204°E
धौलीनाग मंदिर गूगल के मानचित्र पर
http://www.bhaktibharat.com/mandir/dhaulinag-mandir

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