मुख्य आकर्षण - Key Highlights |
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| ◉ लेन्याद्री गणपति मंदिर एकमात्र अष्टविनायक मंदिर है जो एक पर्वतीय गुफा के भीतर स्थित है। |
| ◉ श्रद्धालु मंदिर तक पहुंचने के लिए लगभग 300 से अधिक पत्थर की सीढ़ियां चढ़ते हैं। |
लेन्याद्री गणपति मंदिर, जिसे गिरिजात्मज गणपति मंदिर के नाम से भी जाना जाता है, यह महाराष्ट्र के जुन्नार के पास स्थित है। लेन्याद्री गणपति मंदिर, महाराष्ट्र में भगवान गणेश के पवित्र अष्टविनायक मंदिरों में से एक है। यह मंदिर अपनी विशिष्टता के कारण अद्वितीय है क्योंकि यह मंदिर एक पहाड़ी पर स्थित प्राचीन चट्टान काटकर बनाई गई गुफा के भीतर बना है।
लेन्याद्री गणपति मंदिर का दर्शन समय
लेन्याद्री गणपति मंदिर पूरे सप्ताह खुला रहता है और दर्शन का समय सुबह 5:00 बजे से शाम 8:00 बजे तक है।
लेन्याद्री गणपति मंदिर के प्रमुख त्यौहार
संकष्टी चतुर्थी, गणेश चतुर्थी और माघी गणेश जयंती लेन्याद्री गणपति मंदिर के प्रमुख त्यौहार हैं। विघ्नेश्वर मंदिर,ओझर के बारे में पढ़ें।
लेन्याद्री गणपति मंदिर कैसे पहुँचें
यह मंदिर पुणे के जुन्नार के पास लेन्याद्री पहाड़ी पर स्थित है। पुणे और मुंबई से राज्य परिवहन की बसों और निजी कैब द्वारा लेन्याद्री तक पहुँच सकते हैं। निकटतम प्रमुख रेलवे स्टेशन पुणे जंक्शन और तलेगांव हैं। निकटतम हवाई अड्डा पुणे अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा है।
लेन्याद्री गणपति मंदिर एकमात्र अष्टविनायक मंदिर है जो एक पर्वतीय गुफा के भीतर स्थित है। यहां भगवान गणेश की पूजा गिरिजात्मज के रूप में की जाती है, जिसका अर्थ है गिरिजा (पार्वती) के पुत्र।
परंपरा के अनुसार, देवी पार्वती ने लेन्याद्री में कठोर तपस्या की थी और भगवान गणेश का जन्म यहीं हुआ था। भक्तिभारत के अनुसार, यह मंदिर प्राचीन लेन्याद्री गुफा परिसर की गुफा संख्या 7 में स्थित है, जो मूल रूप से 2,000 वर्ष से अधिक पुरानी बौद्ध गुफाओं से मिलकर बना था।
यह मंदिर एक ही चट्टान से तराशा गया है। श्रद्धालु मंदिर तक पहुंचने के लिए लगभग 300 से अधिक पत्थर की सीढ़ियां चढ़ते हैं। गुफा में बिना स्तंभों वाला एक विशाल हॉल है। भगवान गणेश की प्रतिमा को स्वयंभू (स्वयं प्रकट) माना जाता है और यह गुफा की दीवार पर उकेरी गई है। मंदिर में दिन के समय प्राकृतिक सूर्य का प्रकाश आता है और परंपरागत रूप से इसके अंदर बिजली की व्यवस्था नहीं थी। भक्तिभारत के अनुसार चढ़ाई, दर्शन और उतरने में लगभग 1 से 2 घंटे लगते हैं।
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