मुख्य आकर्षण - Key Highlights |
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| ◉ मनोकामना सिद्ध श्री बालाजी मंदिर। |
| ◉ मुगल काल से स्थापित मंदिर। |
श्री राम भक्त बजरंगबली महाराज के अनन्य भक्त, पहले गुरु स्वामी तुलसीदास जी महाराज ने अपनी प्रेरणा स्वरूप श्री राम मनोकामना सिद्ध हनुमान मंदिर को स्थापित किया। नीली छतरी मंदिर के निकट, यमुना नदी के तट पर, सलीमगढ़ किले के बहादुर शाही गेट या गेट नंबर 2 पर स्थित है यह श्री हनुमान मंदिर।
मंदिर का इतिहास
पौराणिक कहानी के अनुसार, महंत स्वामी तुलसीदास जी महाराज को मुगल शासक औरंगज़ेब ने कोई चमत्कार दिखाने के लिए कहा। पर तुलसी दास जी बोले, कि मुझे कोई चमत्कार नही आता है, बस बजरंगबली की कृपा है और वो ही कुछ कर सकते हैं। और मुगल शासक की सेना ने उनको बंदीग्रह मे डाल दिया। अचानक से मुगल शासक को बंदरों का झुंड परेशान करने लगा, परेशान होकर औरंगज़ेब ने इस सब घटना का कारण जानना चाहा तो बताया गया, आपने या आपके सैनिकों ने किसी हनुमान भक्त को बहुत पीड़ा दी है।
अतः मुगल शासक ने स्वामी तुलसीदास महाराज को स-सम्मान छोड़ने की आज्ञा दी। महंत तुलसीदास हनुमान जी के मूर्ति साथ लेकर, किले के दरवाजे नंबर 2 से निकले ,और उसी के सामने यमुना किनारे हनुमान जी को स्थापित की। तभी से ये जगह पवित्र मनोकामना हनुमान भक्तों के लिए प्रिय हो गई।

Entry view of temple with two of shikhar and green view along with peepal tree

Metro track on river Yamuna and Shastri Park Metro station is visible with this location.

Eighth generation of sadhu or peethadhish dedicated to Lord Hanuman
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