Haanuman Bhajan
गूगल पर भक्ति भारत को अपना प्रीफ़र्ड सोर्स बनाएँ

भूतनाथ अष्टकम् (Bhootnath Ashtakam)


भूतनाथ अष्टकम्
श्री विष्णुपुत्रं शिवदिव्यबालं मोक्ष प्रदं दिव्यजनाभिवन्द्यम् ।
कैलासनाथ प्रणवस्वरूपं श्रीभूतनाथं मनसा स्मरामि ॥ १॥
अज्ञानघोरान्ध धर्म प्रदीपं प्रज्ञानदान प्रणवं कुमारम् ।
लक्ष्मीविलासैकनिवासरङ्गं श्रीभूतनाथं मनसा स्मरामि ॥ २॥

लोकैकवीरं करुणातरङ्गं सद्भक्तदृश्यं स्मरविस्मयाङ्गम् ।
भक्तैकलक्ष्यं स्मरसङ्गभङ्गं श्रीभूतनाथं मनसा स्मरामि ॥ ३॥

लक्ष्मी तव प्रौढमनोहर श्री सौन्दर्य सर्वस्व विलासरङ्गम् ।
आनन्द सम्पूर्ण कटाक्षलोलं श्रीभूतनाथं मनसा स्मरामि ॥ ४॥

पूर्णकटाक्ष प्रभयाविमिश्रं सम्पूर्ण सुस्मेर विचित्रवक्त्रम् ।
मायाविमोह प्रकरप्रणाशं श्रीभूतनाथं मनसा स्मरामि ॥ ५॥

विश्वाभिरामं गुणपूर्णवर्णं देहप्रभानिर्जित कामदेवम् ।
कुपेट्य दुःखर्व विषादनाशं श्रीभूतनाथं मनसा स्मरामि ॥ ६॥

मालाभिरामं परिपूर्णरूपं कालानुरूप प्रकाटावतारम् ।
कालान्तकानन्दकरं महेशं श्रीभूतनाथं मनसा स्मरामि ॥ ७॥

पापापहं तापविनाशमीशं सर्वाधिपत्य परमात्मनाथम् ।
श्रीसूर्यचन्द्राग्निविचित्रनेत्रं श्रीभूतनाथं मनसा स्मरामि ॥ ८॥

॥ इति श्रीभूतनाथमानसाष्टकं सम्पूर्णम् ॥

Bhootnath Ashtakam in English

Shiva Shiva Shaktinath Samharam Sham Swaroopam , Nav Nav Nityanrityam Tandavam Tan Tannadam, Ghan Ghan Ghanimegham Ghanaghoran Ghan Naninaadam, Bhaj Bhaj Bhasmalepan Bhajaami Bhootanaatm ॥1॥
यह भी जानें
मंत्र का मूल रूप

नागेन्द्रहाराय त्रिलोचनाय भस्माङ्गरागाय महेश्वराय ।
नित्याय शुद्धाय दिगम्बराय तस्मै नकाराय नम: शिवाय ॥1॥

मन्दाकिनीसलिलचन्दनचर्चिताय, नन्दीश्वरप्रमथनाथमहेश्वराय ।
मन्दारपुष्पबहुपुष्पसुपूजिताय, तस्मै मकाराय नम: शिवाय ॥2॥

शिवाय गौरीवदनाब्जवृन्द सूर्याय दक्षाध्वरनाशकाय ।
श्रीनीलकण्ठाय वृषध्वजाय, तस्मै शिकाराय नम: शिवाय ॥3॥

वसिष्ठकुम्भोद्भवगौतमार्य मुनीन्द्रदेवार्चितशेखराय ।
चन्द्रार्कवैश्वानरलोचनाय, तस्मै वकाराय नम: शिवाय ॥4॥

यक्षस्वरूपाय जटाधराय, पिनाकहस्ताय सनातनाय ।
दिव्याय देवाय दिगम्बराय, तस्मै यकाराय नम: शिवाय ॥5॥

पञ्चाक्षरमिदं पुण्यं य: पठेच्छिवसन्निधौ ।
शिवलोकमवाप्नोति शिवेन सह मोदते ॥6॥

Mantra Bhootnath Ashtakam MantraShiv MantraBholenath MantraMahadev MantraShivaratri MantraSavan Ke Somvar MantraMonday MantraSomwar MantraSomvati Amavasya Mantra

अगर आपको यह मंत्र पसंद है, तो कृपया शेयर, लाइक या कॉमेंट जरूर करें!

Whatsapp Channelभक्ति-भारत वॉट्स्ऐप चैनल फॉलो करें »
इस मंत्र को भविष्य के लिए सुरक्षित / बुकमार्क करें Add To Favorites
* कृपया अपने किसी भी तरह के सुझावों अथवा विचारों को हमारे साथ अवश्य शेयर करें।

** आप अपना हर तरह का फीडबैक हमें जरूर साझा करें, तब चाहे वह सकारात्मक हो या नकारात्मक: यहाँ साझा करें

मंत्र ›

श्री जगन्नाथ अष्टकम

कदाचित् कालिन्दी तट विपिन सङ्गीत तरलो, मुदाभीरी नारी वदन कमला स्वाद मधुपः, रमा शम्भु ब्रह्मामरपति गणेशार्चित पदो..

श्री जगन्नाथ यात्रा के राशि मंत्र

श्री जगन्नाथ यात्रा के सामने बोलें अपना राशि मंत्र।

श्रीजगन्नाथ सहस्रनाम स्तोत्रम

देवदानवगन्धर्वयक्षविद्याधारोर्गैः। सेव्यमानं सदा चारुकोटिसूर्यसमाप्रभम् ॥ 1॥

प्रज्ञानं ब्रह्म महावाक्य

प्रज्ञानं ब्रह्म जिसका शाब्दिक अर्थ है ज्ञान ही ब्रह्म है। यह भारत के पुरातन हिंदू शास्त्र 'ऋग्वेद' का 'महावाक्य' है...

श्री जगन्नाथ प्रातः स्मरण स्तोत्रम्

नीलाम्बुद-श्यामल-कान्ति-कान्तं, नीलाम्बुधेर्नीलगिरौ बसन्तम् । लीलामयं नील-सरोज नेत्रं, देवं जगन्नाथमहं स्मरामि ॥ संसार-धातारमनन्त-रूपं, वेदान्त-वेद्यं हृत-पाप-तापम् ।

पूर्णब्रह्म स्तोत्रम्

पूर्णचन्द्रमुखं निलेन्दु रूपम् , उद्भाषितं देवं दिव्यं स्वरूपम्, पूर्णं त्वं स्वर्णं त्वं वर्णं त्वं देवम् , पिता माता बंधु त्वमेव सर्वम्, जगन्नाथ स्वामी भक्तभावप्रेमी नमाम्यहम्, जगन्नाथ स्वामी भक्तभावप्रेमी नमाम्यहम् ॥ १ ॥

माँ दुर्गा देव्यापराध क्षमा प्रार्थना स्तोत्रं

माँ दुर्गा की पूजा समाप्ति पर करें ये स्तुति, तथा पूजा में हुई त्रुटि के अपराध से मुक्ति पाएँ। आपत्सु मग्न: स्मरणं त्वदीयं..

Hanuman Chalisa - Hanuman Chalisa
Hanuman Chalisa - Hanuman Chalisa
Bhakti Bharat APP