Haanuman Bhajan
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श्री विज्ञ राजं भजे - गणेश मंत्र (Sri Vighnarajam Bhaje)


श्री विज्ञ राजं भजे - गणेश मंत्र
पल्लवि
श्री विज्ञ राजं भजे - भजेहम् भजेहम्
भजेहम् भजे - तमिह
अनुपल्लवि
सन्ततमहम् कुन्जरमुहम्
शन्करसुतम् - तमिह
सन्ततमहम् दन्ति सुन्दर मुखम्
अन्तकान्तक सुतम् - सिव
शन्करि सुतम् - तमिह

चरणम् 1
सेवित सुरेन्द्र महनीय गुणशीलम्
जपत समादि सुख वरद - अनुकूलम्
भावित सुरमणि गन भक्त परिपालम्
भयन्कर विशन्ग मातन्ग कुलकालम्

चरणम् 2
कनक केयूर हारावलि कलित
गम्भीर गौरगिरि शोभम् सुशोभम्
कामादि भय भरित मूड मद
कलिकलुश कन्तित मखन्ड प्रतापम् - प्रतापम्
सनक सुख नारद पदन्जलि पराच्हर
मतन्ग मुनिसन्ग सल्लापम् - सल्लापम्
सत्य पर मब्ज नयनप्रमुद मुक्तिकर
तत्वमसि नित्य निगमादि स्वरूपम्

Sri Vighnarajam Bhaje in English

Shri Vigyan Rajan Bhaje - Bhajeham Bhajeham, Bhajehum Bhaje - Tamih, Santatmaham Kunjarmuham..
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श्री महालक्ष्मी अष्टक

नमस्तेस्तू महामाये श्रीपिठे सूरपुजिते । शंख चक्र गदा हस्ते महालक्ष्मी नमोस्तूते ॥

आदित्य-हृदय स्तोत्र

ततो युद्धपरिश्रान्तं समरे चिन्तया स्थितम् । रावणं चाग्रतो दृष्टवा युद्धाय समुपस्थितम् ॥ दैवतैश्च समागम्य द्रष्टुमभ्यागतो रणम् ।

श्री दशावतार स्तोत्र: प्रलय पयोधि-जले

प्रलय पयोधि-जले धृतवान् असि वेदम्वि, हित वहित्र-चरित्रम् अखेदम्के, शव धृत-मीन-शरीर, जय जगदीश हरे

श्री हनुमान स्तवन - श्रीहनुमन्नमस्कारः

प्रनवउँ पवनकुमार खल बन पावक ज्ञानघन ।.. गोष्पदी कृत वारीशं मशकी कृत राक्षसम् ।..

संकट मोचन हनुमानाष्टक

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दशरथकृत शनि स्तोत्र

नम: कृष्णाय नीलाय शितिकण्ठ निभाय च। नम: कालाग्निरूपाय कृतान्ताय च वै नम:॥

बगलामुखी अष्टोत्तरशतनामस्तोत्रम्, नारद-विष्णुसंवादे

श्रीबगलाष्टोत्तरशतनामस्तोत्रम् ॥ श्रीगणेशाय नमः । नारद उवाच । भगवन्देवदेवेश सृष्टिस्थितिलयात्मक । शतमष्टोत्तरं नाम्नां बगलाया वदाधुना ॥ श्रीविष्णुयामले नारदविष्णुसंवादे श्रीबगलाष्टोत्तरशतनामस्तोत्रं

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