Shri Krishna Bhajan
गूगल पर भक्ति भारत को अपना प्रीफ़र्ड सोर्स बनाएँ

आरती: ॐ जय महावीर प्रभु (Om Jai Mahaveer Prabhu)


आरती: ॐ जय महावीर प्रभु
ॐ जय महावीर प्रभु,
स्वामी जय महावीर प्रभो ।
जगनायक सुखदायक,
अति गम्भीर प्रभो ॥
॥ॐ जय महावीर प्रभु...॥
कुण्डलपुर में जन्में,
त्रिशला के जाये ।
पिता सिद्धार्थ राजा,
सुर नर हर्षाए ॥
॥ॐ जय महावीर प्रभु...॥

दीनानाथ दयानिधि,
हैं मंगलकारी ।
जगहित संयम धारा,
प्रभु परउपकारी ॥
॥ॐ जय महावीर प्रभु...॥

पापाचार मिटाया,
सत्पथ दिखलाया ।
दयाधर्म का झण्डा,
जग में लहराया ॥
॥ॐ जय महावीर प्रभु...॥

अर्जुनमाली गौतम,
श्री चन्दनबाला ।
पार जगत से बेड़ा,
इनका कर डाला ॥
॥ॐ जय महावीर प्रभु...॥

पावन नाम तुम्हारा,
जगतारणहारा ।
निसिदिन जो नर ध्यावे,
कष्ट मिटे सारा ॥
॥ॐ जय महावीर प्रभु...॥

करुणासागर! तेरी,
महिमा है न्यारी ।
ज्ञानमुनि गुण गावे,
चरणन बलिहारी ॥
॥ॐ जय महावीर प्रभु...॥

ॐ जय महावीर प्रभु,
स्वामी जय महावीर प्रभो ।
जगनायक सुखदायक,
अति गम्भीर प्रभो ॥

आरती: ॐ जय महावीर प्रभु | आरती: श्री महावीर भगवान - जय सन्मति देवा

Om Jai Mahaveer Prabhu in English

Jai Mahavir Prabho, Swami Jai Mahavir Prabho। Jagnayak Sukhdayak, Ati Gambhir Prabho...
यह भी जानें

Aarti Mahavir Ji AartiJainism AartiMahavir Jayanti Aarti

अगर आपको यह आरती पसंद है, तो कृपया शेयर, लाइक या कॉमेंट जरूर करें!

Whatsapp Channelभक्ति-भारत वॉट्स्ऐप चैनल फॉलो करें »
इस आरती को भविष्य के लिए सुरक्षित / बुकमार्क करें Add To Favorites
* कृपया अपने किसी भी तरह के सुझावों अथवा विचारों को हमारे साथ अवश्य शेयर करें।

** आप अपना हर तरह का फीडबैक हमें जरूर साझा करें, तब चाहे वह सकारात्मक हो या नकारात्मक: यहाँ साझा करें

आरती ›

शिव आरती - ॐ जय शिव ओंकारा

जय शिव ओंकारा, ॐ जय शिव ओंकारा। ब्रह्मा, विष्णु, सदाशिव, अर्द्धांगी धारा॥

श्री सत्यनारायण जी आरती

जय लक्ष्मी रमणा, स्वामी जय लक्ष्मी रमणा। सत्यनारायण स्वामी, जन पातक हरणा॥

हनुमान आरती

मनोजवं मारुत तुल्यवेगं, जितेन्द्रियं,बुद्धिमतां वरिष्ठम्॥ आरती कीजै हनुमान लला की । दुष्ट दलन रघुनाथ कला की ॥..

आरती: श्री शनिदेव - जय जय श्री शनिदेव

जय जय श्री शनिदेव भक्तन हितकारी। सूरज के पुत्र प्रभु छाया महतारी॥जय जय..॥

जय अम्बे गौरी, मैया जय श्यामा गौरी - आरती

जय अम्बे गौरी, मैया जय श्यामा गौरी, तुमको निशदिन ध्यावत, हरि ब्रह्मा शिवरी॥

सन्तोषी माता आरती

जय सन्तोषी माता, मैया जय सन्तोषी माता। अपने सेवक जन की सुख सम्पति दाता..

श्री बृहस्पति देव की आरती

जय वृहस्पति देवा, ऊँ जय वृहस्पति देवा । छिन छिन भोग लगा‌ऊँ..

Shiv Chalisa - Shiv Chalisa
Ram Bhajan - Ram Bhajan
Bhakti Bharat APP