Shri Ram Bhajan
गूगल पर भक्ति भारत को अपना प्रीफ़र्ड सोर्स बनाएँ

आरती राम लला की (Aarti Ram Lala Ki)


आरती कीजे श्रीरामलला की ।
पूण निपुण धनुवेद कला की ॥
धनुष वान कर सोहत नीके ।
शोभा कोटि मदन मद फीके ॥

सुभग सिंहासन आप बिराजैं ।
वाम भाग वैदेही राजैं ॥

कर जोरे रिपुहन हनुमाना ।
भरत लखन सेवत बिधि नाना ॥

शिव अज नारद गुन गन गावैं ।
निगम नेति कह पार न पावैं ॥

नाम प्रभाव सकल जग जानैं ।
शेष महेश गनेस बखानैं ॥

भगत कामतरु पूरणकामा ।
दया क्षमा करुना गुन धामा ॥

सुग्रीवहुँ को कपिपति कीन्हा ।
राज विभीषन को प्रभु दीन्हा ॥

खेल खेल महु सिंधु बधाये ।
लोक सकल अनुपम यश छाये ॥

दुर्गम गढ़ लंका पति मारे ।
सुर नर मुनि सबके भय टारे ॥

देवन थापि सुजस विस्तारे ।
कोटिक दीन मलीन उधारे ॥

कपि केवट खग निसचर केरे ।
करि करुना दुःख दोष निवेरे ॥

देत सदा दासन्ह को माना ।
जगतपूज भे कपि हनुमाना ॥

आरत दीन सदा सत्कारे ।
तिहुपुर होत राम जयकारे ॥

कौसल्यादि सकल महतारी ।
दशरथ आदि भगत प्रभु झारी ॥

सुर नर मुनि प्रभु गुन गन गाई ।
आरति करत बहुत सुख पाई ॥

धूप दीप चन्दन नैवेदा ।
मन दृढ़ करि नहि कवनव भेदा ॥

राम लला की आरती गावै ।
राम कृपा अभिमत फल पावै ॥
रचनाकार: डॉ. संतोष कुमार पांडेय

Aarti Ram Lala Ki in English

Aarti Keeje Shreeramlala Ki । Poon Nipun Dhanuved Kala Ki ॥ Dhanush Vaan Kar Sohat Neeke ।
यह भी जानें

Aarti Shri Ram AartiShri Raghuvar AartiRam Navmi AartiRamayan Path AartiVijayadashami AartiRam Lala Aarti

अगर आपको यह आरती पसंद है, तो कृपया शेयर, लाइक या कॉमेंट जरूर करें!

Whatsapp Channelभक्ति-भारत वॉट्स्ऐप चैनल फॉलो करें »
इस आरती को भविष्य के लिए सुरक्षित / बुकमार्क करें Add To Favorites
* कृपया अपने किसी भी तरह के सुझावों अथवा विचारों को हमारे साथ अवश्य शेयर करें।

** आप अपना हर तरह का फीडबैक हमें जरूर साझा करें, तब चाहे वह सकारात्मक हो या नकारात्मक: यहाँ साझा करें।

आरती ›

जय अम्बे गौरी - आरती

जय अम्बे गौरी, मैया जय श्यामा गौरी, तुमको निशदिन ध्यावत, हरि ब्रह्मा शिवरी॥ अनुराधा पौडवाल द्वारा गाए गए संपूर्ण जय अम्बे गौरी माता की आरती पढ़ें।

अम्बे तू है जगदम्बे काली: माँ दुर्गा, माँ काली आरती

अम्बे तू है जगदम्बे काली जय दुर्गे खप्पर वाली। तेरे ही गुण गाये भारती...अनुराधा पौडवाल द्वारा गाए गए संपूर्ण अंबे तू है जगदंबे काली आरती के लरिक्स।

ॐ जय जगदीश हरे आरती

ॐ जय जगदीश हरे, स्वामी जय जगदीश हरे। भक्त जनों के संकट, दास जनों के संकट, क्षण में दूर करे॥

शिव आरती - ॐ जय शिव ओंकारा

जय शिव ओंकारा, ॐ जय शिव ओंकारा। ब्रह्मा, विष्णु, सदाशिव, अर्द्धांगी धारा॥

सन्तोषी माता आरती

जय सन्तोषी माता, मैया जय सन्तोषी माता। अपने सेवक जन की सुख सम्पति दाता..

आरती राम लला की

आरती कीजे श्रीरामलला की । पूण निपुण धनुवेद कला की ॥ धनुष वान कर सोहत नीके..

श्री बृहस्पति देव की आरती

जय वृहस्पति देवा, ऊँ जय वृहस्पति देवा । छिन छिन भोग लगा‌ऊँ..

Shri Krishna Bhajan - Shri Krishna Bhajan
Ram Bhajan - Ram Bhajan
Bhakti Bharat APP