गजमुखं द्विभुजं देवा लम्बोदरं - भजन (Gajmukham Dvibhujam Deva Lambodaram)


गजमुखं द्विभुजं देवा लम्बोदरं,
भालचंद्रं देवा देव गौरीशुतं ॥
कौन कहते है गणराज आते नही,
भाव भक्ति से उनको बुलाते नही ॥

कौन कहते है गणराज खाते नही,
भोग मोदक का तुम खिलाते नही ॥

कौन कहते है गणराज सोते नही,
माता गौरा के जैसे सुलाते नही ॥

कौन कहते है गणराज नाचते नही,
रिद्धि सिद्धि के जैसे नचाते नही ॥

गजमुखं द्विभुजं देवा लम्बोदरं,
भालचंद्रं देवा देव गौरीशुतं ॥
Gajmukham Dvibhujam Deva Lambodaram - Read in English
Gajmukham Dvibhujam Deva Lambodaram, Bhalchandram Deva Dev Gaurishutam ॥
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