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पारंपरिक मोदक बनाने की विधि!


मोदक श्री गणेश का सबसे प्रिय मिष्ठान है, अतः इनका प्रयोग गणेशोत्सव के दौरान भोग लगाने में किया जाता है, आइए जानते हैं पारंपरिक तरीके से मोदक बनाने की सरल विधि...

बनाने की विधि:
सबसे पहले एक बर्तन (भगोनें) में पानी को गरम करते हैं, अब इस पानी को चौथाई(1/4) चम्मच नमक व एक चम्मच घी डालकर कर उबाल आने तक गरम कर लेते हैं। जब पानी में उबाल आ जाए तब गैस को बन्द कर देते हैं और इस पानी में चावल का आटा डालकर चमचे की सहायता से लगातार चलाते हुए अच्छी तरह मिला लेते हैं। अब इस मिश्रण को पांच मिनट के लिए ढक कर रख देते हैं।

अब एक कढ़ाई में खसखस डाल कर धीमी आंच पर हल्का भुन लेते हैं। भुने हुऐ खसखस को किसी अन्य बर्तन में निकाल लेते हैं। अब इसी कढ़ाई में गुड़ को धीमी आंच पर कलछी से चलाते हुए पिघला लेते हैं। जब गुड़ अच्छी तरह पिघल जाए तब इसमें कद्दू कस किए नारियल को डाल कर अच्छी तरह से मिला कर मिश्रण को गाढ़ा होने देते हैं। जब मिश्रण गाढ़ा हो जाए तब इसमें भुने हुए खसखस, बारीक कटे काजू-बादाम, किसमिस व इलाइची पाउडर डाल कर अच्छी तरह मिला लेते है, अब गैस को बन्द कर देते हैं। इस प्रकार मोदक में भरने के लिए मिश्रण(पिट्ठी) तैयार हो गई।

अब चावल के आटे को अन्य बड़े बर्तन में निकाल लेते हैं एवम् हाथों में हल्का घी लगाकर आटे को अच्छे से गूंथ कर तैयार कर लेते हैं। आटे को तब तक गूंथते हैं जब तक कि आटा एकदम नरम न हो जाए, इस आटे को एक साफ स्वच्छ कपड़े से ढक देते हैं।

अपने हाथों में हल्का घी लगाकर चिकना कर गुँथे हुए चावल के आटे में से थोड़ा सा आटा लेकर लोई बना लेते हैं। अब इस लोई को हथेली पर रखकर, दूसरे हाथ की उंगलियों की सहायता से आटे को दबाते हुए कटोरी जैसा आकार देते हैं। अब इस कटोरी में एक चम्मच से गुड़ के मिश्रण (पिट्ठी) को रख कर अगूंठे व अंगुलियों की सहायता से मोड़ डालते हुए ऊपर की तरफ चोटी का आकर देते हुए बन्द कर देते हैं। इसी प्रकार से अन्य मोदकों को बना लेते हैं।

अब किसी चौंडे मुंह वाले भगोंने में पानी को गरम करते हैं। इस भगोंने के मुंह के आकर के बराबर की छलनी में मोदकों को रख देते हैं। इस छलनी को किसी अन्य थाली से ढक कर मोदकों को १० से १५ मिनट भाप में पकने देते हैं। १५ मिनट के बाद ढक्कन हटा कर देखेगे तो मोदक भाप में पकने के बाद काफी चमकदार दिखाई देते हैं। अब मोदकों को छलनी में से किसी अन्य बर्तन में निकाल लेते हैं। इस प्रकार से भोग लगाने के लिए पारंपरिक मोदक तैयार हो गये हैं।

आवश्यक सामग्री:
चावल का आटा, गुड़, कच्चा नारियल, काजू, बादाम, किसमिस, खसखस, घी, इलाइची, नमक व पानी

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