Shri Krishna Bhajan
गूगल पर भक्ति भारत को अपना प्रीफ़र्ड सोर्स बनाएँ

शिव क्षमा प्रार्थना - स्तोत्र (Shiv Kshama Prarthana Stotra)


शिव क्षमा प्रार्थना - स्तोत्र
मृत्युञ्जय महारुद्र त्राहि मां शरणागतम्
जन्म मृत्युजरारोगैः पीड़ितं कर्म बन्धनैः ॥१॥
मन्त्रेणाक्षर हीनेन पुष्पेण विफलेन च
पूजितोसि महादेव तत्सर्वं क्षम्यतां मम ॥२॥

करचरण कृतं वाक्कायजं कर्मजं वा
श्रवननयंजं वा मानसं वापराधम् ॥३॥
भक्तिभारत लिरिक्स

विहितमविहितं वा सर्वमेतत क्षमस्व
जय जय करुणाब्धे श्री महादेवशम्भो ॥४॥

आवाहनं न जानामि न जानामि तवार्चनम्
पूजां चैव न जानामि क्षमस्व महेश्वरः ॥५॥

अन्यथा शरणं नास्ति, त्वमेव शरणं मम्।
तस्मात्कारूणयभावेन रक्षस्व पार्वतीनाथः ॥६॥

गतं पापं गतं दुःखं गतं दारिद्रयमेव च
आगता सुख सम्पतिः पुण्याच्च तव दर्शनात् ॥७॥

मन्त्रहीनं क्रियाहीनं भक्तिहीनं सुरेश्वर !
यत्पूजितम् मया देव परिपूर्ण तदस्तु मे ॥८॥

हरहर महादेव यदक्षरंपदं भ्रष्टं मात्राहीनं च यद्भवेत्।
तत्सर्वं क्षम्यतां देव प्रसीद शिवशंकर ॥९॥

Shiv Kshama Prarthana Stotra in English

Mrityunjaya Maharudra Trahi Maa Sharanagatam, Janam mrityujararogaih pohittam karma bandhanaiah ॥1॥
यह भी जानें
मंत्र का मूल रूप

Mantra Shiv Kshama Prarthana Stotra MantraShiv MantraBholenath MantraMahadev MantraShivaratri MantraSavan Ke Somvar MantraMonday MantraSomwar MantraSomvati Amavasya Mantra

अगर आपको यह मंत्र पसंद है, तो कृपया शेयर, लाइक या कॉमेंट जरूर करें!

Whatsapp Channelभक्ति-भारत वॉट्स्ऐप चैनल फॉलो करें »
इस मंत्र को भविष्य के लिए सुरक्षित / बुकमार्क करें Add To Favorites
* कृपया अपने किसी भी तरह के सुझावों अथवा विचारों को हमारे साथ अवश्य शेयर करें।

** आप अपना हर तरह का फीडबैक हमें जरूर साझा करें, तब चाहे वह सकारात्मक हो या नकारात्मक: यहाँ साझा करें

मंत्र ›

विष्णु सहस्रनाम: M.S.Subbulakshmi

भगवान श्री विष्णु के 1000 नाम! विष्णुसहस्रनाम का पाठ करने वाले व्यक्ति को यश, सुख, ऐश्वर्य, संपन्नता...

श्री गोपाल सहस्त्रनाम स्तोत्रम्

अथ ध्यानम - कस्तूरीतिलकं ललाटपटले वक्ष:स्थले कौस्तुभं नासाग्रे वरमौत्तिकं करतले वेणुं करे कंकणम ।...

भवान्यष्टकम्न - तातो न माता

न तातो न माता न बन्धुर्न दाता, न पुत्रो न पुत्री न भृत्यो न भर्ता । न जाया न विद्या न वृत्तिर्ममैव..

अयमात्मा ब्रह्म महावाक्य

अयमात्मा ब्रह्म भारत के पुरातन हिंदू शास्त्रों व उपनिषदों में वर्णित महावाक्य है, जिसका शाब्दिक अर्थ है यह आत्मा ब्रह्म है।

वक्रतुण्ड महाकाय - गणेश मंत्र

वक्रतुण्ड महाकाय सूर्यकोटि समप्रभ। निर्विघ्नं कुरु मे देव सर्वकार्येषु सर्वदा॥

नामावलि: श्री गणेश अष्टोत्तर नामावलि

श्री गणेश के 108 नाम और उनसे जुड़े मंत्र। गजानन- ॐ गजाननाय नमः। गणाध्यक्ष- ॐ गणाध्यक्षाय नमः...

Hanuman Chalisa - Hanuman Chalisa
Hanuman Chalisa - Hanuman Chalisa
Bhakti Bharat APP