12 ज्योतिर्लिंग: भक्त कहाँ पवित्र शिवलिंग को छू सकते हैं? (12 Jyotirlingas: Where Can Devotees Touch the Sacred Shivling)

12 ज्योतिर्लिंगों में दर्शन और स्पर्श के नियम हर मंदिर में एक जैसे नहीं हैं। कुछ मंदिरों में श्रद्धालुओं को सीधे पवित्र शिवलिंग का स्पर्श करने या पूजा करने की अनुमति होती है, जबकि अन्य मंदिरों में शिवलिंग को छूने पर प्रतिबंध होता है और दर्शन निर्धारित दूरी से करने होते हैं। त्योहारों, विशेष पूजाओं, अत्यधिक भीड़, सुरक्षा व्यवस्था या मंदिर प्रशासन के निर्देशों के अनुसार ये नियम बदल भी सकते हैं। द्वादश(12) शिव ज्योतिर्लिंग के बारे में पढ़ें।
❀ सोमनाथ ज्योतिर्लिंग – ज्योतिर्लिंग का स्पर्श अनुमत नहीं है / प्रतिबंधित है। सामान्य दर्शन निर्धारित स्थान से किए जाते हैं।

❀ मल्लिकार्जुन ज्योतिर्लिंग, श्रीशैलम, आंध्र प्रदेश – सीमित समय के लिए ज्योतिर्लिंग के स्पर्श की अनुमति है। प्रत्यक्ष सेवा उपलब्ध है और सेवा के लिए पारंपरिक वस्त्र आवश्यक होते हैं।

❀ महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग, उज्जैन, मध्य प्रदेश – ज्योतिर्लिंग का स्पर्श अनुमत नहीं है / प्रतिबंधित है। यह मंदिर प्रसिद्ध भस्म आरती के लिए जाना जाता है।

❀ ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग, मध्य प्रदेश – ज्योतिर्लिंग का स्पर्श अनुमत नहीं है / प्रतिबंधित है। मंदिर की निर्धारित व्यवस्था के अनुसार गर्भगृह में जल अर्पित करने की सुविधा उपलब्ध हो सकती है।

❀ केदारनाथ ज्योतिर्लिंग, उत्तराखंड – सीमित समय के लिए शिवलिंग के स्पर्श की अनुमति है, सामान्यतः सुबह 4 बजे से दोपहर 12 बजे तक।

❀ भीमाशंकर ज्योतिर्लिंग, महाराष्ट्र – सीमित समय के लिए स्पर्श दर्शन की अनुमति है।

❀ काशी विश्वनाथ ज्योतिर्लिंग, वाराणसी, उत्तर प्रदेश – ज्योतिर्लिंग के स्पर्श की अनुमति सुबह 4 बजे से 5 बजे तक है।

❀ त्र्यंबकेश्वर ज्योतिर्लिंग, महाराष्ट्र – ज्योतिर्लिंग के स्पर्श की अनुमति सुबह 4 बजे से 5 बजे तक है।

❀ बैद्यनाथ / वैद्यनाथ ज्योतिर्लिंग, देवघर, झारखंड – सामान्य दिनों में ज्योतिर्लिंग के स्पर्श की अनुमति है, लेकिन सावन महीने में स्पर्श प्रतिबंधित हो सकता है। कांवड़िए पारंपरिक रूप से पवित्र जल अर्पित करते हैं।

❀ नागेश्वर ज्योतिर्लिंग, द्वारका के निकट, गुजरात – सुबह 6 बजे से 11 बजे तक ज्योतिर्लिंग के स्पर्श की अनुमति है।

❀ रामेश्वरम / रामनाथस्वामी ज्योतिर्लिंग, तमिलनाडु – ज्योतिर्लिंग का स्पर्श अनुमत नहीं है। यह मंदिर अपने पवित्र कुओं और धार्मिक स्नान के लिए प्रसिद्ध है।

❀ घृष्णेश्वर ज्योतिर्लिंग, महाराष्ट्र – परंपरागत रूप से शिवलिंग के स्पर्श की अनुमति है, लेकिन यह मंदिर की वर्तमान परिस्थितियों और नियमों पर निर्भर करता है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार श्रद्धालु शिवलिंग का स्पर्श कर पंचामृत अर्पित कर सकते हैं।
12 Jyotirlingas: Where Can Devotees Touch the Sacred Shivling - Read in English
The rules regarding darshan (viewing) and physical contact vary across the 12 Jyotirlinga temples. In some temples, devotees are permitted to directly touch or worship the sacred Shivling, whereas in others, touching the Shivling is prohibited, and darshan must be performed from a designated distance.
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