मकरध्वज मंदिर @Dwarka Gujarat
श्री मकरध्वज हनुमान मंदिर (ગુજરાતી: શ્રી મકાર્ધવજ હનુમાન મંદિર) पिता-पुत्र के आनंदपूर्ण मिलन का सर्वप्रथम मंदिर है। यह देवभूमि द्वारका जिले के अंतर्गत बेट द्वारका या शंखोधर द्वीप पर स्थित है। मंदिर के गर्भग्रह में प्रवेश करते ही आप पिता और पुत्र के दर्शन कर सकते हैं।
| ◉ प्रथम श्री मकरध्वज और श्री हनुमान का एक साथ मंदिर। |
| ◉ बिना किसी हथियार, आनंद मुद्रा पिता पुत्र विग्रह हैं। |
| ◉ विजयदशमी और हनुमान जयंती सबसे प्रसिद्ध त्यौहार हैं। |
| ◉ 24x7 श्री राम जय राम जय जय राम॥ मंत्र का जप। |
द्वारका धाम @Dwarka Gujarat
द्वारका धाम सात मोक्ष पुरी में से एक माना जाता है। इन चार तीर्थों मे से एक भारत की पश्चिम दिशा मे द्वारका का यह श्री द्वारकाधीश मंदिर (ગુજરાતી: શ્રી દ્વારકાધીશ મન્દિર) है।
| ◉ आदि गुरु शंकराचार्य जी द्वारा परिभाषित चार धामों में से एक। |
| ◉ सनातन सप्त मोक्ष पुरी में से एक। |
| ◉ मंदिर का निर्माण भगवान कृष्ण के पोते द्वारा किया गया था। |
नागेश्वर ज्योतिर्लिंग @Dwarka Gujarat
श्री नागेश्वर ज्योतिर्लिंग नागों के ईश्वर रूप में भगवान शिव के बारह ज्योतिर्लिंगों में से एक है। यह गुजरात के द्वारका धाम से 17 किलोमीटर बाहरी क्षेत्र की ओर स्थित है।
| ◉ बारह के बीच में गुजरात का दूसरा आदी ज्योतिर्लिंग। |
| ◉ भगवान शिब की बड़ी ध्यान मुद्रा मूर्ति। |
| ◉ दर्शन का समय शाम 6 बजे से 12:30 बजे, शाम 5:30 बजे तक। |
श्री बेट द्वारकाधीश मंदिर @Dwarka Gujarat
श्री बेट द्वारकाशी मंदिर, द्वारका द्वीप पर भगवान कृष्ण के निवास स्थान पर ही है, मंदिर में श्री कृष्ण की मूल मूर्ति उनकी पत्नी देवी रुक्मानी द्वारा स्थापित की गई है।
रुक्मणी मंदिर, द्वारका @Dwarka Gujarat
श्री रुक्मणी देवी मंदिर भगवान कृष्ण की प्रमुख पत्नी रुक्मिणी को समर्पित है, जिन्हें माता लक्ष्मी का अवतार माना जाता है। मंदिर के गर्भगृह में माता रुक्मणी का चतुर्भुजी सुंदर विग्रह है।
| ◉ देवी रुक्मणी का पहला मंदिर। |
| ◉ पेयजल दान उच्चतम आशीर्वाद है। |
श्री भड़केश्वर महादेव मंदिर @Dwarka Gujarat
लगभग पाँच हजारों साल पहिले अरब सागर मे स्वयं से प्रगट हुआ यह शिवलिंग आज श्री भड़केश्वर महादेव मंदिर के नाम से प्रसिद्ध है।
| ◉ जून / जुलाई में, सागर स्वयं ही शिवलिंग का अभिषेक करता है। |
| ◉ फाल्गुन महा शिवरात्रि मेला मंदिर का सबसे बड़ा महोत्सव है। |
| ◉ अभिषेक का समय सुबह 8:00 बजे से दोपहर 12:00 बजे तक है। |
श्री गायत्री शक्तिपीठ, द्वारका @Dwarka Gujarat
सन् 1983 से श्री गायत्री शक्तिपीठ द्वारिका मे माँ गायत्री का एक मात्र मंदिर है, जिसके साथ-साथ यहाँ धार्मिक यात्रियों के रुकने के लिए धर्मशाला भी जुड़ी हुई है।
| ◉ द्वारका का केवल माँ गायत्री मंदिर। |
| ◉ मंदिर स्थापन दिवस पर अन्नकूट। |
बिरला गीता मंदिर @Dwarka Gujarat
बिरला गीता मंदिर! भगवद गीता के शिक्षाप्रद मूल्यों की रक्षा हेतु बिड़ला ग्रुप द्वारा स्थापित एक सरल, सुंदर और शान्तिमय मंदिर है, जैसा कि भारत के अन्य प्रमुख शहरों में बिड़ला मंदिर फैले हुए हैं।
| ◉ बिड़ला समूह द्वारा स्थापित गीता मंदिर। |
| ◉ भक्तों के लिए गेस्ट हाउस भी उपलब्ध है। |
श्री नरवाई माँ मंदिर @Dwarka Gujarat
श्री नरवाई माँ मंदिर (ગુજરાતી: શ્રી નરવાખાઈ માંનુ મંદિર) सोमनाथ से द्वारका जाने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग पर पोरबंदर जिले के गोसा गाँव मे 100 साल से स्थित है।
| मंदिर | पता |
|---|---|
| मकरध्वज मंदिर | Dwarka Gujarat |
| द्वारका धाम | Dwarka Gujarat |
| नागेश्वर ज्योतिर्लिंग | Dwarka Gujarat |
| श्री बेट द्वारकाधीश मंदिर | Dwarka Gujarat |
| रुक्मणी मंदिर, द्वारका | Dwarka Gujarat |
| श्री भड़केश्वर महादेव मंदिर | Dwarka Gujarat |
| श्री गायत्री शक्तिपीठ, द्वारका | Dwarka Gujarat |
| बिरला गीता मंदिर | Dwarka Gujarat |
| श्री नरवाई माँ मंदिर | Dwarka Gujarat |