भजन: जीवन है तेरे हवाले, मुरलिया वाले.. (Jeevan Hai Tere Hawale Muraliya Wale)


जीवन है तेरे हवाले,
मुरलिया वाले,
जीवन हैं तेरे हवाले,
मुरलिया वाले ।

हम कठ पुतली तेरे हाथ की,
हम कठ पुतली तेरे हाथ की,
तेरे हाथ की,
तेरे हाथ की,
हम कठ पुतली तेरे हाथ की,
चाहे जैसे नचाले,
मुरलिया वाले,
जीवन है तेरे हवाले,
मुरलिया वाले ।

हम तो मुरली तेरे हाथ की,
हम तो मुरली तेरे हाथ की,
तेरे हाथ की,
तेरे हाथ की,
हम तो मुरली तेरे हाथ की,
चाहे जैसे बजाले,
मुरलिया वाले,
जीवन हैं तेरे हवाले,
मुरलिया वाले ।

हम दीवाने सब तेरे मोहन,
हम दीवाने सब तेरे मोहन,
तेरे मोहन,
तेरे मोहन,
अब तो गले लगाले,
मुरलिया वाले,
जीवन हैं तेरे हवाले,
मुरलिया वाले ।

मेरे अपने हुए बेगाने,
मेरे अपने हुए बेगाने,
हुए बेगाने,
हुए बेगाने,
अब तू ही अपनाले,
मुरलिया वाले,
ये जीवन हैं तेरे हवाले,
मुरलिया वाले ।

हम तो दासी तेरे चरणों की,
तेरे चरणों की,
तेरे चरणों की,
चरणों में मुझको बसाले,
मुरलिया वाले,
ये जीवन है तेरे हवाले,
मुरलिया वाले ।

ये जीवन है तेरे हवाले,
मुरलिया वाले,
जीवन हैं तेरे हवाले,
मुरलिया वाले ।

Jeevan Hai Tere Hawale Muraliya Wale in English

Jeevan Hai Tere Havale, Muraliya Vale, Tere Hath Ki, Hum Kath Putli Tere Hath Ki, Chahe Jaise Nachale
यह भी जानें

BhajanShri Krishna BhajanBrij BhajanBaal Krishna BhajanBhagwat BhajanJanmashtami BhajanShri Kunj Bihari BhajanLaddu Gopal BhajanHemlata Shastri Bhajan


अगर आपको यह लेख पसंद आया, तो कृपया शेयर, लाइक या कॉमेंट जरूर करें!

* यदि आपको इस पेज में सुधार की जरूरत महसूस हो रही है, तो कृपया अपने विचारों को हमें शेयर जरूर करें: यहाँ शेयर करें
** आप अपना हर तरह का फीडबैक हमें जरूर शेयर करें, तब चाहे वह सकारात्मक हो या नकारात्मक: यहाँ शेयर करें

भजन: सीता राम, सीता राम, सीताराम कहिये

सीता राम सीता राम सीताराम कहिये, जाहि विधि राखे राम ताहि विधि रहिये।...

भजन: घर आये राम लखन और सीता

घर आये राम लखन और सीता, अयोध्या सुन्दर सज गई रे, सुन्दर सज गई रे अयोध्या...

अब सौंप दिया इस जीवन का, सब भार - भजन

अब सौंप दिया इस जीवन का, सब भार तुम्हारे हाथों में, है जीत तुम्हारे हाथों में...

भजन: आजु मिथिला नगरिया निहाल सखिया...

आजु मिथिला नगरिया निहाल सखिया, चारों दुलहा में बड़का कमाल सखिया!

भजन: ना जाने कौन से गुण पर, दयानिधि रीझ जाते हैं!

ना जाने कौन से गुण पर, दयानिधि रीझ जाते हैं। यही सद् ग्रंथ कहते हैं, यही हरि भक्त गाते हैं...

भजन: रघुपति राघव राजाराम

रघुपति राघव राजाराम, पतित पावन सीताराम ॥ सुंदर विग्रह मेघश्याम, गंगा तुलसी शालग्राम...

भजन: बिनती सुनिए नाथ हमारी..

बिनती सुनिए नाथ हमारी, हृदयष्वर हरी हृदय बिहारी, हृदयष्वर हरी हृदय बिहारी, मोर मुकुट पीतांबर धारी..

🔝